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Israel-America Iran War: ईरान ने अब तक कितनी जंग लड़ी, इसमें कितने जीते-कितने हारे?

Israel-America Iran War: ईरान, यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि अब तक ईरान ने कितने युद्ध लड़े हैं और कितनों में उसकी जीत हुई है.

Israel-America Iran War: ईरान पर यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के एयर स्ट्राइक लगातार दूसरे दिन भी जारी हैं. इसी के साथ ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में इजरायली और यूएस मिलट्री बेस पर जवाबी हमले किए हैं. रिपोर्ट्स में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की भी पुष्टि हुई है. इन बढ़ते तनावों के बीच आइए जानते हैं ईरान के लंबे मिलिट्री इतिहास के बारे में. 

ईरान का मिलिट्री इतिहास 

ईरान को ऐतिहासिक रूप से पर्शिया के नाम से जाना जाता है. इसका इतिहास दुनिया के सबसे लंबे मिलिट्री इतिहास में से एक है. यह 2500 साल से भी ज्यादा पुराना है. 

कैसा था प्राचीन पर्शिया? 

प्राचीन पर्शिया कभी 6वीं सदी BC में साइरस द ग्रेट जैसे शासकों के राज में दुनिया का पहला सुपर पावर था. पर्शियन साम्राज्य का एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बड़े इलाकों पर कंट्रोल था. लेकिन पर्शिया को अपनी सबसे बड़ी हार तब मिली जब 330 BC में सिकंदर महान ने पर्शिया साम्राज्य को जीत लिया. इससे इतिहास के सबसे ताकतवर साम्राज्यों में से एक का पतन हुआ. 

बाद में ससानियन साम्राज्य, जिसने इस्लाम से पहले ईरान पर राज किया था, सातवीं सदी में अरब सेनाओं से हार गया. इस हार ने पर्शिया के शाही शासन को खत्म कर दिया. इसके बाद इस्लाम आया और इस्लाम ने ईरान की संस्कृति और धार्मिक पहचान हमेशा के लिए बदल दी. 

मंगोल हमले से भारी तबाही 

1219 और 1260 के बीच मंगोल लीडर चंगेज खान और उसके बाद आने वालों ने ईरान पर हमला किया. उन्होंने बड़े शहरों को तबाह कर दिया और भारी जान-माल का नुकसान हुआ. यह हमला ईरानी इतिहास की सबसे भयानक सैन्य हार में से एक था.

सैन्य हार के बावजूद पर्शिया की संस्कृति बची रही और उसने मंगोल को भी प्रभावित किया. उन्होंने बाद में इस्लाम और पर्शिया के प्रशासनिक सिस्टम को अपना लिया.

ईरान-इराक युद्ध 

1980 से 1988 तक चला ईरान-इराक युद्ध ईरान का सबसे बड़ा मॉडर्न युद्ध बना. सद्दाम हुसैन की लीडरशिप में इराक ने इस्लामी क्रांति के बाद पॉलिटिकल अस्थिरता का फायदा उठाने के लिए  ईरान पर हमला किया. यह युद्ध 8 साल तक चला और इसमें लाखों लोग मारे गए. यूनाइटेड नेशंस की मध्यस्थता से बिना किसी इलाके में बदलाव के सीजफायर पर यह युद्ध खत्म हुआ. मिलिट्री के हिसाब से यह एक रुकावट थी लेकिन ईरान इसे एक स्ट्रैटेजिक जीत मानता है.

मिडिल ईस्ट में प्रॉक्सी वॉर 

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान पारंपरिक युद्ध से हटकर प्रोक्सी संघर्षों और क्षेत्रीय असर की ओर बढ़ गया. ईरान ने लेबनान, सीरिया, इराक और यमन जैसे देशों में सहयोगी ग्रुप का सपोर्ट किया. इस रणनीति के जरिए ईरान ने सीधे बड़े पैमाने पर हमले किए बिना अपना असर बढ़ाया. हालांकि इन झगड़ों से पारंपरिक युद्ध के मैदान में जीत नहीं मिलती लेकिन इसे ईरान की जियोपॉलिटिकल स्थिति मजबूत हुई.

ईरान के मौजूदा हालात 

बीते कुछ सालों में ईरान और इजरायल के बीच तनाव सीधे मिलिट्री लेनदेन में बदल चुका है. मिसाइल हमले, ड्रोन युद्ध और साइबर हमले मुख्य हथियार बन चुके हैं. हालांकि किसी भी पक्ष को कोई साफ मिलिट्री जीत नहीं मिल पाई. इन झगड़ों को आमतौर पर स्ट्रैटेजिक रुकावट माना जाता है. हाल ही में ईरान, इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच भी युद्ध जारी है. 

अपने लंबे इतिहास में ईरान ने बड़ी जीत और बुरी हार दोनों देखी हैं. इतने सिकंदर महान और अरब सेनाओं के हाथों अपना साम्राज्य खो दिया, मंगोल हमले में तबाही झेली और इराक के साथ लंबे समय तक लड़ाई लड़ी. हालांकि ईरान ने लगातार अपने क्षेत्रीय असर को बनाए रखा है.

यह भी पढ़ें: ईरान के हमले में अगर तबाह हो गया बुर्ज खलीफा तो कौन देगा इसका मुआवजा, जान लें नियम

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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