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Strait Of Hormuz Toll: क्या समुद्र में जहाजों को देना पड़ता है टोल, जानें होर्मुज स्ट्रेट में कौन लगाता है यह टैक्स?

Strait Of Hormuz Toll: हाल ही में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षा शुल्क लेना शुरू किया है. आइए जानते हैं क्या समुद्र में जहाजों को टोल देना पड़ता है.

Strait Of Hormuz Toll: जैसे-जैसे ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है वैश्विक व्यापार मार्गों में एक नया पहलू सामने आ रहा है. एक चौंकाने वाले कदम के तहत ईरान ने कथित तौर पर रणनीतिक रूप से जरूरी होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षित शिपिंग गलियारा बनाया है और जहाज से वहां से गुजरने के लिए भारी शुल्क वसूल रहा है. इससे दुनिया भर में एक बहस छिड़ गई है. क्या जहाजों को सचमुच खुले समुद्र में टोल देना पड़ता है या नहीं? आइए जानते हैं.

समुद्र में टोल का नियम

अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत खुले समुद्र में यात्रा करते समय जहाजों को कोई भी टोल नहीं देना पड़ता. समुद्रों को वैश्विक साझा संसाधन माना जाता है. इसका मतलब है कि कोई भी देश सिर्फ अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र से गुजरने के लिए शुल्क नहीं ले सकता. यह सिद्धांत सुचारू वैश्विक व्यापार को सुनिश्चित करने के लिए काफी जरूरी है. 

होर्मुज में ईरान का सुरक्षा शुल्क 

हालांकि होर्मुज स्टेट में स्थिति काफी मुश्किल होती जा रही है. रिपोर्ट से ऐसा पता चला है कि ईरान के इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक नियंत्रित मार्ग को बनाया है और कुछ जहाजों से सुरक्षा शुल्क वसूला जा रहा है. कुछ मामलों में यह शुल्क प्रति जहाज 2 मिलियन डॉलर तक बताया जा रहा है. लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक कम से कम एक जहाज को सुरक्षित कॉरिडोर से गुजारने के लिए 20 लाख डॉलर वसूले गए हैं. 

ईरान यह शुल्क क्यों वसूल रहा है?

ईरान का ऐसा तर्क है कि वह एक संघर्ष  वाले इलाके में सुरक्षा और सुरक्षित मार्ग दे रहा है. इस वजह से जहाजों को इस लागत में योगदान देना चाहिए. सांसदों ने इन शुल्कों को सही ठहराने के लिए औपचारिक कानून का प्रस्ताव भी रखा है.

क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून? 

समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के मुताबिक सभी देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेट से पारगमन मार्ग का अधिकार मिला हुआ है. इसका मतलब है कि तटीय देश जहाज पर सिर्फ वहां से गुजरने के लिए टैक्स या टोल नहीं लगा सकते. 

जहाज आमतौर पर टोल कहां देते हैं? 

हालांकि प्राकृतिक समुद्री मार्ग आमतौर पर टोल मुक्त होते हैं लेकिन इसके बावजूद भी जहाज नहरों जैसे मानव निर्मित जलमार्गों में काफी शुल्क अदा करते हैं. इसके अलावा बंदरगाह या फिर क्षेत्रीय जल क्षेत्र में प्रवेश करते समय जहाजों को बंदरगाह शुल्क, पायलट शुल्क और लाइट शुल्क का भुगतान करना पड़ता है. 

समुद्री शुल्क की गणना कैसे की जाती है? 

सड़क टोल के उलट जो वहां के प्रकार पर निर्भर होते हैं समुद्री शुल्क की गणना जहाज के ग्रॉस टनेज, जहाज के प्रकार और इस आधार पर की जाती है कि वह जहाज माल ले जा रहा है या फिर खाली चल रहा है. इससे यह पक्का होता है कि बड़े और भारी जहाज से ज्यादा शुल्क मिले.

यह भी पढ़ें: जब इजरायल ने अमेरिका पर कर दिया था हमला, जवाब तक नहीं दे पाया था दुनिया का सबसे ताकतवर देश

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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