एक्सप्लोरर

Interceptor Missile System: ईरान-इजरायल जंग में कैसे काम कर रहा इंटरसेप्टर, यह मिसाइल को कैसे करता है नष्ट?

Interceptor Missile System: मिडिल लिस्ट में चल रहे तनाव में इंटरसेप्टर एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. आइए जानते हैं कैसे करते हैं यह काम.

Interceptor Missile System: मिडिल ईस्ट में तनाव तेज होता जा रहा है. वहीं एक तकनीक इजरायल की रक्षा की रीढ़ बन गई है. यह तकनीक है इंटरसेप्टर मिसाइल. ये सिस्टम आने वाले रॉकेट, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. आधुनिक युद्ध में जहां खतरे काफी तेज रफ्तार से आते हैं इंटरसेप्टर एक ढाल का काम करते हैं.

इंटरसेप्टर कैसे काम करता है? 

अपने मूल रूप में इंटरसेप्टर एक ऐसे सिद्धांत पर काम करता है जिसे अक्सर 'हिटिंग ए बुलेट विद बुलेट' कहा जाता है. यह प्रक्रिया शक्तिशाली रडार सिस्टम से शुरू होती है जो लगातार आसमान को स्कैन करते रहते हैं. जिस पल कोई भी मिसाइल या फिर ड्रोन लॉन्च होता है, ये रडार उसे पकड़ लेते हैं और उसकी रफ्तार, ऊंचाई और रास्ते को रियल टाइम में ट्रैक करते हैं. 

इसके बाद यह डेटा एक कमांड और कंट्रोल सेंटर में भेज दिया जाता है. वहां एडवांस्ड कंप्यूटर इस बात का हिसाब लगाते हैं कि आने वाला खतरा कहां गिर सकता है. यदि सिस्टम यह तय करता है कि मिसाइल किसी खुले इलाके या समुद्र में गिरेगी तो कोई इंटरसेप्टर लॉन्च नहीं किया जाता. इससे लागत और गोला बारूद दोनों की बचत होती है. लेकिन अगर लक्ष्य कोई भी शहर या कोई दूसरी जगह है तो तुरंत एक इंटरसेप्टर दागा जाता है. एक बार लॉन्च होने के बाद इंटरसेप्टर लक्ष्य को लॉक करने और उसे हवा में ही नष्ट करने के लिए अपने अंदर लगे सेंसर का इस्तेमाल करता है.

मिसाइल को नष्ट करने के तरीके 

इंटरसेप्टर दो तरीकों से खतरों को खत्म करता है. पहला तरीका है हिट टू किल. इसमें इंटरसेप्टर सीधे आने वाली मिसाइल से टकराता है और अपनी जबरदस्त ताकत से उसे नष्ट कर देता है. दूसरे तरीके में विस्फोट शामिल होते हैं. इसमें इंटरसेप्टर लक्ष्य के पास फट जाता है और उससे निकलने वाले टुकड़े मिसाइल को नष्ट कर देते हैं. 

आयरन डोम की ताकत 

इजरायल का सबसे मशहूर सिस्टम आयरन डोम है. इसे कम दूरी के रॉकेट और मोर्टार के गोलों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया है. यह एक ही समय में कई खतरों को ट्रैक और इंटरसेप्ट कर सकता है. इससे यह शहर और आम लोगों वाले इलाकों की सुरक्षा के लिए काफी जरूरी बन जाता है. मौजूदा संघर्ष में बड़ी संख्या में दागे गए रॉकेट और ड्रोन को रोकने के लिए इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है.

डेविड्स स्लिंग 

ज्यादा एडवांस्ड और लंबी दूरी के खतरों के लिए इजरायल डेविड्स स्लिंग पर निर्भर है. यह सिस्टम क्रूज मिसाइल और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने में सक्षम है. इसमें वे  मिसाइल भी शामिल हैं जो उड़ान के बीच अपनी दिशा को बदल सकती हैं. 

एरो सिस्टम 

सबसे एडवांस स्तर एरो मिसाइल सिस्टम है. खास तौर से एरो 2 और एरो 3. ये सिस्टम लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के लिए डिजाइन किए गए हैं. एरो 3 पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर भी खतरों को नष्ट कर सकता है. इससे यह पक्का होता है कि मिसाइल का मलबा या फिर खतरनाक पेलोड आबादी वाले इलाकों में ना गिरे.

यह भी पढ़ें: जब इजरायल ने अमेरिका पर कर दिया था हमला, जवाब तक नहीं दे पाया था दुनिया का सबसे ताकतवर देश

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

World Largest Headquarters: इस देश ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस हेडक्वॉर्टर, जानें किस नंबर पर आता है भारत?
इस देश ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा डिफेंस हेडक्वॉर्टर, जानें किस नंबर पर आता है भारत?
Ram Mandir Donation Theft Case: चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन दास देखेंगे राम मंदिर का कामकाज, क्या इन्हें अलग सैलरी देगा ट्रस्ट?
चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन दास देखेंगे राम मंदिर का कामकाज, क्या इन्हें अलग सैलरी देगा ट्रस्ट?
Ayodhya Ram Mandir Controversy: यूपी के इस कॉलेज में लेक्चरर रह चुके चंपत राय, क्या उन्हें वहां से मिलती है पेंशन?
यूपी के इस कॉलेज में लेक्चरर रह चुके चंपत राय, क्या उन्हें वहां से मिलती है पेंशन?
Ayodhya Ram Mandir Controversy: मस्जिद के लिए वक्फ बोर्ड और मंदिर के लिए ट्रस्ट, जानें क्या है दोनों के संचालन तरीके में फर्क?
मस्जिद के लिए वक्फ बोर्ड और मंदिर के लिए ट्रस्ट, जानें क्या है दोनों के संचालन तरीके में फर्क?

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ओम्स्क रिफाइनरी को बनाया निशाना, लंबी दूरी के ड्रोन से किया अटैक
यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ओम्स्क रिफाइनरी को बनाया निशाना, लंबी दूरी के ड्रोन से किया अटैक
महाराष्ट्र मौसम अपडेट, 7 July: मुंबई में उठीं 13 फीट ऊंची लहरें, फ्लाइट प्रभावित, कल कैसा रहेगा मौसम?
महाराष्ट्र मौसम अपडेट, 7 July: मुंबई में उठीं 13 फीट ऊंची लहरें, फ्लाइट प्रभावित, कल कैसा रहेगा मौसम?
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
BCCI ने इंग्लैंड के खिलाफ ODI सीरीज के किया टीम इंडिया में बदलाव, 2 साल बाद खूंखार ऑलराउंडर की वापसी
Satluj: बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
'मुझे विधानसभा सीट के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया', जीतन राम मांझी का छलका दर्द, चिराग पर क्यों भड़के?
'मुझे विधानसभा सीट के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया', जीतन राम मांझी का छलका दर्द, चिराग पर क्यों भड़के?
अमित शाह ने UCC को लेकर किया बड़ा ऐलान, श्यामा प्रसाद की 125वीं जयंती पर बोले -'कमेटी बन चुकी, जल्द ही...'
अमित शाह ने UCC को लेकर किया बड़ा ऐलान, श्यामा प्रसाद की 125वीं जयंती पर बोले -'कमेटी बन चुकी, जल्द ही...'
Explained: वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह... तो कहीं विरोध! इसके नतीजे अच्छे या बुरे?
वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य नियुक्त, कहीं वाह-वाह, कहीं विरोध! नतीजे अच्छे या बुरे?
मणिपुर में उग्रवादियों का हमला, असम राइफल्स के दो जवान शहीद कई घायल; राज्यपाल ने जताया दुख
मणिपुर में उग्रवादियों का हमला, असम राइफल्स के दो जवान शहीद कई घायल; राज्यपाल ने जताया दुख
Embed widget