Brahmos VS Fatah 3: ब्रह्मोस के सामने कहां टिकती है पाकिस्तान की फतह-3 मिसाइल? जान लें दोनों की पावर
Brahmos VS Fatah 3: हाल ही में पाकिस्तान ने फतेह 3 लॉन्च करने का दावा किया है. आइए जानते हैं कि यह भारत की ब्रह्मोस से कितनी अलग है.

- दोनों मिसाइलें 200-400 किग्रा पारंपरिक वॉरहेड ले जाती हैं।
Brahmos VS Fatah 3: भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को लंबे समय से दुनिया की सबसे खतरनाक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में से एक माना जाता रहा है. पाकिस्तान की नई चर्चा में आई फतेह 3 मिसाइल भी सुर्खियों में आ चुकी है. हालांकि दोनों को हाई स्पीड सटीक मारक मिसाइल बताया जाता है लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का ऐसा कहना है कि इन दोनों के बीच अभी भी तकनीकी और ऑपरेशनल स्तर पर काफी बड़ा अंतर है. हाल ही में पाकिस्तान ने फतेह-3 मिसाइलों का सफल परीक्षण करने का दावा किया है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत की ब्रह्मोस और फतेह-3 की पावर कितनी है.
ब्रह्मोस और फतेह 3
ब्रह्मोस की सबसे बड़ी ताकत इसका लंबा ऑपरेशन इतिहास और बार-बार सिद्ध हुई युद्धक क्षमता है. भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई यह मिसाइल लगभग 2005-2006 से भारतीय सशस्त्र बलों का हिस्सा रही है और इतने सालों में इसमें लगातार अपग्रेड किए गए हैं. इसके मुकाबले पाकिस्तान की फतेह 3 अभी काफी नई है. रिपोर्ट से पता चलता है कि यह काफी हद तक चीनी एचडी वन मिसाइल तकनीक पर आधारित है. हालांकि पाकिस्तान इस प्रणाली के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन के आंकड़े पेश करता है लेकिन इसकी पूरी ऑपरेशन प्रभावशीलता अभी समय के साथ साबित होना बाकी है.
कितनी है दोनों मिसाइलों की स्पीड?
ब्रह्मोस को दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल क्रूज मिसाइल में से एक माना जाता है. यह दो चरणों वाले प्रोपल्शन सिस्टम का इस्तेमाल करती है. इसमें एक सॉलिड फ्यूल बूस्टर और एक लिक्विड फ्यूल रैमजेट इंजन शामिल हैं. यह मिसाइल को Mach 2.8 और Mach 3 के बीच स्पीड बनाए रखने में सक्षम बनाता है.
वहीं पाकिस्तान का दावा है कि उसकी मिसाइल कथित तौर पर Mach 3 और Mach 4 की स्पीड तक पहुंच सकती है. हालांकि ब्रह्मोस के उलट जिसके परीक्षण हुए हैं और जो सालों से तैनात है फतेह 3 का वास्तविक युद्ध क्षेत्र प्रदर्शन और निरंतरता काफी हद तक परीक्षण और आधिकारिक दावों तक ही सीमित है.
मारक सीमा
दोनों मिसाइल को मूल रूप से अंतरराष्ट्रीय मिसाइल नियंत्रण समझौते, जैसे मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम से प्रभावित मारक सीमा की सीमाओं के अंदर विकसित किया गया था. ब्रह्मोस के कुछ ऐसे संस्करण मौजूद हैं जिनकी मारक सीमा लगभग 290 किलोमीटर से 500 किलोमीटर के बीच है. इसी के साथ कथित तौर पर 800 किलोमीटर से ज्यादा मारक सीमा वाले विस्तारित रेंज संस्करणों पर अभी काम चल रहा है.
वहीं पाकिस्तान की मिसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर से 450 किलोमीटर के बीच मानी जाती है. विनाशकारी क्षमता के अगर बात करें तो दोनों मिसाइल 200 किलोग्राम से 400 किलोग्राम तक के पारंपरिक वॉरहेड ले जा सकती हैं.
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लॉन्चिंग क्षमता बेहतर
ब्रह्मोस मिसाइल फतेह-3 से लॉन्चिंग क्षमता के मामले में कहीं बेहतर है. ब्रह्मोस एक वास्तविक मल्टी प्लेटफार्म मिसाइल प्रणाली है. इसे भूमि आधारित मोबाइल लॉन्चर, नौसेना के युद्धपोत, पनडुब्बी और सुखोई Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमान से लॉन्च किया जा सकता हैं.
वहीं फतेह 3 वर्तमान में मुख्य रूप से परिवहन वाहनों से दागी जाने वाली, सड़क चलित, सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल के रूप में पेश की गई है. इसी के साथ ब्रह्मोस अपनी फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है. यह मिसाइल सुपरसोनिक गति से यात्रा करते हुए टारगेट पर सटीक निशाना साधने के लिए डिजाइन की गई है.
फतेह 3 में आधुनिक जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम शामिल हैं. लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि इसमें अभी भी ब्रह्मोस से जुड़े परिचालन इतिहास और वास्तविक दुनिया की विश्वसनीयता की कमी है.
इंजन तकनीक में अंतर
ब्रह्मोस मिसाइल पारंपरिक बूस्टर सेप्रेशन के बाद एक लिक्विड फ्यूल्ड रैमजेट इंजन पर निर्भर करती है. वहीं फतेह 3 सुपरसोनिक परफॉर्मेंस हासिल करने के लिए एक सॉलिड बूस्टर और उसके बाद एक रैमजेट मोटर सिस्टम का इस्तेमाल करती है.
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