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Work From Home: अगर 2000 लोगों के ऑफिस में हो जाए टोटली वर्क फ्रॉम होम, एक महीने में कितना बच जाएगा पैसा? जानें हिसाब-किताब

Work From Home: हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नागरिकों से एक बार फिर से वर्क फ्रॉम होम के बारे में सोचने की अपील की है. आइए जानते हैं कि इससे कितना पैसा बचाया जा सकता है.

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  • पीएम मोदी की अपील, अनिश्चितता में रिमोट वर्क सोचें
  • 2000 लोगों की कंपनी, वर्क फ्रॉम होम से बचत
  • ऑफिस किराया, बिजली, रखरखाव खर्च में करोड़ों की बचत
  • कर्मचारी भी बचाएंगे, कुल 3-5 करोड़ मासिक फायदा

Work From Home: कॉविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में काम करने के कल्चर को पूरी तरह से बदल दिया है. जो कंपनियां पहले ऐसा मानती थीं कि प्रोडक्टिविटी सिर्फ ऑफिस के अंदर से ही मुमकिन है उन्होंने अचानक लाखों कर्मचारियों को रिमोट वर्क पर भेज दिया.‌ महामारी खत्म होने के बाद भी कई संगठनों ने हाइब्रिड और वर्क फ्रॉम होम मॉडल का इस्तेमाल जारी रखा. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे दुनिया भर में चल रही है अनिश्चितता के बीच पेट्रोल, डीजल और गैस बचाएं. उन्होंने इशारा किया है कि संस्थानों और कंपनियों को एक बार फिर से रिमोट वर्क के बारे में सोचना चाहिए. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर 2000 लोगों की एक कंपनी पूरी तरह से वर्क फ्रॉम होम सेटअप पर चली जाए तो 1 महीने में कितने पैसे बचाए जा सकते हैं.

सिर्फ ऑफिस के किराए से ही करोड़ों की बचत 

बड़े शहरों में काम करने वाली बड़ी कंपनियों के लिए ऑफिस का किराया ही आमतौर पर सबसे बड़ा मासिक खर्च होता है. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में कमर्शियल ऑफिस की जगह काफी महंगी हैं. औसतन कंपनियां हर कर्मचारी की सीट के लिए हर महीने ₹10000 से ₹20000 खर्च करती हैं. इसमें किराया और रखरखाव का खर्च भी शामिल होता है. 

2000 लोगों वाले किसी ऑफिस में सिर्फ ऑफिस की जगह पर होने वाला मासिक खर्च आसानी से 2 करोड़ से 4 करोड़ के बीच पहुंच सकता है. अगर कंपनी पूरी तरह से रिमोट वर्क पर चली जाती है तो इस खर्च का एक बड़ा हिस्सा या तो खत्म हो सकता है या फिर काफी कम हो सकता है. 

बिजली और दूसरी सुविधाओं का खर्च 

बड़ी ऑफिस की इमारतें हर दिन काफी ज्यादा बिजली खर्च करती हैं. एयर कंडीशनिंग सिस्टम, लाइटिंग, लिफ्ट, ऑफिस के कंप्यूटर और सर्वर रूम के साथ-साथ पानी की सुविधा जैसी चीजें बिजली और दूसरी सुविधाओं के बड़े बिल बनाते हैं. जब कर्मचारी  वर्क फ्रॉम होम करना शुरू करते हैं तो यह ऑपरेशनल खर्च काफी कम हो जाते हैं. एक अनुमान के मुताबिक हर कर्मचारी पर बिजली और दूसरी सुविधाओं का खर्चा आमतौर पर हर महीने ₹120 से ₹500 के बीच होता है. 2000 कर्मचारी वाले किसी ऑफिस के लिए हर महीने लगभग 2.4 लाख से 10 लाख तक की बचत हो सकती है. 

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रखरखाव का खर्चा 

ज्यादातर कॉरपोरेट ऑफिस में चाय, कॉफी, स्नेक्स, रियायती खाने,  हाउसकीपिंग सेवा, सुरक्षा कर्मचारी और रखरखाव के काम पर काफी ज्यादा खर्च किया जाता है. इन खर्चे से हर महीने हर कर्मचारी पर ₹500 से ₹1500 के बीच खर्च होता है. अगर 2000 कर्मचारी हों तो हर महीने 10 लाख से 30 लाख तक का खर्चा आ सकता है. इसी के साथ कंपनियों द्वारा दी जाने वाली ट्रांसपोर्टेशन सेवा से भी खर्च काफी बढ़ सकता है. 

कर्मचारियों की बचत 

वर्क फ्रॉम होम का फायदा सिर्फ मालिकों तक ही सीमित नहीं है. कर्मचारी भी रोजाना ऑफिस आने जाने और बाहर काम करने से जुड़े लाइफस्टाइल खर्चों से बचकर काफी पैसे बचाते हैं. आने जाने का खर्चा आमतौर पर बचत का सबसे बड़ा जरिया होता है. कर्मचारी पेट्रोल, मेट्रो के किराया, बस टिकट, कैब राइड, पार्किंग चार्ज और गाड़ी के रखरखाव पर पैसे बचाते हैं. शहर और यात्रा की दूरी के आधार पर आने जाने के खर्चे में होने वाली बचत हर महीने ₹1500 से ₹7000 के बीच हो सकती है.

कितनी होगी कुल बचत 

अगर कंपनी की बचत और कर्मचारियों की बचत को मिला दिया जाए तो यह आंकड़ा काफी बड़ा हो जाता है. ऑफिस के कामकाज में कमी आने से कंपनियां हर महीने 2 करोड़ से 4 करोड़ तक बचा सकती हैं और कर्मचारी मिलकर एक करोड़ से ज्यादा बचा सकते हैं. 2000 कर्मचारी वाले पूरी तरह से रिमोट सेटअप में कुल मासिक वित्तीय फायदा 3 करोड़ से 5 करोड़ के बीच हो सकता है.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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