Indian Army Language: सेना के अफसरों को किस भाषा में करनी होती है बात, जानें एशियाई देशों के लिए क्या हैं नियम?
Indian Army Language: क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय सेना में सैनिक किस भाषा में एक दूसरे से बातचीत करते हैं? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

- भारतीय सेना में सरकारी कामकाज के लिए अंग्रेजी का प्रयोग होता है।
- अधिकारी परिचालन में अंग्रेजी या हिंदी, और स्थानीय भाषा का उपयोग करते हैं।
- सीमा पर बातचीत के लिए मंदारिन का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण हो गया है।
- पाकिस्तान, चीन, रूस और दक्षिण कोरिया में भी अंग्रेजी का प्रभाव है।
Indian Army Language: सेना के अंदर बातचीत सख्त अनुशासन, स्पष्टता और ऑपरेशनल जरूरत के हिसाब से होती है. हर देश में सेनाएं कुछ खास भाषाई नियमों का पालन करती हैं. ऐसा इसलिए ताकि यह पक्का हो सके कि आदेश तुरंत और सही समझे जाएं. पूरे एशिया में सेना के बातचीत के तरीके इतिहास, औपनिवेशिक असर, क्षेत्रीय भाषा और राजनीतिक गठबंधन के आधार पर अलग-अलग होते हैं.
भारतीय सेना में किस भाषा का इस्तेमाल होता है?
भारतीय सेना में अंग्रेजी ही सरकारी कामकाज की भाषा बनी हुई है. ज्यादातर सरकारी आदेश, ऑपरेशनल दस्तावेज, सरकारी चिट्ठी, ट्रेंनिंग मैन्युअल और सेना की लिखी हुई बातचीत अंग्रेजी में ही तैयार की जाती है. यह तरीका काफी हद तक ब्रिटिश जमाने की सेना के ढांचे से विकसित हुआ है. इसका असर आज भी प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर दिखता है.
अधिकारी किस भाषा का इस्तेमाल करते हैं?
रोजमर्रा की बातचीत में भारतीय सेना के अधिकारी आमतौर पर माहौल और ऑपरेशनल स्थिति के हिसाब से एक दूसरे से अंग्रेजी या फिर हिंदी में बात करते हैं. औपचारिक बातचीत, पेशेवर कोर्स और सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड के इंटरव्यू के दौरान अक्सर अंग्रेजी को प्राथमिकता दी जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि यह अलग-अलग राज्यों और भाषाई पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों के बीच एक आम संपर्क भाषा का काम करती है.
क्षेत्रीय भाषा
सैनिकों से बातचीत करते समय अधिकारी अक्सर हिंदी या फिर अपनी रेजिमेंट से जुड़ी क्षेत्रीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं. कुछ खास राज्यों से भर्ती हुई रेजीमेंट में सेवा दे रहे अधिकारी आपसी मेलजोल, मनोबल और ऑपरेशनल तालमेल को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय भाषाएं सीख लेते हैं.
मेंडरिन भाषा का महत्व
हाल के सालों में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के पास तैनात भारतीय अधिकारियों के लिए मेंडरिन भाषा की ट्रेनिंग कथित तौर पर और भी ज्यादा जरूरी हो गई है. यह भाषा सीमा पर बातचीत, फ्लैग मीटिंग और पीपल्स लिबरेशन आर्मी के साथ सेना की बातचीत के दौरान काम आती है.
क्या है पाकिस्तान में नियम?
पाकिस्तान की सेना भी कुछ हद तक इसी तरह के ढांचे का पालन करती है. सेना की सरकारी बातचीत, कमांड से जुड़े दस्तावेज और ऊंचे स्तर की चिट्ठी में अंग्रेजी का ही बोलबाला रहता है. वहीं अंदरूनी बातचीत के लिए आमतौर पर उर्दू का इस्तेमाल किया जाता है.
चीन की सैन्य संरचना
चीन में मेंडरिन सेना, शिक्षा प्रणाली, प्रशासन और सरकारी संस्थानों में अधिकारिक भाषा के रूप में काम करती है. पीएलए परिचालन आदेश, सैन्य प्रशिक्षण और आधिकारिक संचार के लिए एक समान रूप से इसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है.
रूस और चीन के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान आधिकारिक निर्देश रूसी और चीनी दोनों भाषाओं में जारी किए जाते हैं. हालांकि रिपोर्ट से पता चलता है कि आपातकालीन संचार के दौरान कभी-कभी रूसी भाषा को परिचालन प्राथमिकता दी जाती है.
दक्षिण कोरिया में कौन सी भाषा?
दक्षिण कोरिया की सेना मुख्य रूप से कोरियाई भाषा में ही काम करती है. हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना के साथ कोऑर्डिनेशन होने की वजह से कई दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के लिए अंग्रेजी प्रशिक्षण को काफी ज्यादा जरूरी माना जाता है.
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