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मकान में दिखें ये बदलाव तो तुरंत कर दें खाली, किसी भी पल ढह सकता है घर

इमारत गिरने से पहले दरवाजे फंसने, फर्श झुकने, पिलर में दरार आने और सीलन जैसे गंभीर संकेत देती है, जिन्हें पहचानकर सही समय पर मकान खाली करने से बड़ा हादसा टल सकता है.

सोशल मीडिया पर आए दिन किसी न किसी पुरानी या नई इमारत के अचानक भरभराकर ढहने के खौफनाक वीडियो सामने आते रहते हैं, जिनमें भारी जान-माल का नुकसान होता है. लोग अक्सर सोचते हैं कि केवल सालों पुराने मकान ही गिरते हैं, जबकि हकीकत यह है कि नई इमारतों की नींव, निर्माण की घटिया सामग्री, पानी के रिसाव या ढांचे से की गई छेड़छाड़ के कारण भी ढांचा कभी भी जवाब दे सकता है. हादसों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि घर गिरने से पहले मिलने वाले शुरुआती चेतावनियों और ढांचागत संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए.

चौखटों का फंसना और खिड़कियों का खिंचाव

किसी भी इमारत के ढांचे में दबाव आने का पहला लक्षण दरवाजों और खिड़कियों में दिखता है. यदि आपके घर के दरवाजे और खिड़कियां अचानक खुलने या बंद होने में दिक्कत करने लगें, बार-बार चौखट में फंसने लगें या उनके फ्रेम आड़े-तिरछे नजर आने लगें, तो इसे हल्के में न लें. हालांकि मौसम में नमी के कारण लकड़ी फूलने से भी ऐसा होता है, लेकिन अगर इस समस्या के साथ-साथ दीवारों या फर्श में भी नई दरारें उभर रही हों, तो समझ जाएं कि मकान का संतुलन बिगड़ रहा है और तुरंत किसी सिविल या स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ को बुलाकर जांच करानी चाहिए.

फर्श का एक तरफ झुकना और टाइलों का उखड़ना

मकान के अंदर का फर्श यदि अचानक एक तरफ ढलवा महसूस होने लगे या उस पर बिछी टाइलें खुद-ब-खुद चटक कर ऊपर उठने लगें, तो यह जमीन के अंदर हलचल का बड़ा संकेत है. फर्श में किसी भी तरह का बदलाव या सतह का बाहर की ओर उभरना यह दर्शाता है कि बेस पर असमान दबाव पड़ रहा है. खासकर जब फर्श के झुकने के साथ-साथ दरवाजों के कोनों से लेकर दीवारों तक तिरछी रेखाएं बनने लगें, तो यह स्थिति खतरनाक हो सकती है. ऐसे में बिना देर किए मकान के निचले हिस्से और नींव की स्थिति का सही मूल्यांकन करवाना आवश्यक हो जाता है.

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बीम-पिलर में गहरी दरारें और सरिया का दिखना

इमारत का पूरा भार बीम और पिलर पर टिका होता है, इसलिए इनमें आई खराबी सबसे ज्यादा जानलेवा साबित हो सकती है. अगर आपके घर के पिलर या बीम का कंक्रीट टूट-टूटकर गिरने लगे और अंदर लगी लोहे की सरिया बाहर दिखाई देने लगे या उसमें जंग लगी नजर आए, तो यह बेहद चिंताजनक बात है. कई बार पिलर और दीवार के बीच में बड़ा गैप आ जाता है या दीवार का कोई हिस्सा बाहर की तरफ उभरा हुआ दिखने लगता है. ऐसी स्थिति में सिर्फ सीमेंट या पुट्टी भरकर मरम्मत करने की भूल न करें, बल्कि किसी कुशल इंजीनियर से उसकी मजबूती की जांच कराएं.

नींव के पास जमीन बैठना और अजीब आवाजें आना

घर के आसपास की जमीन या बाउंड्री के पास की मिट्टी यदि अचानक नीचे धंसने लगे या नींव की दीवारों में सीधी दरारें बनने लगें, तो इसका मतलब है कि जमीन के अंदर पानी का बहाव ड्रेनेज को नुकसान पहुंचा रहा है. पानी के रिसाव से मिट्टी खिसकने पर नींव अपनी पकड़ खो देती है. इसके अलावा, यदि रात के सन्नाटे में इमारत के कंक्रीट या छत से लगातार चटकने या मरोड़ की आवाजें सुनाई दें और साथ में दरारें भी चौड़ी हो रही हों, तो यह स्पष्ट करता है कि ढांचा भारी दबाव में है और कभी भी ढह सकता है.

दीवारों की सीलन और कंक्रीट का क्षरण

छत से टपकता पानी या दीवारों पर लंबे समय से जमा सीलन सिर्फ आपके घर की सुंदरता ही खराब नहीं करती, बल्कि इमारत की उम्र भी तेजी से घटाती है. जब नमी लगातार कंक्रीट के अंदर तक पहुंचती है, तो वह अंदर मौजूद लोहे की छड़ों में जंग पैदा कर देती है. जंग लगने से लोहा फूलता है और कंक्रीट को अंदर से फाड़ देता है. इसलिए प्लास्टर का लगातार झड़ना, पपड़ी बनना या दीवारों से पानी का रिसाव होना सीधे तौर पर कंक्रीट की अंदरूनी संरचना को खोखला कर देता है, जिससे समय के साथ पूरी इमारत कमजोर पड़ जाती है.


मकान में दिखें ये बदलाव तो तुरंत कर दें खाली, किसी भी पल ढह सकता है घर

कब तुरंत खाली कर देना चाहिए मकान?

अगर आपको दिखे कि पिलर में मुख्य दरारें तेजी से बढ़ रही हैं, छत का कोई हिस्सा नीचे झुक गया है, दीवारों में आर-पार दिखने वाली चौड़ी दरारें आ गई हैं या पूरी इमारत एक तरफ झुकती हुई महसूस हो रही है, तो बिना एक पल गंवाए मकान तुरंत खाली कर देना चाहिए. ऐसी स्थिति में सबसे पहले लोगों को सुरक्षित बाहर निकालें और स्थानीय प्रशासन या स्ट्रक्चरल विशेषज्ञ को सूचित करें. दीवार की किसी भी दरार को सीधे पेंट या सीमेंट से छिपाने के बजाय उसकी चौड़ाई, गहराई और बढ़ने की रफ्तार को समझकर सही तकनीकी कदम उठाना ही जान-माल की रक्षा कर सकता है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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