First Metro in India: भारत में सबसे पहले कब और किसे आया था मेट्रो का विचार?
First Metro in India: भारत में मेट्रो की शुरुआत कोलकाता से हुई थी. 1984 में पहली मेट्रो ट्रेन चली, जिसके बाद दिल्ली समेत कई शहरों में मेट्रो का विस्तार हुआ.

First Metro in India: आज देश के कई शहरों में मेट्रो ट्रेन दौड़ रही है और लाखों लोग हर दिन इसमें सफर करते हैं. मेट्रो ने शहरों के अंदर आने-जाने को बहुत आसान बना दिया है, न ट्रैफिक की टेंशन और न देरी की चिंता. लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में मेट्रो का विचार सबसे पहले कब आया था और यह सफर कैसे शुरू हुआ था. बहुत से लोग सोचते हैं कि दिल्ली में सबसे पहले मेट्रो चली थी, लेकिन असल में ऐसा नहीं है. आइए जानते हैं इसके बारे नेम पूरी जानकारी कि भारत में मेट्रो की शुरुआत की पूरी कहानी क्या है.
सबसे पहले कोलकाता में आया था मेट्रो का विचार
भारत में मेट्रो का विचार सबसे पहले कोलकाता शहर के लिए आया था. बात 1920 के दशक की है, जब कोलकाता में बढ़ती आबादी और सड़कों पर लगने वाले जाम को देखते हुए पहली बार मेट्रो जैसी रेल सेवा शुरू करने पर चर्चा हुई थी. उस समय कोलकाता देश के सबसे बड़े और व्यस्त शहरों में गिना जाता था, इसलिए वहां तेज और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही थी. हालांकि उस दौर में तकनीक और संसाधनों की कमी के चलते यह विचार सिर्फ योजना तक ही सीमित रह गया और इसे अमल में लाने में कई दशक लग गए.
आजादी के बाद कोलकाता में बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक की समस्या ने एक बार फिर मेट्रो के विचार को जिंदा कर दिया. सरकार ने इस पर गंभीरता से काम करना शुरू किया और आखिरकार कई सालों की मेहनत के बाद कोलकाता मेट्रो का निर्माण शुरू हुआ. लंबे समय तक निर्माण कार्य चलने के बाद 24 अक्टूबर 1984 को भारत की पहली मेट्रो ट्रेन कोलकाता में शुरू हुई. शुरुआत में यह मेट्रो सिर्फ एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच, यानी करीब 3.4 किलोमीटर के छोटे से रास्ते पर चलती थी. यह भारत की पहली तेज गति से चलने वाली रेल सेवा थी.
यह भी पढ़ेंः अंतरिक्ष में इंसान रो भी नहीं सकता, आंखों से बाहर क्यों नहीं आते आंसू?
दिल्ली मेट्रो से आगे बढ़ा यह सफर
कोलकाता मेट्रो की सफलता के बाद देश के दूसरे बड़े शहरों में भी मेट्रो बनाने की मांग उठने लगी. दिल्ली में भी 1969 में एक अध्ययन के दौरान तेज परिवहन व्यवस्था की जरूरत पर बात हुई थी, लेकिन उस पर तुरंत कोई काम नहीं हुआ. बाद में 1984 में एक बार फिर दिल्ली के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव सामने आया. इसके बाद कई सालों की योजना और तैयारी के बाद 24 दिसंबर 2002 को दिल्ली मेट्रो की शुरुआत हुई. कोलकाता मेट्रो को भारत की पहली मेट्रो होने का गौरव हासिल है, और इसी शुरुआत ने आगे चलकर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और देश के कई और शहरों में मेट्रो लाने की राह खोल दी.
यह भी पढ़ेंः कौन है 'विमल पान मसाला' कंपनी का मालिक, कितनी है कमाई?























