Fanta History: फाल्टा का नाम क्यों रखा गया था फाल्टा? अंग्रेजों से भी है इस जगह का तगड़ा कनेक्शन
Fanta History: पश्चिम बंगाल की फाल्टा सीट चुनाव नतीजों के बाद चर्चा में है. जानिए इस जगह का इतिहास, नाम के पीछे की कहानी और अंग्रेजों से इसका खास कनेक्शन.

Fanta History: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट इन दिनों काफी चर्चा में है. यहां हुए चुनाव के नतीजों ने सभी को चौंका दिया. भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने इस सीट पर बड़ी जीत दर्ज की. उन्हें करीब 1.49 लाख वोट यानी 71.2% वोट मिले. वहीं दूसरे नंबर पर सीपीएम के शंभु नाथ कुर्मी रहे, जिन्हें 40 हजार से ज्यादा वोट मिले. वहीं, कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही. साथ ही सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हुई कि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान को भी हजारों वोट मिले, जबकि उन्होंने मतदान से पहले ही चुनावी मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया था. 21 मई को यहां दोबारा मतदान कराया गया था और उसके बाद रविवार को मतगणना हुई. इन नतीजों के बाद अचानक हर तरफ फाल्टा की चर्चा शुरू हो गई. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर यह फाल्टा क्या है और इस जगह का नाम फाल्टा कैसे पड़ा? इतना ही नहीं, इसका अंग्रेजों से भी गहरा रिश्ता बताया जाता है.
अंग्रेजों के लिए छिपने की जगह बन गया था फाल्टा
इतिहास के मुताबिक, साल 1756 में जब नवाब सिराजुद्दौला ने कोलकाता पर हमला किया था, तब कई अंग्रेज अपनी जान बचाकर भाग गए थे. उस समय अंग्रेजों ने फाल्टा में आकर शरण ली थी. जो हुगली नदी के किनारे बसा यह इलाका उस दौर में काफी शांत माना जाता था. अंग्रेज कुछ समय तक यहीं रुके रहे और बाद में फिर ताकत जुटाकर वापस लौटे. कहा जाता है कि अंग्रेजों के लिए फाल्टा एक तरह का सुरक्षित ठिकाना बन गया था. यही वजह है कि इस जगह का नाम इतिहास की किताबों में भी दर्ज है.
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आखिर फाल्टा नाम पड़ा कैसे?
फाल्टा नाम को लेकर कई कहानियां सुनने को मिलती हैं. कुछ लोग मानते हैं कि यहां पहले बहुत ज्यादा फलदार पेड़ हुआ करते थे, इसलिए इसका नाम फाल्टा पड़ गया. वहीं कुछ इतिहासकारों का कहना है कि यह नाम समय के साथ बदलते-बदलते ऐसा हो गया. हालांकि, इस बात का कोई पक्का सबूत नहीं है कि नाम की शुरुआत कहां से हुई. लेकिन इतना जरूर है कि फाल्टा का नाम आज भी लोगों को अपनी तरफ खींचता है, क्योंकि इसके पीछे इतिहास और पुराने बंगाल की झलक छिपी हुई है.
आज भी इतिहास की याद दिलाता है फाल्टा
अगर आज का फाल्टा की बात करें तो ये पहले से काफी बदल चुका है. यहां अब इंडस्ट्रियल एरिया और कई नए प्रोजेक्ट भी दिखाई देते हैं, लेकिन पुराने समय की यादें आज भी यहां के माहौल में महसूस होती हैं. वहीं हुगली नदी के किनारे बसा यह इलाका सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि बंगाल के इतिहास का अहम हिस्सा माना जाता है. यही कारण है कि जब भी अंग्रेजों के भारत वाले दौर की चर्चा होती है, तो फाल्टा का नाम जरूर सामने आता है. अब एक बार फिर इस इलाके को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है और नई पीढ़ी भी इसके इतिहास को जानना चाह रही है.
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