Sandeep Chaudhary: CBSE गड़बड़झाले का सटीक विश्लेषण! | CBSE OSM ROW | Dharmendra Pradhan | BJP
देश में करोड़ों छात्र और उनके परिवार बोर्ड परीक्षाओं को सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि भविष्य तय करने वाली प्रक्रिया मानते हैं. ऐसे में अगर किसी छात्र को उसकी अपनी उत्तर पुस्तिका की जगह किसी और की कॉपी भेज दी जाए तो यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं रह जाती. CBSE और 12वीं के छात्र वेदांत का मामला इसी भरोसे के टूटने की कहानी है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार छात्र चुप नहीं बैठा. उसने सवाल उठाया, सोशल मीडिया पर आवाज उठाई, ट्रोलिंग झेली, आरोप सहे, लेकिन पीछे नहीं हटा और आखिरकार CBSE को मानना पड़ा कि गलती वास्तव में बोर्ड की थी लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सही आंसर शीट घर भेज देने से मामला खत्म हो जाता है? क्या इससे बोर्ड अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है? देश में करोड़ों छात्र और उनके परिवार बोर्ड परीक्षाओं को सिर्फ एक एग्जाम नहीं, बल्कि भविष्य तय करने वाली प्रक्रिया मानते हैं. ऐसे में अगर किसी छात्र को उसकी अपनी उत्तर पुस्तिका की जगह किसी और की कॉपी भेज दी जाए तो यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं रह जाती. CBSE और 12वीं के छात्र वेदांत का मामला इसी भरोसे के टूटने की कहानी है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार छात्र चुप नहीं बैठा. उसने सवाल उठाया, सोशल मीडिया पर आवाज उठाई, ट्रोलिंग झेली, आरोप सहे, लेकिन पीछे नहीं हटा और आखिरकार CBSE को मानना पड़ा कि गलती वास्तव में बोर्ड की थी लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सही आंसर शीट घर भेज देने से मामला खत्म हो जाता है? क्या इससे बोर्ड अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाता है?



























