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जहां है दिल्ली का जिमखाना, वहां कितने में है जमीन? जानें रियल एस्टेट के दाम

दिल्ली जिमखाना क्लब को जमीन खाली करने का सरकारी नोटिस मिलने के बाद लुटियंस दिल्ली में रियल एस्टेट के दाम चर्चा में हैं. इस सबसे महंगे वीवीआईपी इलाके में जमीन की कीमतें अरबों रुपये तक है.

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  • सरकारी आदेश: दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक खाली करने को कहा.
  • क्लब प्रबंधन तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर करेगा स्पष्टीकरण.
  • लुटियंस दिल्ली में जमीन की कीमत 8 से 15 लाख प्रति वर्ग गज.
  • सीमित उपलब्धता और सख्त नियमों से दाम हुए बेतहाशा महंगे.

लुटियंस दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक जिमखाना क्लब को खाली करने का सरकारी आदेश इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है. केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय ने क्लब को करीब 27.3 एकड़ का यह विशाल कैंपस 5 जून तक खाली करने का निर्देश दिया है. इस फैसले के बाद से न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, बल्कि देश के सबसे रसूखदार और पॉश इलाके की जमीन की कीमतों को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं. सत्ता के इस मुख्य केंद्र के आसपास की जमीन और रियल एस्टेट मार्केट के असल दाम हर किसी को हैरान कर रहे हैं, आइए जानते हैं. 

जिमखाना क्लब को मिला सरकारी नोटिस 

केंद्र सरकार के कड़े रुख के बाद दिल्ली जिमखाना क्लब के प्रबंधन में खलबली मची हुई है. भूमि एवं विकास कार्यालय ने साफ तौर पर आदेश जारी करते हुए क्लब प्रशासन से 5 जून तक अपनी पूरी जमीन और आलीशान कैंपस को खाली करने के लिए कहा है. सरकार के इस बड़े कदम पर क्लब ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि वह इस आदेश के कुछ तकनीकी और कानूनी मुद्दों पर स्थिति को स्पष्ट करना चाहता है. इसके लिए क्लब प्रबंधन जल्द ही संबंधित सरकारी विभाग को एक आधिकारिक चिट्ठी लिखने की तैयारी कर रहा है ताकि बीच का रास्ता निकाला जा सके. 

देश के सबसे महंगे वीवीआईपी इलाके में जमीन की कीमत

अगर रियल एस्टेट के नजरिए से देखें तो जिमखाना क्लब जिस इलाके में है, वहां जमीन की दरें आम आदमी की सोच से बिल्कुल परे हैं. लुटियंस बंगला जोन और उससे बिल्कुल सटे हुए गोल्फ लिंक्स व जोर बाग जैसे पॉश इलाकों में जमीन के भाव आसमान छू रहे हैं. इस बेल्ट में जमीन की कीमत लगभग 8 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये प्रति वर्ग गज तक आंकी जाती है. यहां प्रॉपर्टी का कोई एक तय सरकारी रेट नहीं होता, बल्कि डील के आकार और उसकी सटीक लोकेशन के आधार पर अरबों रुपये की बोलियां लगती हैं.

यह भी पढ़ें: Power Consumption in UP: एक दिन में कितनी बिजली खपा देते हैं यूपी वाले, जानें कितनी है डिमांड?

रियल एस्टेट में अरबों की कीमत

इस वीवीआईपी क्षेत्र में होने वाले हालिया सौदे यहां की जमीन की असली ताकत और कीमत को बयां करते हैं. रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुछ समय पहले ही लुटियंस दिल्ली के इस खास इलाके में स्थित 3.7 एकड़ का एक बड़ा बंगला करीब 1,100 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में बिका था. इसी तरह एक दूसरा सौदा भी काफी चर्चा में रहा था, जहां 3,540 वर्ग फुट का एक बंगला 310 करोड़ रुपये में बेचा गया था. अगर इसे प्रति वर्ग गज के हिसाब से देखें तो यह दर लगभग 8.75 लाख रुपये बैठती है, जो देश में सबसे ज्यादा है.

सख्त नियमों के कारण आसमान छूते दाम

लुटियंस दिल्ली में संपत्तियों के इतने महंगे होने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां जमीन की बेहद सीमित उपलब्धता है. पूरे लुटियंस बंगला जोन में सिर्फ 3,000 के करीब बंगले मौजूद हैं और इनमें से भी ज्यादातर सरकारी नियंत्रण में हैं, जबकि निजी हाथों में बहुत ही कम प्रॉपर्टीज हैं. इसके अलावा यहां विरासत और सुरक्षा कारणों से बेहद सख्त नियम लागू हैं. इस जोन में किसी भी नए बड़े निर्माण या बहुमंजिला इमारतें बनाने की सख्त मनाही है, जिसके कारण यहां का पुराना स्वरूप और खुलापन हमेशा वैसा ही बना रहता है.

देश के शीर्ष उद्योगपतियों की पहली पसंद 

यह इलाका सिर्फ महंगा ही नहीं है, बल्कि इसे भारत की सत्ता और रसूख का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. इस क्षेत्र में राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय मंत्रियों के आवास स्थित हैं. देश के सबसे बड़े और नामी अरबपति जैसे गौतम अडानी, लक्ष्मी मित्तल और नवीन जिंदल जैसी हस्तियों के बंगले भी इसी इलाके की शोभा बढ़ाते हैं. जब भी यहां कोई प्राइवेट प्रॉपर्टी बिकने के लिए आती है, तो दुनिया भर के रईसों के बीच उसे खरीदने की होड़ मच जाती है, जो इसकी कीमत को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाती है.

शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रदूषण मुक्त हरियाली 

एडविन लुटियंस द्वारा विशेष रूप से डिजाइन किए गए इस इलाके की बनावट और सुविधाएं पूरी दिल्ली से बिल्कुल अलग हैं. यहां की चौड़ी सड़कें, चारों तरफ फैली घनी हरियाली, ऐतिहासिक पेड़ और अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन रिहायशी इलाका बनाती है. दिल्ली के बाकी हिस्सों के मुकाबले यहां प्रदूषण का स्तर हमेशा बहुत कम दर्ज किया जाता है. यही वजह है कि देश-विदेश के राजदूत, शीर्ष राजनेता और बड़े कॉर्पोरेट घराने इस वीवीआईपी इलाके में एक छोटा सा ठिकाना पाना भी अपनी सबसे बड़ी प्रतिष्ठा मानते हैं. 

यह भी पढ़ें: Delhi Gymkhana Club: दिल्ली जिमखाने का मालिक कौन, एक महीने में इससे कितनी होती है कमाई?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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