एक्सप्लोरर

कितने तापमान पर झुलस सकती है इंसान की स्किन, जानें हमारा शरीर कितने टेम्परेचर के लिए बना है?

बढ़ती गर्मी और 45 डिग्री से ऊपर का तापमान मानव शरीर के लिए गंभीर चुनौती है. आइए इस रिपोर्ट में जानें कि किस तापमान पर हमारी त्वचा झुलसने लगती है और शरीर की सहनशक्ति की सीमा क्या है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • 50 डिग्री पर 5 मिनट, 55 डिग्री पर 10 सेकंड में त्वचा जलती है.

चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ती गर्मी ने हर किसी को बेहाल कर दिया है. जब पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार करता है, तो सिर्फ पसीना ही नहीं छूटता, बल्कि शरीर के अंदरूनी सिस्टम पर भी दबाव बढ़ने लगता है. विज्ञान के अनुसार, इंसानी शरीर की गर्मी झेलने की एक निश्चित सीमा होती है. इस सीमा के पार जाते ही हमारा कुदरती कूलिंग सिस्टम जवाब दे जाता है. आइए सीधे तौर पर समझते हैं कि हमारा शरीर कितने तापमान के लिए बना है और किस हद पर जाकर त्वचा झुलसने लगती है.

इंसानी शरीर की बनावट और सामान्य तापमान

मानव शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए एक निश्चित अंदरूनी तापमान की जरूरत होती है. हमारे शरीर का सामान्य कोर टेम्प्रेचर यानी अंदरूनी तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस (98.6 डिग्री फारेनहाइट) रहता है. जब बाहर का मौसम गर्म होता है, तो हमारा शरीर पसीने, सांस लेने की प्रक्रिया और ब्लड सर्कुलेशन के जरिए खुद को ठंडा बनाए रखता है. यह कुदरती थर्मास्टेट शरीर के अंगों को सुरक्षित रखता है.

कब फेल होने लगता है कूलिंग सिस्टम? 

मौसम का पारा जब 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंच जाता है, तो शरीर के लिए खुद को ठंडा रखना बेहद मुश्किल हो जाता है. वैज्ञानिक शोधों से पता चलता है कि अत्यधिक गर्मी में शरीर का तापमान कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह फेल हो सकता है. जब शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकता है. 

यह भी पढ़ें: Inflation In India: नहीं सुधरे हालात तो थाली से गाड़ी तक सब हो जाएंगे बेहाल, जानें क्या-क्या हो सकता है महंगा?

सूखी गर्मी में त्वचा की सहनशक्ति कितनी है?

इंसानी त्वचा एक हद तक बाहरी तापमान का मुकाबला कर सकती है. सूखी गर्मी की बात करें तो हमारी त्वचा 48 डिग्री सेल्सियस (118 डिग्री फारेनहाइट) तक के तापमान को बिना किसी गंभीर नुकसान के कुछ समय के लिए बर्दाश्त कर सकती है. लेकिन यह बर्दाश्त सिर्फ सीमित समय के लिए होती है. जैसे ही हवा या आसपास का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार करता है, त्वचा पर इसका सीधा असर दिखने लगता है और वह झुलसने लगती है.

गीली गर्मी और पानी का खतरनाक असर

पानी, भाप या किसी गीले और तरल स्रोत के संपर्क में आने पर त्वचा के झुलसने की प्रक्रिया बहुत तेज हो जाती है. नमी के कारण गर्मी सीधे और तेजी से स्किन में ट्रांसफर होती है. ऐसे में झुलसने का समय बहुत कम हो जाता है, जिससे गंभीर चोट या थर्ड डिग्री बर्न की स्थिति पैदा हो सकती है. तरल पदार्थों के संपर्क में आने पर त्वचा बहुत ही कम सेकेंड्स में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है.

कितनी देर में जलने लगती है स्किन?

तापमान के थोड़े से उतार-चढ़ाव से त्वचा के जलने के समय में बड़ा अंतर आता है. अगर त्वचा 50 डिग्री सेल्सियस गर्म पानी या सतह के संपर्क में आती है, तो उसे थर्ड डिग्री बर्न होने में लगभग 5 मिनट लगते हैं. वहीं, तापमान बढ़कर 55 डिग्री सेल्सियस होने पर महज 10 सेकंड में त्वचा जल जाती है. सबसे खतरनाक स्थिति 60 डिग्री सेल्सियस पर होती है, जहां केवल 1 सेकंड का संपर्क ही त्वचा को गंभीर रूप से झुलसा देता है.

तेज धूप और लू के अन्य बड़े नुकसान

सिर्फ सीधे संपर्क से ही नहीं, बल्कि भीषण गर्मी में चलने वाली गर्म हवाओं (लू) और तेज धूप से भी शरीर को भारी नुकसान पहुंचता है. जब पारा 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है, तो हवा में मौजूद थपेड़े त्वचा में सनबर्न की समस्या पैदा कर देते हैं. इसके साथ ही शरीर से पानी तेजी से कम होने लगता है, जिससे डिहाइड्रेशन की गंभीर स्थिति बन जाती है. ऐसे मौसम में शरीर को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी और स्वास्थ्य गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी होता है.

यह भी पढ़ें: Nautapa: कैसे तय होते हैं नौतपा के 9 दिन, क्या है इनकी पहचान करने का तरीका?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कप्तानी छोड़ने से कितनी घटेगी हरमनप्रीत की कमाई? जानें एक-एक डिटेल
कप्तानी छोड़ने से कितनी घटेगी हरमनप्रीत की कमाई? जानें एक-एक डिटेल
कब-कब हुई पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की कोशिश, इसमें West का मतलब क्या?
कब-कब हुई पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की कोशिश, इसमें West का मतलब क्या?
क्या सिर्फ फल ही खाते हैं फलाहारी महाराज, क्यों पड़ा यह नाम?
क्या सिर्फ फल ही खाते हैं फलाहारी महाराज, क्यों पड़ा यह नाम?
क्या हैं फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल के नियम, गलत यूज पर कितनी सजा?
क्या हैं फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल के नियम, गलत यूज पर कितनी सजा?

वीडियोज

बीवी की बेवफाई....पति का गुस्सा !
Rahul Gandhi पर पुलिस का एक्शन! हिरासत में लेकर बस में बैठाया
प्रेमानंद महाराज के यहां जाने पर मिले 5 करोड़?
विपक्ष का प्रदर्शन...कांग्रेस ने किया 'हाइजैक' ?
त्योहारों से पहले RBI का बड़ा झटका! महंगा हुआ Loan, बढ़ी Repo Rate

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
30 जिंदा वोटर्स के नाम हटाने के लिए जमा किया फॉर्म 7, बीजेपी के BLA के खिलाफ केस
30 जिंदा वोटर्स के नाम हटाने के लिए जमा किया फॉर्म 7, बीजेपी के BLA के खिलाफ केस
जयपुर में किसानों का आंदोलन, शिवदासपुर टोल पर पुलिस से टकराव; हाईवे जाम
जयपुर में किसानों का आंदोलन, शिवदासपुर टोल पर पुलिस से टकराव; हाईवे जाम
अमिताभ-गोविंदा का उड़ाया था मजाक, सलमान को लगाई फटकार, किस्से राजकुमार के
राजकुमार: अमिताभ-गोविंदा का उड़ाया था मजाक, सलमान को लगाई फटकार
भारतीय गेंदबाज ने टेस्ट में 14 विकेट लेकर रचा इतिहास, बन गया नया 'वर्ल्ड रिकॉर्ड'
भारतीय गेंदबाज ने टेस्ट में 14 विकेट लेकर रचा इतिहास, बन गया नया 'वर्ल्ड रिकॉर्ड'
यूपी में बारिश से सुबह-शाम ठंडक बढ़ी, आज भी लखनऊ समेत 42 जिलों में अलर्ट
यूपी में बारिश से सुबह-शाम ठंडक बढ़ी, आज भी लखनऊ समेत 42 जिलों में अलर्ट
कप्तानी छोड़ने से कितनी घटेगी हरमनप्रीत की कमाई? जानें एक-एक डिटेल
कप्तानी छोड़ने से कितनी घटेगी हरमनप्रीत की कमाई? जानें एक-एक डिटेल
मोबाइल नंबर बदलने के लिए बैंक जाना जरूरी है? जानें ऑनलाइन तरीका
मोबाइल नंबर बदलने के लिए बैंक जाना जरूरी है? जानें ऑनलाइन तरीका
चलती कार पर हाथी ने रख दिया पैर, वीडियो देख बढ़ जाएगी धड़कनें
चलती कार पर हाथी ने रख दिया पैर, वीडियो देख बढ़ जाएगी धड़कनें
Embed widget