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दिल्ली बनाम लाहौर, जानिए कहां की मेट्रो है सबसे ज्यादा अमीर?

कमाई, बड़े नेटवर्क और यात्रियों की संख्या के मामले में दिल्ली मेट्रो लाहौर की मेट्रो से कहीं आगे और बेहद अमीर है. जानिए दोनों देशों की इन दो प्रमुख मेट्रो प्रणालियों के बजट और रेवेन्यू का पूरा गणित.

दिल्ली और लाहौर, दोनों शहर अपने-अपने देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान रखते हैं, और दोनों जगह मेट्रो सेवा भी चल रही है. लेकिन जब बात नेटवर्क के साइज, निवेश और तकनीक की आती है, तो दोनों शहरों की मेट्रो के बीच जमीन-आसमान का फर्क साफ नजर आता है. दिल्ली मेट्रो जहां देश ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी मेट्रो प्रणालियों में गिनी जाती है, वहीं लाहौर मेट्रो अभी अपने शुरुआती दौर में ही है. आइए दोनों शहरों की मेट्रो की तुलना करके समझते हैं कि किसकी मेट्रो ज्यादा बड़ी और अमीर मानी जा सकती है.

नेटवर्क के मामले में दिल्ली मेट्रो 

दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 303 स्टेशन और 12 अलग-अलग रंग की लाइनें शामिल हैं. यह नेटवर्क सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद तक भी फैला हुआ है. इसकी तुलना में लाहौर मेट्रो का नेटवर्क अभी सिर्फ एक लाइन, ऑरेंज लाइन तक सीमित है, जिसकी लंबाई करीब 27 किलोमीटर है और इसमें कुल 26 स्टेशन हैं. यानी नेटवर्क के साइज में दिल्ली मेट्रो लाहौर मेट्रो से करीब 14 गुना बड़ी है.

रोजाना सफर करने वालों की संख्या में भी बड़ा अंतर

किसी भी मेट्रो सिस्टम की कामयाबी और कमाई का सीधा संबंध उसमें रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या से भी होता है. दिल्ली मेट्रो में रोजाना करीब 64 लाख यात्री सफर करते हैं, जो इसे भारत की सबसे व्यस्त मेट्रो प्रणाली बनाता है. वहीं लाहौर मेट्रो की ऑरेंज लाइन में रोजाना करीब 2.5 लाख यात्री सफर करते हैं. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों का सफर करना दिल्ली मेट्रो के लिए कमाई का एक बड़ा जरिया भी बनता है, जबकि लाहौर मेट्रो अभी उतने बड़े यात्री आधार तक नहीं पहुंच पाई है.

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निवेश और लागत के हिसाब से भी दिल्ली आगे

दिल्ली मेट्रो में मैजेंटा लाइन के साथ देश की पहली ड्राइवरलेस मेट्रो सेवा भी शुरू की जा चुकी है, और इसका नेटवर्क लंबाई के हिसाब से दुनिया की आठवीं सबसे बड़ी मेट्रो प्रणाली मानी जाती है. इसके उलट लाहौर मेट्रो के लिए अभी सिर्फ एक और लाइन को मंजूरी मिली है, जबकि दो अन्य लाइनें अभी योजना के स्तर पर ही हैं. पाकिस्तान की यह इकलौती मेट्रो लाइन 2020 में शुरू हुई थी, जबकि दिल्ली मेट्रो 2002 से लगातार अपना विस्तार करती आ रही है.

किसे कहा जा सकता है ज्यादा अमीर मेट्रो?

नेटवर्क की लंबाई, स्टेशनों की संख्या, रोजाना के यात्रियों और कुल निवेश, इन सभी पैमानों पर देखा जाए तो दिल्ली मेट्रो लाहौर मेट्रो से कहीं बड़ी और संसाधनों के लिहाज से ज्यादा समृद्ध नजर आती है. लाहौर मेट्रो अभी विस्तार के शुरुआती दौर में है और आने वाले सालों में इसकी और लाइनें जुड़ने की योजना है, जिसके बाद ही इसका तुलनात्मक स्तर बढ़ सकता है. फिलहाल स्केल और तकनीक, दोनों ही मामलों में दिल्ली मेट्रो का पलड़ा भारी है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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