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Karwa Chauth 2025: दिवाली पर पटाखे जलाने पर उठा ले जा सकती है पुलिस, क्या करवाचौथ पर भी ऐसा करने पर हो सकता है एक्शन?

Karwa Chauth 2025: सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2024 में दिए गए रिमाइंडर के अनुसार, पटाखों पर लगी पाबंदियां केवल दिवाली तक सीमित नहीं होती है. इसके अनुसार करवाचौथ पर भी पटाखे फोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है.

Karwa Chauth 2025: त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है. आज करवाचौथ है और कुछ दिन बाद दिवाली. ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों तक को पटाखों का इंतजार है. हालांकि, दिल्ली-एनसीआर जैसे शहरों में रहने वालों को इस बार भी झटका लग सकता है, क्योंकि दिल्ली में पटाखों के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध है. हालांकि, ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित है और आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. 

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश के अनुसार, दिवाली के मौके पर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगा हुआ है. ऐसा करने पर पुलिसिया कार्रवाई भी हो सकती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आज यानी करवाचौथ पर भी पटाखे जलाने पर ऐसी कार्रवाई हो सकती है? बता दें, कई शहरों में करवाचौथ के दिन भी जमकर आतिशबाजी होती है. 

क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश? 

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में दिल्ली में पटाखे फोड़ने पर बैन लगा दिया था. इसके बाद 2024 में बैन का उल्लंघन होने के बाद पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर भी रोक लगा दी गई थी. पटाखों पर लगा यह प्रतिबंध केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि एनसीआर में आने वाले शहर नोएडा, गाजियाबाद में भी यह प्रतिबंध लागू होता है. इसका उल्लंघन करने पर पुलिसिया कार्रवाई भी हो सकती है. इसके बाद दिल्ली सरकार ने 19 दिसंबर, 2024 को एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके तहत 2025 में पूरे साल के लिए पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. 

हर त्योहार पर लागू होता है आदेश 

इससे साफ है कि दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री, भंडारण और फोड़ने पर लगा बैन सिर्फ दिवाली तक सीमित नहीं है. करवाचौथ हो या अन्य कोई त्योहार, यहां तक कि कोई और मौका. दिल्ली और उसके आसपास के शहरों में पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित हैं और इस मामले में पुलिस सख्त एक्शन ले सकती है. 

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कविता एबीपी नेटवर्क नोएडा के साथ बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही है. वर्तमान में कविता का मुख्य फोकस शिक्षा, करियर और नौकरी से जुड़ी खबरों पर रहता है.

करीब 3.5 साल से पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी कव‍िता एबीपी नेटवर्क से पहले राजस्थान पत्रिका में काम कर चुकी है. यहां  उन्होंने नेशनल एडिशन और अलग-अलग सप्लीमेंट्स के लिए काम किया. राजस्थान पत्रिका में करियर की उड़ान और सी न्यूज जैसे कॉलम वह कवर करती थी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो के साथ काम करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन की बारीकियों को समझने का अनुभव दिया. वहीं पत्रकारिता के अलावा कविता की खास रुचि खेल, विशेष रूप से क्रिकेट में है. राजस्थान पत्रिका में रहते हुए कविता ने मदर्स डे स्पेशल स्पोर्ट्स एडिशन में भी काम किया है.

पढ़ाई की बात करें तो कविता ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की.

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