एक्सप्लोरर

अपने आप बैलेंस बनाती है ये साइकिल, इन छात्रों ने 1000 डॉलर में तैयार किया खास प्रोजेक्ट

Autonomous Bicycle: इस खास साइकिल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बिना किसी इंसान के सहारे के अपने आप खड़ी रह सकती है और चलते समय गिरती नहीं है. आइए डिटेल्स जानते हैं.

तकनीक की दुनिया में हर दिन नए-नए एक्सपेरिमेंट हो रहे हैं और अब इंजीनियरिंग छात्रों ने ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. कुछ छात्रों ने मिलकर एक ऐसी स्मार्ट साइकिल तैयार की है, जो बिना किसी सहारे खुद बैलेंस बनाए रख सकती है.

खास बात यह है कि इस सेल्फ-बैलेंसिंग और ऑटोनॉमस साइकिल को बेहद कम खर्च में तैयार किया गया है. जहां आमतौर पर ऐसी तकनीक विकसित करने में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, वहीं छात्रों ने इसे करीब 1000 डॉलर यानी लगभग 85 हजार रुपये के बजट में बना दिया. यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी की दुनिया में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है.

कैसे डिजाइन की गई है ये साइकिल?

इस खास साइकिल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह बिना किसी इंसान के सहारे अपने आप खड़ी रह सकती है और चलते समय गिरती नहीं है. आमतौर पर साइकिल चलाते समय बैलेंस बनाए रखने के लिए राइडर की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस नई तकनीक में सेंसर और मोटर की मदद से साइकिल खुद अपना बैलेंस कंट्रोल करती है. छात्रों ने इसमें ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया है, जो लगातार साइकिल की मूवमेंट और झुकाव को मॉनिटर करती रहती है. जैसे ही साइकिल एक तरफ झुकने लगती है, सिस्टम तुरंत उसे बैलेंस कर देता है.

इस प्रोजेक्ट में छात्रों ने कम कीमत वाले पार्ट्स और ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है, ताकि इसे ज्यादा सस्ता और उपयोगी बनाया जा सके. यही वजह है कि इसकी लागत काफी कम रखी गई. इस साइकिल में इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम, सेंसर, मोटर और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है, जो मिलकर इसे ऑटोनॉमस बनाते हैं. यानी यह साइकिल अपने आसपास की स्थिति को समझ सकती है और उसी हिसाब से खुद को बैलेंस कर सकती है.

क्या है प्रोजेक्ट का मकसद?

इस प्रोजेक्ट का मकसद सिर्फ नई तकनीक दिखाना नहीं है, बल्कि भविष्य में स्मार्ट और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित करना भी है. छात्रों का मानना है कि ऐसी तकनीक आगे चलकर बुजुर्गों, दिव्यांग लोगों और नए साइकिल सीखने वालों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है. 

अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर विकसित होती है, तो भविष्य में ऐसी साइकिलें बाजार में देखने को मिल सकती हैं, जिन्हें चलाना ज्यादा आसान और सुरक्षित होगा.यह साइकिल बिना किसी शख्स के सहारे खुद खड़ी रहती है और बैलेंस बनाए रखती है. कई लोग इस तकनीक की तारीफ कर रहे हैं और छात्रों की मेहनत को सराह रहे हैं. 

विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले समय में ऑटोनॉमस और AI बेस्ड वाहन तेजी से बढ़ेंगे। अभी तक ऐसी तकनीकें कारों और रोबोटिक्स तक सीमित थीं, लेकिन अब साइकिल जैसे साधारण वाहन में भी स्मार्ट फीचर्स जोड़े जा रहे हैं। इससे साफ है कि भविष्य का ट्रांसपोर्ट पहले से ज्यादा स्मार्ट, सुरक्षित और तकनीक आधारित होने वाला है। छात्रों का यह प्रोजेक्ट इसी बदलते भविष्य की एक झलक माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें:-

Car Smart Key: कार की स्मार्ट की नहीं कर रही काम? जानिए कैसे चुटकियों में बदल सकते हैं सेल 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

गाड़ी बेच दी, लेकिन चालान अब भी आपके नाम? जानिए कैसे बचेंगे इस परेशानी से
गाड़ी बेच दी, लेकिन चालान अब भी आपके नाम? जानिए कैसे बचेंगे इस परेशानी से
E20 विवाद में नई कार देने को तैयार नहीं मारुति, कंज्यूमर फोरम के खिलाफ उठा लिया यह बड़ा कदम
E20 विवाद में नई कार देने को तैयार नहीं मारुति, कंज्यूमर फोरम के खिलाफ उठा लिया यह बड़ा कदम
पेट्रोल-डीजल का खेल खत्म? 2032 तक 12 गुना बढ़ सकता है भारत का EV बाजार
पेट्रोल-डीजल का खेल खत्म? 2032 तक 12 गुना बढ़ सकता है भारत का EV बाजार
पेट्रोल या एथेनॉल, 10 हजार किमी ड्राइव करने में कौन-सा फ्यूल पड़ेगा सस्ता?
पेट्रोल या एथेनॉल, 10 हजार किमी ड्राइव करने में कौन-सा फ्यूल पड़ेगा सस्ता?
Advertisement

वीडियोज

Aamir Khan ने किया बड़ा खुलासा, बोले- Phunsukh Wangdu का किरदार Sonam Wangchuk पर आधारित नहीं था
Sansani: बैड बीवी की आशिकी | Crime News
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सफलता नहीं मिली, मुझे अभी बहुत आगे जाना है
Christopher Nolan की The Odyssey क्या है? जानिए क्यों पूरी दुनिया इस फिल्म का इंतजार कर रही है
Lionel Messi: 39 साल की फुटबॉल मशीन! ABPLIVE
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- 'मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर...'
सोनम वांगचुक का नया वीडियो आया सामने- 'मैं 20 जुलाई तक जिंदा रहूंगा, उसके बाद भूत बनकर...'
बिहार के 131 करोड़ के बालू खनन मामले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-राजस्थान समेत 3 राज्यों में रेड
बिहार के 131 करोड़ के बालू खनन मामले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-राजस्थान समेत 3 राज्यों में रेड
संजय राउत का बड़ा दावा, 'महाराष्ट्र में बदल सकता है CM, देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में भूमिका'
संजय राउत का बड़ा दावा, 'महाराष्ट्र में बदल सकता है CM, देवेंद्र फडणवीस को केंद्र में भूमिका'
विराट से गले मिले रोहित, ड्रेसिंग रूम की तस्वीरों ने मचाई हलचल, ऐसी फोटो जब पहले आई थी तो किस खिलाड़ी ने लिया था संन्यास
विराट से गले मिले रोहित, ड्रेसिंग रूम की तस्वीरों ने मचाई हलचल, ऐसी फोटो जब पहले आई थी तो किस खिलाड़ी ने लिया था संन्यास
Lenin Box Office Day 7 Worldwide: 'धमाल 4' के आगे 'लेनिन' का भी वर्ल्डवाइड बजा डंका, अखिल अक्किनेनी के करियर का बना इतना बड़ा रिकॉर्ड
'लेनिन' का भी वर्ल्डवाइड बजा डंका, अखिल अक्किनेनी के करियर का बना इतना बड़ा रिकॉर्ड
ISRO Scientist Resign: ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर केंद्र सख्त! अब लिया बड़ा फैसला
ISRO में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर केंद्र सख्त! अब लिया बड़ा फैसला
Climate Change Sleep Loss: सावधान! बढ़ते तापमान ने उड़ाई इंसानों की नींद, साल में 56 घंटे कम सो रहे हैं लोग
सावधान! बढ़ते तापमान ने उड़ाई इंसानों की नींद, साल में 56 घंटे कम सो रहे हैं लोग
Explained: UP सरकार के निशाने पर जौहर और ग्लोकल समेत 25 हजार यूनवर्सिटी-मदरसे! 'कानूनी शासन' या 'राजनीतिक गणित'?
UP सरकार के निशाने पर जौहर-ग्लोकल समेत 25,000 यूनवर्सिटी-मदरसे! कानूनी शासन या राजनीतिक गणित?
Embed widget