Hyundai का मास्टरप्लान, 2028-29 तक फिर हासिल करेगी नंबर 2 की कुर्सी?
Hyundai ने 2028-29 तक भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बनने का लक्ष्य रखा है. जानें पुणे प्लांट के विस्तार, 26 नए मॉडल और Tata-Mahindra से मुकाबले की पूरी योजना.

भारत के कार बाजार में Hyundai एक बार फिर अपनी पुरानी जगह हासिल करने की तैयारी कर रही है. कंपनी का लक्ष्य 2028-29 तक देश की दूसरी सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल निर्माता कंपनी बनना है. इसके लिए Hyundai अपनी कारों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए मॉडल लॉन्च करने और स्थानीय स्तर पर ज्यादा पार्ट्स बनाने पर ध्यान दे रही है.
कंपनी को उम्मीद है कि इन कदमों से उसे ग्राहकों तक ज्यादा गाड़ियां पहुंचाने में मदद मिलेगी. हालांकि, बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धा Tata Motors और Mahindra जैसी कंपनियों से है. Hyundai का यह लक्ष्य अभी एक योजना है, जिसकी सफलता आने वाले वर्षों में बिक्री, ग्राहकों की मांग और उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेगी.
यह भी पढ़ें: Yamaha की इस बाइक का 90s वाला अवतार, 1993 की बाइक से लिया आइडिया
पुणे प्लांट से बढ़ेगी कारों की उत्पादन क्षमता.
Hyundai की योजना में महाराष्ट्र के तालेगांव स्थित पुणे प्लांट की अहम भूमिका है. कंपनी इस प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता को मौजूदा 1.70 लाख गाड़ियों से बढ़ाकर 3.20 लाख गाड़ियों तक ले जाना चाहती है. यह विस्तार चरणों में किया जाएगा और इसका लक्ष्य 2030 तक पूरा करना है. कंपनी के ग्लोबल प्रेसिडेंट और CEO जोस मुनोज के मुताबिक, उत्पादन क्षमता बढ़ने से Hyundai को बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिल सकती है. चेन्नई और पुणे प्लांट की संयुक्त सालाना उत्पादन क्षमता 2030 तक करीब 11.40 लाख गाड़ियों तक पहुंचने की उम्मीद है.
26 नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी.
Hyundai अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ नए मॉडल भी पेश करने की तैयारी कर रही है. कंपनी की योजना 2029 तक 26 नए मॉडल पेश करने की है, जिनमें चार इलेक्ट्रिक कारें भी शामिल होंगी. इसके अलावा, कंपनी हाइब्रिड कारों पर भी काम कर रही है. Hyundai का लक्ष्य 2030 तक अपने कुल पोर्टफोलियो का 50 फीसदी हिस्सा टिकाऊ पावरट्रेन वाले वाहनों का बनाना है. इसमें इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों की भूमिका अहम हो सकती है. कंपनी नए मॉडल के जरिए अलग-अलग बजट और जरूरत वाले ग्राहकों तक पहुंचना चाहती है. हालांकि, सभी 26 मॉडल की लॉन्च तारीख और उनकी कीमतों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
Tata और Mahindra से मुकाबले की चुनौती.
Hyundai को भारत में अपनी दूसरी पोजिशन वापस पाने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा. कंपनी 2025 में देश के पैसेंजर व्हीकल बाजार में दूसरे स्थान से खिसककर चौथे स्थान पर पहुंच गई थी. Tata Motors और Mahindra की बढ़ती बिक्री ने बाजार में मुकाबला और कठिन बना दिया है. Hyundai अब उत्पादन बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर पार्ट्स की हिस्सेदारी भी बढ़ाना चाहती है. कंपनी का लक्ष्य लोकलाइजेशन को 83 फीसदी से बढ़ाकर 92 फीसदी करना है. इसके लिए सप्लायर नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा. कंपनी ने महाराष्ट्र में कुल 11,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें से 7,000 करोड़ रुपये निवेश किए जा चुके हैं और बाकी 4,000 करोड़ रुपये 2030 तक लगाने की योजना है. अब यह देखना होगा कि नई गाड़ियां, बढ़ता उत्पादन और निवेश Hyundai को 2028-29 तक नंबर 2 की जगह दिला पाते हैं या नहीं.
यह भी पढ़ें: टायरों से आ रही कट-कट की आवाज, इन तरीकों से नहीं आएगा मोटा खर्च






















