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भीषण गर्मी में क्यों जल्दी डाउन हो जाती है EV की बैटरी? जानिए क्यों पड़ता है रेंज पर असर

EV Battery: इन गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक तय तापमान पर सबसे बेहतर काम करती हैं. आमतौर पर 15 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बैटरी की काम करने की कैपेसिटी सबसे अच्छी रहती है.

भारत में गर्मी लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है. कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच रहा है. ऐसे मौसम का असर सिर्फ लोगों की सेहत पर ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की परफॉर्मेंस पर भी पड़ता है. कई EV मालिकों की शिकायत रहती है कि गर्मियों में उनकी कार या स्कूटर की बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है और पहले के मुकाबले कम रेंज मिलती है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर तेज गर्मी में EV की रेंज क्यों घट जाती है?

दरअसल, इलेक्ट्रिक गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां एक तय तापमान पर सबसे बेहतर काम करती हैं. आमतौर पर 15 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बैटरी की काम करने की कैपेसिटी सबसे अच्छी रहती है. लेकिन जब बाहरी तापमान 45 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाता है, तब बैटरी पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ने लगता है. बैटरी के अंदर गर्मी बढ़ने से उसकी क्षमता प्रभावित होती है और ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है.

कूलिंग सिस्टम को कर देता है एक्टिव

गर्म मौसम में EV की बैटरी को सेफ रखने के लिए गा़ड़ी का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगातार काम करता रहता है. यह सिस्टम बैटरी को ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए कूलिंग सिस्टम को एक्टिव कर देता है. बैटरी को ठंडा रखने में भी बिजली खर्च होती है, जिससे गाड़ी की कुल रेंज कम हो जाती है. यानी बैटरी की कुछ ऊर्जा गाड़ी चलाने के बजाय खुद को ठंडा रखने में खर्च होने लगती है.

सिर्फ बैटरी ही नहीं, कार का एयर कंडीशनर भी रेंज कम होने का एक बड़ा कारण है. भीषण गर्मी में लोग एसी को लगातार चलाते हैं, जिससे बैटरी पर एक्स्ट्रा लोड पड़ता है. खासकर शहरों के ट्रैफिक में एसी ज्यादा बिजली खपत करता है. यही वजह है कि गर्मियों में EV की रियल रेंज कंपनी की ओर से बताए गए आंकड़ों से काफी कम हो सकती है.

तेज धूप में पार्किंग भी बैटरी की परफॉर्मेंस को प्रभावित करती है. अगर गाड़ी लंबे समय तक खुले में खड़ी रहती है तो बैटरी पैक का तापमान काफी बढ़ सकता है. कई मामलों में बैटरी का तापमान 55 से 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. इससे बैटरी की उम्र पर भी असर पड़ सकता है और लंबे समय में उसकी क्षमता कम होने लगती है.

कैसे गर्मी का पड़ता है असर?

गर्मी का असर चार्जिंग स्पीड पर भी पड़ता है. जब बैटरी ज्यादा गर्म हो जाती है तो गाड़ी का सिस्टम सुरक्षा के लिए फास्ट चार्जिंग की स्पीड कम कर देता है. इससे चार्जिंग में ज्यादा समय लग सकता है. कई बार दोपहर के समय फास्ट चार्जर पर चार्जिंग अपेक्षा से काफी धीमी हो जाती है क्योंकि बैटरी खुद को सुरक्षित रखने के लिए चार्जिंग पावर कम कर देती है.

गर्मियों में EV मालिकों को कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए. गाड़ी को संभव हो तो छांव या कवर वाली जगह पर पार्क करें. दोपहर की तेज धूप में चार्जिंग करने से बचें और रात या सुबह के समय चार्ज करना बेहतर माना जाता है. इसके साथ ही बैटरी को बार-बार 100 फीसदी तक चार्ज करने की बजाय 20 से 80 फीसदी के बीच रखना बैटरी की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है.

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