एथेनॉल फ्यूल से गाड़ी के कौन-से पार्ट्स सबसे पहले हो सकते हैं खराब? एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट
Ethanol Fuel Engine Damage: क्या एथेनॉल पेट्रोल आपकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा रहा है? जानिए पुरानी और नॉन-E20 कारों के वो कौन-से 5 जरूरी पार्ट्स हैं, जो एथेनॉल की वजह से सबसे पहले खराब हो सकते हैं.

Ethanol Fuel Engine Damage: भारत में अभी सबसे ज्यादा चर्चा एथेनॉल फ्यूल को लेकर है. देश भर में अब एथेनॉल हर पंप पर मिल रहें हैं और इस फ्यूल को लेकर अब कई तरह के प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं. बता दें कि, देश में प्रदूषण कम करने के लिए पेट्रोल की मात्रा बढ़ा दी गई है. लेकिन इस बीच सोशल मीडिया और कार मैकेनिकों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है कि यह फ्यूल गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचा रहा है.
लेकिन सरकार इन दावों को अफवाह बताती है जबकि ऑटो इंडस्ट्री का मानना है कि जो गाड़ियां पुरानी हैं या E20 कंपैटिबल नहीं हैं. उनके कुछ हिस्सों पर इसका असर पड़ सकता है. तो चलिए जानतें हैं कि एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से गाड़ी के कौन-से पार्ट्स सबसे पहले खराब होने का खतरा रहता है.
रबर होज और फ्यूल लाइन्स जल्द होते हैं खराब
आपको बता दें कि, एथेनॉल में एक नेचुरल गुण होता है और यह रबर और कुछ खास तरह के प्लास्टिक को धीरे-धीरे गलाने या सख्त करने लगता है. पुरानी गाड़ियों में ईंधन को टैंक से इंजन तक पहुंचाने के लिए जिन रबर होज और प्लास्टिक पाइप्स का इस्तेमाल होता है. वे इस फ्यूल के लिए नहीं बने थे.
जबकि एथेनॉल के लगातार संपर्क में रहने से ये रबर के पाइप कड़े होकर चटकने लगते हैं. इससे फ्यूल लीक होने का खतरा बढ़ जाता है और गाड़ी में आग लगने जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है.
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फ्यूल पंप और इंजेक्टर्स पर पड़ता है असर
आपने सुना ही होगा कि एथेनॉल की सबसे बड़ी कमी यह है कि यह हवा से नमी यानी पानी को बहुत तेजी से सोखता है. जब गाड़ी के फ्यूल टैंक में पानी की मात्रा बढ़ती है तो यह ईंधन प्रणाली के मेटल पार्ट्स में जंग लगाने लगता है.
जिससे इसका सीधा असर गाड़ी के महंगे फ्यूल पंप और फ्यूल इंजेक्टर्स पर पड़ता है. जंग के छोटे-छोटे पार्टिकल इंजेक्टर्स के बारीक छेदों को बंद कर देते हैं. जिससे इंजन को सही मात्रा में तेल नहीं मिलता. इसके कारण गाड़ी चलते-चलते झटके मारने लगती है.
फ्यूल फिल्टर भी हो जाता है चोक
बता दें कि, एथेनॉल एक बेहतरीन साल्वेंट माना जाता है. इसलिए यह टैंक के अंदर सालों से जमी गंदगी और कचरे को पिघला देता है. यह सारा छूटा हुआ कचरा सीधे फ्यूल फिल्टर में जाकर जमा हो जाता है.
जिससे फिल्टर बहुत जल्दी चोक यानी ब्लॉक हो जाता है. इसके अलावा नमी और कचरे के कारण इंजन के सिलेंडर और इनटेक वाल्व्स पर कार्बन की परत जमने लगती है जिससे गाड़ी का पिकअप और माइलेज दोनों ही बुरी तरह प्रभावित होते हैं.
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