500 रुपये का Additive E20 को बना देगा E10? जानें असली सच
क्या 500 रुपये का फ्यूल एडिटिव E20 पेट्रोल को E10 में बदल सकता है? जानिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे का पूरा सच.

हमारे देश में अब एथेनोल को हर पेट्रोल पंप पर अनिवार्य कर दिया गया है. लेकिन कुछ लोगों की शिकायत है कि, E20 से उनके गाड़ी में दिक्कत आ रही है. जिसके बाद सरकार ने यह साफ कर दिया है कि, साल 2023 से पहले ही गाड़ियों में थोड़ी बहुत दिक्कत आ सकती हैं. जिसके चलते अब लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है और लोग E20 से बचने के उपाय ढूंढ रहे हैं. इसी चिंता के बीच इंटरनेट पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि बाजार में मिलने वाला मात्र 500 रुपये का केमिकल एडिटिव आपकी गाड़ी की टंकी में डलते ही E20 पेट्रोल को E10 में बदल देता है.
जिससे आपकी पुरानी गाड़ी का इंजन सुरक्षित रहता है. लेकिन क्या वाकई 500 रुपये की एक छोटी सी शीशी पेट्रोल के रासायनिक फॉर्मूले को बदल सकती है या यह सिर्फ जनता को ठगने का नया तरीका है? चलिए जानते हैं ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और रसायन विज्ञान की नजर में इस वायरल दावे का असली सच क्या है.
क्या सच में ऐसा पॉसिबल है?
आपको बता दें कि, रसायन विज्ञान के सामान्य नियमों के अनुसार पेट्रोल और एथेनॉल का मिश्रण मॉलिक्यूलर स्तर पर बंधा होता है. जब डिपो में 80% पेट्रोल के साथ 20% एथेनॉल को मिलाया जाता है तो एथेनॉल के अणुओं को किसी भी एडिटिव या बोतल की दवा से रासायनिक रूप से कम नहीं किया जा सकता.
लेकिन इसके बाद भी अगर कोई दावा करता है कि एक 100ml का एडिटिव 30-40 लीटर पेट्रोल में घुले एथेनॉल को गायब कर देगा या 20% से घटाकर 10% कर देगा तो यह वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह से असंभव और झूट है. केमिकल एडिटिव्स सिर्फ ईंधन के कंबस्शन को बेहतर बना सकते हैं वे ईंधन के मूल घटकों को बदल नहीं सकते.

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एडिटिव्स वास्तव में काम करते हैं?
हमारे बाजार में मिलने वाले बहुचर्चित फ्यूल एडिटिव्स का असली काम एथेनॉल को कम करना नहीं बल्कि एथेनॉल के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करना होता है. एथेनॉल स्वभाव से नमी सोखने वाला होता है जो हवा से पानी खींचकर इंजन की फ्यूल लाइन्स और टैंक में जंग या नमी पैदा कर सकता है.
वहीं, फ्यूल एडिटिव्स केवल कंटेनर स्टेबलाइजर या मॉइश्चर डिस्पर्सेंट का काम करते हैं. ये एडिटिव्स पानी और एथेनॉल के अलगाव को रोकने, फ्यूल इंजेक्टर को साफ रखने और जंग से बचाने में मदद करते हैं. यानी एडिटिव पेट्रोल में एथेनॉल का प्रतिशत 20% ही रखता है बस उससे होने वाली नमी और जंग को कुछ हद तक रोक देता है.

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हो सकता है भारी नुकसान
जानकारी के लिए बता दें कि, अगर आप सोशल मीडिया के बहकावे में आकर अपनी गाड़ी की टंकी में किसी भी लोकल या बिना प्रामाणिकता वाले एडिटिव का इस्तेमाल करते हैं तो फायदा होने के बजाय इंजन पूरी तरह ब्लॉक या खराब हो सकता है.
गलत मात्रा या घटिया केमिकल डालने से गाड़ी के स्पार्क प्लग, फ्यूल पंप और कैटालिटिक कनवर्टर पर मोम जैसी परत जम सकती है. इससे गाड़ी अचानक झटका लेने लगेगी, काला धुआं छोड़ेगी और आपको हजारों रुपये का नया फटका लग जाएगा. कंपनियों का साफ कहना है कि किसी भी एडिटिव का प्रयोग केवल अपनी कार के यूजर मैनुअल और गाइडलाइंस को देखकर ही करें.
क्या है असली समाधान?
बता दें कि, अगर आपकी गाड़ी अप्रैल 2023 से पहले की बनी है और आप E20 पेट्रोल के प्रभाव से चिंतित हैं तो एडिटिव्स के झांसे में आने के बजाय सही रखरखाव अपनाएं. समय-समय पर कार की फ्यूल लाइन, स्पार्क प्लग और रबर होज की जांच करवाएं और विश्वसनीय पेट्रोल पंप से ही फ्यूल भरवाएं.
इसके अलावा सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय भी पुराने वाहनों के लिए कम एथेनॉल वाले ईंधन का विकल्प देने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं. इसलिए 500 रुपये के जादुई एडिटिव के वायरल दावों से बचें और किसी भी फर्जी प्रॉडक्ट पर पैसे बर्बाद करने के बजाय अपनी गाड़ी की नियमित सर्विसिंग पर ध्यान दें.
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