एक्सप्लोरर
रोज मिलेगी फ्री रेंज! चीनी कंपनी ने तैयार की सोलर सनरूफ, ऐसे चार्ज होगी EV
अगर इसी सोलर तकनीक को कार के बोनट और दूसरे बॉडी पैनल्स पर भी लगाया जाए तो पूरी कार ज्यादा सोलर एनर्जी पैदा कर सकती है. आइए इस तकनीक के बारे में विस्तार से जानते हैं.

चीनी कंपनी ने तैयार की सोलर सनरूफ
Source : Social Media
इलेक्ट्रिक कारों को लेकर सबसे बड़ी चिंता आमतौर पर उनकी रेंज और चार्जिंग को लेकर होती है. अगर कार को चार्ज करने के लिए बार-बार चार्जिंग स्टेशन न जाना पड़े और गाड़ी धूप से ही कुछ हद तक चार्ज होती रहे, तो यह ईवी मालिकों के लिए बड़ी सुविधा हो सकती है. इसी कड़ी में चीन की ऑटोमोबाइल कंपनी FAW Hongqi ने एक नई सोलर सनरूफ तकनीक पेश की है. कंपनी का दावा है कि यह तकनीक धूप से बिजली बनाकर इलेक्ट्रिक कार को ज्यादा रेंज देने में मदद कर सकती है.
कार की छत पर लगा है सोलर सनरूफ
- FAW Hongqi ने अपनी Hongqi EHS7 इलेक्ट्रिक SUV के प्रोटोटाइप में फुल-साइज सोलर सनरूफ लगाया है. चीन में इस SUV को Tiangong 08 के नाम से भी जाना जाता है. इस सोलर सिस्टम में नई पेरोवस्काइट फोटोवोल्टिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. आसान भाषा में समझें तो यह तकनीक सूरज की रोशनी को बिजली में बदलने का काम करती है, जिसका इस्तेमाल कार की बैटरी और दूसरे इलेक्ट्रिक सिस्टम को चलाने में किया जा सकता है.

- अच्छी धूप मिलने पर यह सोलर सनरूफ करीब 300 वॉट तक बिजली पैदा कर सकता है. यह सिस्टम एक साल में करीब 400 kWh यानी 400 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है. इस बिजली का इस्तेमाल सिर्फ कार की बैटरी चार्ज करने के लिए ही नहीं, बल्कि AC, मिनी फ्रिज और कार के सिक्योरिटी व मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे दूसरे इलेक्ट्रिक फीचर्स को चलाने के लिए भी किया जा सकता है.
- इस सोलर सिस्टम की खासियत सिर्फ इसकी बिजली बनाने की कैपेसिटी नहीं है, बल्कि इसमें इस्तेमाल होने वाली पेरोवस्काइट तकनीक भी काफी महत्वपूर्ण है. पारंपरिक सोलर पैनल में आमतौर पर सिलिकॉन का इस्तेमाल होता है, जो अपेक्षाकृत भारी और कठोर होता है. इसके मुकाबले पेरोवस्काइट से बने सोलर पैनल ज्यादा पतले, हल्के और लचीले हो सकते हैं. इसी वजह से इन्हें कार की घुमावदार छत, बोनट या दूसरे बॉडी पैनल पर लगाना आसान हो सकता है.
रोजाना 80 KM तक की अतिरिक्त रेंज
- कंपनी की योजना इस तकनीक को सिर्फ कार की छत तक सीमित रखने की नहीं है. अगर इसी सोलर तकनीक को कार के बोनट और दूसरे बॉडी पैनल्स पर भी लगाया जाए तो पूरी कार ज्यादा सोलर एनर्जी पैदा कर सकती है. सही धूप और मौसम की स्थिति में इससे एक दिन में करीब 10 kWh तक बिजली पैदा होने का अनुमान है. इससे इलेक्ट्रिक कार को रोजाना 80 किलोमीटर तक की अतिरिक्त रेंज मिल सकती है. यानी कार मालिक को हर दिन की इस दूरी के लिए अलग से चार्जिंग की जरूरत कम पड़ सकती है.
- जिस Hongqi EHS7 EV में यह सोलर सनरूफ लगाया गया है, वह खुद भी एक पावरफुल इलेक्ट्रिक SUV है. रिपोर्ट के अनुसार, यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 475 किलोमीटर तक चल सकती है. इसकी मोटर की पीक पावर 253 kW बताई गई है. ऐसे में सोलर तकनीक के जुड़ने से कार की मौजूदा बैटरी रेंज के ऊपर अतिरिक्त रेंज हासिल करने की संभावना बनती है.

अभी प्रोटोटाइप में है तकनीक
- इस तकनीक को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि यह अभी प्रोटोटाइप यानी परीक्षण चरण में है. कंपनी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि सोलर सनरूफ को बड़े पैमाने पर कब से तैयार किया जाएगा या इसे प्रोडक्शन कारों में कब लगाया जाएगा. इसलिए 80 किलोमीटर की रेंज को फिलहाल कंपनी के दावे और अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए. अगर यह तकनीक व्यावसायिक रूप से सफल होती है, तो भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों में धूप से खुद बिजली पैदा करने और अतिरिक्त रेंज हासिल करने की सुविधा देखने को मिल सकती है.
और पढ़ें
Advertisement





















