आसमान से दुश्मनों पर मौत बरसाएगा भारत, ग्लाइड बम टेस्ट, जानें पावर
भारतीय वायुसेना ने लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम खगंतक-243 का सफल ड्रॉप ट्रायल किया है. ये परीक्षण सु-30एमकेआई से किया गया.

भारतीय वायुसेना ने तकनीक के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल की है. वायुसेना ने देश में डिजाइन और विकसित किए गए लॉन्ग रेंज ग्लाइड बम खगंतक-243 का सफल ड्रॉप ट्रायल किया है. ट्रायल के दौरान इस घातक हथियार ने सटिकता के साथ अपना लक्ष्य हासिल किया.
किसने किया निर्माण
खगंतक-243 का निर्माण भारतीय रक्षा कंपनी जेएसआर डायनेमिक्स ने किया है. इस हथियार को लड़ाकू विमानों के द्वारा छोड़ा जाता है. ये परीक्षण सु-30एमकेआई से किया गया. भारतीय वायुसेना ने खुद खगंतक-243 के सफल परीक्षण की जानकारी दी है.
वायुसेना ने दी जानकारी
भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया पर लिखा, सटीकता, ताकत, गर्व. भारतीय वायुसेना और भारतीय इंडस्ट्री के लिए एक अहम उपलब्धि. भारतीय वायु सेना ने देश में ही डिजाइन और विकसित किए गए 'लॉन्ग रेंज ग्लाइड बॉम्ब' (खगंतक-243) को गिराने का सफल परीक्षण किया. इन परीक्षणों ने सभी लक्ष्यों को हासिल किया और मारक क्षमता के नए आयाम स्थापित किए.
Precision. Power. Pride.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) September 2, 2026
A significant milestone for the #IAF and Indian Industry. The Indian Air Force successfully conducted the drop of an indigenously designed & developed Long Range Glide Bomb (Khagantak-243). The Trials met all objectives scaling new peaks of lethality… pic.twitter.com/VWZEp89zL0
क्या है खासियत
खगंतक 243 एक स्वदेशी लॉन्ग रेंज स्टैंड ऑफ प्रिसिजन स्ट्राइक हथियार है. इस बम को विमान से छोड़ने के बाद ये पारंपरिक बम की तरह सीधे नीचे नहीं गिरता है बल्कि ग्लाइड करते हुए अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ता है. इससे लड़ाकू विमान को लक्ष्य के बेहद पास जाए बिना भी हमला करने की क्षमता है.
- ये लगभग 12,000 मीटर की ऊंचाई से छोड़ने पर 140 किमी से अधिक रेंज है.
- Mk 81 जनरल-परपज ब्लास्ट-फ्रैगमेंटेशन वारहेड, जिसमें 125 किलोग्राम विस्फोटक भराव.
- इसकी बॉडी बेलनाकार है, स्विवेल टाइप मिड बॉडी ग्लाइड विंग्स हैं और पांच आफ्ट कंट्रोल सतहें हैं.
- इसका डिजाइन मॉड्यूलर है, जिससे मिशन के अनुसार अलग-अलग वारहेड और गाइडेंस कॉन्फिगरेशन हो सके.
खगंतक-243 को सटीक हमले के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें मार्गदर्शन प्रणाली लगी है जो इसकी निर्धारित लक्ष्य पर पहुंचने में मदद करेगी.
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