एक्सप्लोरर

क्या अटक जाएगी 18000 करोड़ की बैटरी PLI स्कीम, राजेश एक्सपोर्ट्स पर लगे आरोपों से कितना असर?

EV PLI Scheme: राजेश एक्सपोर्ट्स पर लगे आरोपों के बाद 18000 करोड़ रुपये की बैटरी PLI स्कीम चर्चा में है. जानिए इस विवाद का भारत की EV और बैटरी इंडस्ट्री पर कितना असर पड़ सकता है.

EV PLI Scheme: भारत सरकार की 18000 करोड़ रुपये की एडवांस केमिस्ट्री सेल यानी ACC बैटरी PLI स्कीम को देश में मजबूत बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाता है. इस योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए घरेलू स्तर पर आधुनिक बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना है. लेकिन अब यह योजना एक नए विवाद की वजह से सुर्खियों में आ गई है. 

बैटरी PLI स्कीम से जुड़ी प्रमुख कंपनियों में शामिल राजेश एक्सपोर्ट्स पर लगे आरोपों के बाद इस परियोजना की प्रगति को लेकर सवाल उठने लगे हैं. खबरों के अनुसार मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है. ऐसे में उद्योग जगत की नजर इस बात पर टिकी है कि इस विवाद का बैटरी निर्माण और भारत की EV महत्वाकांक्षाओं पर कितना असर पड़ सकता है.

क्यों चर्चा में आई बैटरी PLI स्कीम?

बैटरी PLI स्कीम का मकसद भारत में बड़े स्तर पर आधुनिक बैटरी सेल उत्पादन को बढ़ावा देना है. यह योजना इलेक्ट्रिक वाहनों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि बैटरी किसी भी EV का सबसे अहम हिस्सा होती है. राजेश एक्सपोर्ट्स इस योजना के तहत चयनित कंपनियों में शामिल रही है. हाल ही में कंपनी से जुड़े कुछ आरोप सामने आने के बाद सरकारी स्तर पर परियोजना की समीक्षा की खबरें सामने आई हैं. 

इससे उद्योग जगत में चर्चा तेज हो गई है कि कहीं इससे योजना की गति प्रभावित न हो जाए. हालांकि अभी तक पूरी योजना को रोकने या बंद करने जैसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का मुख्य फोकस योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करना और निवेशकों का भरोसा बनाए रखना होगा.

यह भी पढ़ें: इस शख्स के पास है 800 करोड़ रुपये की कार, डिजाइन ऐसा कि देखने के लिए लग जाती है भीड़

EV इंडस्ट्री और निवेशकों पर क्या पड़ सकता है असर?

यदि किसी परियोजना से जुड़ी कंपनी जांच या विवाद में आती है तो उसका असर केवल उस कंपनी तक सीमित नहीं रहता. निवेशकों का भरोसा, परियोजना की समयसीमा और उद्योग की धारणा भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि जानकारों का कहना है कि भारत की बैटरी और EV रणनीति किसी एक कंपनी पर निर्भर नहीं है. सरकार ने इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश आकर्षित करने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं. 

इसलिए किसी एक विवाद से पूरे सेक्टर की दिशा बदलने की संभावना कम मानी जा रही है. फिर भी यदि समीक्षा प्रक्रिया लंबी चलती है तो कुछ परियोजनाओं की रफ्तार पर असर पड़ सकता है. फिलहाल उद्योग जगत और निवेशक इस मामले में आने वाले सरकारी फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं. आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें: क्या रात में काम नहीं करते स्पीड डिटेक्टर कैमरे, जानें कब से कब तक नहीं काटते चालान?

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

कार बेचने के बाद कैसे डिएक्टिवेट होता है FASTag, जानें प्रोसेस?
कार बेचने के बाद कैसे डिएक्टिवेट होता है FASTag, जानें प्रोसेस?
BMW 7 Series Facelift लॉन्च, मसाज वाली सीट के साथ लग्जरी इंटीरियर; जानें कीमत 
BMW 7 Series Facelift लॉन्च, मसाज वाली सीट के साथ लग्जरी इंटीरियर; जानें कीमत 
न DL न RC की जरूरत, बिना चालान के डर के इन स्कूटर को चला सकते हैं आप
न DL न RC की जरूरत, बिना चालान के डर के इन स्कूटर को चला सकते हैं आप
715 KM रेंज और चंद सेकंड में 100 की स्पीड, क्यों खास है ये लग्जरी कार?
715 KM रेंज और चंद सेकंड में 100 की स्पीड, क्यों खास है ये लग्जरी कार?

वीडियोज

UP Freebies Scheme | UP Election 2027: UP फ्री बीज पर विश्लेषको का सटीक विश्लेषण! | BJP | ABP News
BRICS Summit 2026 Update: Putin और PM Modi के संबोधन से लेकर, समिट की हर तस्वीर| PM Modi | Russia
BRICS Summit 2026: PM Modi और Putin की हो गई सबसे बड़ी डील ? | India Russia Relations
BRICS Summit 2026: PM Modi और Putin की बैठक खत्म क्या क्या फैसला हुआ ? | India Russia Relations
Bhuvan Bam Interview: The Revolutionaries, BB Ki Vines और NBA पर खुलकर बोले Bhuvan, Pratibha, Gurfateh

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
हाथ मिलाए, गले लगाया...ऐसे मिले पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन
हाथ मिलाए, गले लगाया...ऐसे मिले पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन
...तो नीतीश कुमार के नाम पर JDU? पार्टी ने साफ किया स्टैंड
...तो नीतीश कुमार के नाम पर JDU? पार्टी ने साफ किया स्टैंड
'भारतीय क्रिकेटर गन्ना नहीं कि निचोड़ लें...', क्यों भड़के सुनील गावस्कर, ICC को दी सलाह
'भारतीय क्रिकेटर गन्ना नहीं कि निचोड़ लें...', क्यों भड़के सुनील गावस्कर, ICC को दी सलाह
OTT से लेकर थियेटर तक, इस हफ्ते दमदार फिल्में हुईं रिलीज, ये 5 हैं मस्ट वॉच
OTT से लेकर थियेटर तक, इस हफ्ते दमदार फिल्में हुईं रिलीज, ये 5 हैं मस्ट वॉच
BRICS Summit 2026 LIVE: पीएम मोदी और पेजेश्कियान के बीच द्विपक्षीय बैठक खत्म, अराघची भी मौजूद रहे
LIVE: पीएम मोदी और पेजेश्कियान के बीच द्विपक्षीय बैठक खत्म, अराघची भी मौजूद रहे
सत्तू-मखाना...कश्मीरी जायके से गलौटी कबाब तक, देखें BRICS का शाही मेन्यू
सत्तू-मखाना...कश्मीरी जायके से गलौटी कबाब तक, देखें BRICS का शाही मेन्यू
नई दिल्ली में रूस-चीन समेत BRICS देशों का जमघट; US-पाक मीडिया ने क्या कहा?
नई दिल्ली में रूस-चीन समेत BRICS देशों का जमघट; US-पाक मीडिया ने क्या कहा?
Monsoon Home Tips: बरसात में बढ़ गया है मक्खी-चींटी का आतंक? पोंछे में मिलाएं 1 चीज
बरसात में बढ़ गया है मक्खी-चींटी का आतंक? पोंछे में मिलाएं 1 चीज
Embed widget