Car Insurance tips: कार इंश्योरेंस लेते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, लग जाएगा चूना
Car Insurance tips: कार इंश्योरेंस लेते समय की गई छोटी-सी चूक आगे चलकर बड़ा आर्थिक झटका दे सकती है, इसलिए हर फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी है, आइए समझें

Car Insurance tips: आज के जमाने में कार इंश्योरेंस सिर्फ एक कानूनी जरूरत नहीं, बल्कि हमारी गाड़ी और जेब दोनों के लिए सुरक्षा का एक प्रभावी साधन भी है. भारत में वाहन कानून के मुताबिक कम से कम थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना अनिवार्य होता है, लेकिन पॉलिसी ले लेना ही काफी नहीं होता, उसकी सही तरीके से जांच पड़ताल भी जरूरी है. कई लोग जल्दबाजी या जानकारी के अभाव में गलतियां कर बैठते हैं, जिनका नुकसान उन्हें बाद में उठाना पड़ता है.
आइए समझें कुछ सामान्य गलतियों के बारे में
- सबसे पहली और आम गलती है केवल सस्ते प्रीमियम के चक्कर में पॉलिसी ले लेना. कम प्रीमियम वाली पॉलिसी देखने में तो आकर्षक लगती है, लेकिन उसमें काफी सीमित कवरेज होता है. ऐसे में जब कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो क्लेम के समय पता चलता है कि यह पॉलिसी उतनी मददगार नहीं है. इसलिए प्रीमियम के साथ साथ कवरेज और सुविधाओं को समझना बेहद जरूरी हो जाता है.
- अगली बड़ी गलती है IDV (Insured Declared Value) को सही से न समझना. IDV आपकी कार की वर्तमान कीमत होती है और उसी के आधार पर क्लेम की राशि तय की जाती है. अगर पॉलिसी लेते समय आप IDV की वैल्यू कम कर देते हैं, तो नुकसान के समय आपको कम पैसा मिलेगा. वहीं बहुत जरूरत से अधिक IDV रखने से प्रीमियम अत्यधिक बढ़ सकता है.
- उसके बाद है ऐड ऑन कवर को नजरअंदाज करना. कई लोग बेसिक पॉलिसी लेकर संतुष्ट हो जाते हैं, जबकि कुछ ऐड ऑन जैसे जीरो डिप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन और रोडसाइड असिस्टेंस काफी काम के होते हैं. खासकर नई कार के लिए जीरो डिप्रिसिएशन कवर लेना समझदारी होती है, क्योंकि इससे क्लेम के समय पार्ट्स की पूरी कीमत मिलती है.
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- कभी कभी ऐसा भी देखा जाता है कि लोग पॉलिसी डॉक्युमेंट्स को बिना पढ़े ही स्वीकार कर लेते हैं. लेकिन हर पॉलिसी में कुछ शर्तें और अपवाद (एक्सक्लूजन) होते हैं, जिन्हें समझना जरूरी होता है. इनकी अनदेखी करने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
- एक और महत्वपूर्ण पहलू है नो क्लेम बोनस. अगर आपने पिछले साल कोई क्लेम नहीं किया है, तो आपको NCB के रूप में डिस्काउंट मिलता है. पॉलिसी बदलते समय कई लोग इस बोनस को ट्रांसफर करना भूल जाते हैं, जिससे उन्हें नुकसान होता है. यह बोनस आपकी पॉलिसी से जुड़ा होता है, न कि कंपनी से, इसलिए इसे हमेशा सुरक्षित रखें.
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Source: IOCL


























