एक्सप्लोरर

Balram Jayanti 2026: घर में हल नहीं तो किस चीज की पूजा करें?

Balram Jayanti 2026: बलराम जयंती पर घर में हल न हो तो क्या करें? जानें भगवान बलराम की तस्वीर, प्रतीकात्मक हल और सामान्य सामग्री से पूजा करने का सरल तरीका.

Balram Jayanti 2026: आज बलराम जयंती पर भगवान बलराम के हाथ में दिखाई देने वाला हल केवल उनका आयुध नहीं, बल्कि खेती, श्रम और धरती से जुड़ाव का प्रतीक भी है. इसी कारण उन्हें हलधर और हलायुध कहा जाता है. शहरों में रहने वाले कई परिवारों के सामने यह सवाल आता है कि घर में हल नहीं है तो पूजा कैसे की जाए? इसका सीधा उत्तर है, इस दिन पूजा भगवान बलराम की होती है, असली हल रखना अनिवार्य नहीं है.

हल नहीं तो पूजा में क्या रखें?

पूजा के स्थान पर भगवान बलराम की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जा सकती है. ऐसी तस्वीर मिले जिसमें उनके हाथ में हल और मूसल दिखाई दे रहे हों तो बेहतर है, लेकिन यह भी जरूरी नहीं. भगवान कृष्ण और बलराम की संयुक्त तस्वीर रखकर भी पूजन किया जा सकता है.

यदि परिवार हल को प्रतीक के रूप में पूजा में शामिल करना चाहता है तो सफेद कागज पर हल का साफ चित्र बनाकर भगवान के पास रखा जा सकता है. बाजार में मिलने वाला छोटा लकड़ी या मिट्टी का सजावटी हल भी इस्तेमाल किया जा सकता है. यह केवल एक प्रतीकात्मक घरेलू व्यवस्था है, कोई अनिवार्य शास्त्रीय नियम नहीं.

हल के स्थान पर चाकू, लोहे की छड़ या कोई नुकीला औजार रखना उचित नहीं है. गंदे अथवा जंग लगे उपकरण भी पूजा की चौकी पर न रखें. पूजा के लिए वास्तविक कृषि उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं है.

यह भी पढ़ें- Balram Jayanti 2026: आज बलराम जयंती, इस दिन हल की पूजा करने से क्या होता है

यह भी पढ़ें- Panchang Today 16 September 2026: 16 सितंबर 2026, बलराम जयंती पूजा का मुहूर्त और पूरा पंचांग देखें

घर पर ऐसे करें बलराम जी की पूजा

सुबह स्नान के बाद पूजा का स्थान साफ करें और चौकी पर सफेद या पीला वस्त्र बिछाएं. भगवान बलराम की तस्वीर स्थापित कर जल, चंदन, अक्षत, फूल और धूप-दीप अर्पित करें. इसके बाद मन में भगवान बलराम का ध्यान करते हुए ॐ बलभद्राय नमः मंत्र का 11 या 21 बार जप किया जा सकता है.

भोग में मौसमी फल, माखन-मिश्री, खीर अथवा घर में बना कोई सात्त्विक व्यंजन रखें. परिवार की परंपरा हो तो भोग पर तुलसी का पत्ता भी रखा जा सकता है. पूजा के अंत में भगवान से शारीरिक बल के साथ धैर्य, सही निर्णय लेने की शक्ति और परिश्रम का सम्मान करने की प्रार्थना करें. किसान या कृषि से जुड़े लोगों की सहायता का संकल्प लेना भी पर्व के भाव से जुड़ने का व्यावहारिक तरीका हो सकता है.

बलराम जयंती 2026 का मुहूर्त

नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार बलराम जयंती बुधवार, 16 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. षष्ठी तिथि 16 सितंबर को सुबह 8:59 बजे शुरू होकर 17 सितंबर को सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी. पूजा का मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक बताया गया है. शहर बदलने पर समय में अंतर संभव है, इसलिए स्थानीय पंचांग भी देखना चाहिए.

धार्मिक परंपराओं में क्षेत्र के अनुसार पूजा-विधि अलग हो सकती है. इसलिए परिवार में कोई पुरानी परंपरा चली आ रही हो तो उसे प्राथमिकता दें. बलराम जयंती का मूल संदेश किसी विशेष वस्तु की उपलब्धता नहीं, बल्कि श्रम, सामर्थ्य और धरती के प्रति सम्मान है.

FAQ

क्या बलराम जयंती पर असली हल रखना जरूरी है?
नहीं. पूजा भगवान बलराम की होती है. उनकी तस्वीर या प्रतिमा रखकर सामान्य विधि से पूजन किया जा सकता है.

घर में हल नहीं हो तो पूजा में क्या रख सकते हैं?
भगवान बलराम की हल सहित तस्वीर, कृष्ण-बलराम का संयुक्त चित्र या मिट्टी अथवा लकड़ी का छोटा प्रतीकात्मक हल रखा जा सकता है.

क्या कागज पर हल बनाकर पूजा में रख सकते हैं?
हां, घरेलू स्तर पर स्वच्छ कागज पर बना हल का चित्र प्रतीक के रूप में रखा जा सकता है. यह कोई अनिवार्य शास्त्रीय नियम नहीं है.

क्या कृष्ण-बलराम की संयुक्त तस्वीर से पूजा हो सकती है?
हां, भगवान कृष्ण और बलराम की संयुक्त तस्वीर रखकर श्रद्धापूर्वक पूजन किया जा सकता है.

बलराम जी का सरल मंत्र क्या है?
पूजा के दौरान ॐ बलभद्राय नमः मंत्र का 11 अथवा 21 बार जप किया जा सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

हृदेश कुमार सिंह । Hirdesh Kumar Singh 

Senior Vedic Astrologer । Head – Religion & Astrology, ABP Live । Lead – ABP Dharma LIVE

हृदेश कुमार सिंह वरिष्ठ वैदिक ज्योतिषाचार्य और मीडिया पेशेवर हैं. उन्हें ज्योतिष, धर्म और मीडिया के क्षेत्र में 17 साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे ABP Live में Religion & Astrology वर्टिकल का नेतृत्व करते हैं. साथ ही ABP Dharma LIVE की कंटेंट और डिजिटल रणनीति की जिम्मेदारी संभालते हैं.

उनके काम में ज्योतिषीय लेखन, संपादन, वेबसाइट और वीडियो के लिए विषय चयन तथा संपादकीय योजना शामिल है. वे Search, Google Discover और सोशल मीडिया पर पाठकों की रुचि को ध्यान में रखकर धर्म और ज्योतिष की कवरेज तय करते हैं.

पंचांग, राशिफल, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराएं उनके लेखन के प्रमुख विषय हैं. वे करियर, विवाह, शिक्षा और व्यापार से जुड़े सवालों पर भी लिखते हैं. राजनीति और सामाजिक घटनाओं पर उनके ज्योतिषीय विश्लेषण वैदिक गणना, गोचर और मेदिनी ज्योतिष पर आधारित होते हैं. इनमें ग्रह स्थितियों को संभावित संकेतों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है.

उन्होंने Indian Institute of Mass Communication (IIMC), नई दिल्ली से पत्रकारिता और IIMT University, मेरठ से ज्योतिष शास्त्र एवं वास्तु शास्त्र की शिक्षा ग्रहण की है. वे AstroSage और Astrotalk जैसे प्लेटफॉर्म के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने Semrush Academy से 'Content Marketing Essentials for SEO and AI Search with Semrush' सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है.

नई पीढ़ी के पाठकों के लिए उन्होंने 'Gen-Z Horoscope' जैसे प्रारूप पर काम किया है. इसमें पढ़ाई, नौकरी, रिश्तों और रोजमर्रा के फैसलों से जुड़े सवालों को राशिफल में जगह दी गई है. उनके लेख धार्मिक परंपराओं से जुड़े उन प्रश्नों पर भी केंद्रित होते हैं, जो बदलती जीवनशैली में सामने आते हैं.

वैदिक ज्योतिष, होरा शास्त्र, संहिता, मेदिनी ज्योतिष, अंक ज्योतिष, शकुन शास्त्र और वास्तु उनके अध्ययन एवं लेखन के विषय हैं. उनका मानना है, 'ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं, बल्कि समय को समझने की कला है.'

ज्योतिष और मीडिया के अलावा उन्हें सिनेमा, संगीत, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, ग्रामीण जीवन और यात्राओं में विशेष रुचि है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Weekly Horoscope 11 to 18 October 2026: नवरात्रि में सूर्य बदलेगा राशि, किसके काम और रिश्तों पर असर?
नवरात्रि का सप्ताह आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा?
Kal Ka Rashifal: शुक्रवार ग्रहों की चाल आपकी राशि पर क्या असर डाल रही है? पढ़ें 9 अक्टूबर 'कल का राशिफल'
Kal Ka Rashifal 9 October 2026: शुक्रवार को ब्रह्म योग से किन राशियों की खुलेगी किस्मत, वृषभ को पुराना मुनाफा और कर्क को मिलेगा अटका धन!
दशहरे पर शमी क्यों बन जाता है सोना? 14वीं सदी की वह अनोखी संधि, जिसने बिना तलवार चलाए रुकवा दिए थे युद्ध
दशहरे पर पेड़ की पत्ती कैसे बन गई 'सोना'? चाणक्य नीति और दक्कन की उस अनसुनी संधि की दास्तान
क्या नाम में डबल 'R' लाता है दुर्भाग्य? इरफान, नुसरत और किरण खेर के इस बड़े संयोग का सच
क्या नाम में डबल 'R' लाता है दुर्भाग्य? इरफान, नुसरत और किरण खेर के इस बड़े संयोग का सच
Advertisement

वीडियोज

बीवी की बेवफाई....पति का गुस्सा !
Rahul Gandhi पर पुलिस का एक्शन! हिरासत में लेकर बस में बैठाया
प्रेमानंद महाराज के यहां जाने पर मिले 5 करोड़?
विपक्ष का प्रदर्शन...कांग्रेस ने किया 'हाइजैक' ?
त्योहारों से पहले RBI का बड़ा झटका! महंगा हुआ Loan, बढ़ी Repo Rate
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
नंदीग्राम में रिजल्ट से पहले ममता बनर्जी ने मान ली हार! कहा 'भविष्यवाणी सुनी है कि...'
नंदीग्राम में रिजल्ट से पहले ममता बनर्जी ने मान ली हार! कहा 'भविष्यवाणी सुनी है कि...'
10 अक्टूबर आंदोलन से पहले बढ़ीं अभिजीत, सौरव, रांका की मुश्किल? दिल्ली पुलिस का बड़ा फैसला
10 अक्टूबर आंदोलन से पहले बढ़ीं अभिजीत, सौरव, रांका की मुश्किल? दिल्ली पुलिस का बड़ा फैसला
CJP ने 10 अक्टूबर के आंदोलन के लिए कस ली कमर, सौरव दास बोले- 'ज्ञानू, कॉकरोच...'
CJP ने 10 अक्टूबर के आंदोलन के लिए कस ली कमर, सौरव दास बोले- 'ज्ञानू, कॉकरोच...'
भुवनेश्वर कुमार की वापसी: क्या 2028 वर्ल्ड कप खिलाने की तैयारी या सेलेक्टर्स की मजबूरी?
भुवनेश्वर कुमार की वापसी: क्या 2028 वर्ल्ड कप खिलाने की तैयारी या सेलेक्टर्स की मजबूरी?
नाना पाटेकर की मराठी फिल्म जो सेंसर बोर्ड में दो साल तक अटकी रही, सीरियल किलर के रोल देख कांप गए थे लोग
नाना पाटेकर की मराठी फिल्म जो सेंसर बोर्ड में दो साल तक अटकी रही, सीरियल किलर के रोल देख कांप गए थे लोग
'जाना तो है, मैं आज हूं कल नहीं', गोवा में नाना पाटेकर की लास्ट स्पीच
'जाना तो है, मैं आज हूं कल नहीं', गोवा में नाना पाटेकर की लास्ट स्पीच
सऊदी में एयरपोर्ट्स पर हमलों से गुस्से में भारत, चेतावनी देते हुए कहा- 'नामंजूर'
सऊदी में एयरपोर्ट्स पर हमलों से गुस्से में भारत, चेतावनी देते हुए कहा- 'नामंजूर'
अयोध्या जाकर भी राम मंदिर क्यों नहीं जा रहे अखिलेश यादव? खुद बता चुके हैं वजह
अयोध्या जाकर भी राम मंदिर क्यों नहीं जा रहे अखिलेश यादव? खुद बता चुके हैं वजह
Embed widget