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पोल्ट्री फार्म खोलने के लिए कितनी जमीन होनी चाहिए, कैसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस?

Poultry Farming: मुर्गी पालन का बिजनेस शुरू करने के लिए सही ट्रेनिंग, बेहतर लोकेशन और मार्केट डिमांड की समझ होना बेहद जरूरी है. पक्षियों की संख्या के हिसाब से चाहिए होगी जमीन. जान लें पूरी डिटेल्स.

Poultry Farming: आज के समय में पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन का बिजनेस ग्रामीण और सेमी-अर्बन इलाकों में कमाई का एक बेहद शानदार और एवरग्रीन जरिया बन चुका है. बाजार में चिकन और अंडों की डिमांड साल के बारह महीने इतनी हाई रहती है कि इसमें मंदी आने का चांस ना के बराबर होता है. अगर आप भी कम लागत में एक ऐसा स्टार्टअप ढूंढ रहे हैं जो आपको रेगुलर और तगड़ी कैश इनकम दे सके. तो पोल्ट्री का बिजनेस आपके लिए परफेक्ट चॉइस है. 

नए लोगों के लिए अच्छी बात यह है कि इसे छोटे लेवल से शुरू करके बहुत बड़े ब्रांड में बदला जा सकता है. बस आपको शुरुआत करने से पहले इसकी सही प्लानिंग, मार्केट रिसर्च और मैनेजमेंट को अच्छी तरह समझना होगा जिससे आप बिना किसी नुकसान के पहले ही दिन से स्मार्ट फार्मिंग के जरिए मोटा मुनाफा कमाना शुरू कर सकें.

कैसे शुरू कर सकते हैं बिजनेस?

पोल्ट्री फार्मिंग का बिजनेस शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको अपना बिजनेस मॉडल चुनना होगा कि आप अंडों के लिए लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं या चिकन के लिए ब्रायलर फार्मिंग. इसके बाद आपको एक बेहतरीन बिजनेस प्लान तैयार करना होगा और अपने नजदीकी पशुपालन विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से इसकी प्रॉपर ट्रेनिंग लेनी होगी ताकि आप चूजों की देखभाल और बीमारियों से बचाव का तरीका सीख सकें. 

इसके बाद करें यह काम

इसके बाद आपको शेड बनाने के लिए सही लोकेशन चुननी होगी जहां पानी और बिजली की चौबीस घंटे सप्लाई हो और गाड़ी आने-जाने का रास्ता साफ हो. शुरुआती दौर में आप बैंक से लोन और सरकारी सब्सिडी का फायदा उठाकर चूजे, क्वालिटी फीड और जरूरी दवाइयां खरीदकर अपना काम शुरू कर सकते हैं. मार्केट में सीधे होलसेलर्स और दुकानदारों से एडवांस टाई-अप करना आपके बिजनेस को तेजी से बढ़ाने में सबसे ज्यादा मदद करेगा.

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कितनी जमीन होनी चाहिए?

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए जमीन की जरूरत पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि आप कितने पक्षियों के साथ अपना फार्म शुरू करना चाहते हैं. आमतौर पर एक ब्रायलर मुर्गी को रहने के लिए लगभग एक से सवा स्क्वायर फीट जगह की जरूरत होती है. जबकि लेयर मुर्गी के लिए करीब दो स्क्वायर फीट जगह चाहिए होती है. अगर आप बहुत छोटे लेवल पर यानी मात्र एक हजार ब्रायलर मुर्गियों से शुरुआत कर रहे हैं. 

इन बातों का रखें ध्यान

तो आपके पास कम से कम एक हजार से बारह सौ स्क्वायर फीट का कवर्ड एरिया होना चाहिए. वहीं भविष्य में फार्म को बढ़ाने, फीड स्टोर करने और गाड़ियों की आवाजाही के लिए आपको कुल मिलाकर लगभग दो से तीन हजार स्क्वायर फीट खुली जमीन की आवश्यकता पड़ेगी. ध्यान रहे कि जमीन हमेशा थोड़ी ऊंचाई पर और आबादी वाले इलाके से दूर होनी चाहिए जिससे कि मुर्गियां सुरक्षित और स्ट्रेस-फ्री माहौल में तेजी से बढ़ सकें.

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About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

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