एक्सप्लोरर

गन्ना, सब्जी या मूंगफली...खेत में लगी है फसल तो अलर्ट हो जाएं किसान, बदलने वाला है मौसम

Farming Tips: मौसम के बदलते मिजाज और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए किसानों को अलर्ट रहने की जरूरत है. गन्ने, नकदी फसलों और हरी सब्जियों को आंधी-तूफान से बचाने के लिए अपनाएं यह तरीके.

Farming Tips: मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से करवट ले रहा है और देश के कई इलाकों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की इस चेतावनी ने उन किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं जिनकी फसलें इस समय खेतों में तैयार खड़ी हैं या शुरुआती दौर में हैं. चाहे आपके खेत में गन्ना लहरा रहा हो, मूंगफली की गांठें बन रही हों या फिर हरी-भरी सब्जियां लगी हों. 

यह बदला हुआ मौसम हर तरफ नुकसान पहुंचा सकता है. इस बदलते मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही आपकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है. इसलिए बेहद जरूरी है कि आप समय रहते मौसम विभाग की एडवाइजरी को समझें और अपने खेतों को सुरक्षित करने के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाएं.

गन्ने और मूंगफली को बचाने के उपाय

तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा खतरा इस समय गन्ने और मक्के जैसी लंबी फसलों को है क्योंकि तेज हवाओं के थपेड़ों से इनके टूटने और गिरने की आशंका सबसे अधिक होती है. मौसम वैज्ञानिकों की सलाह है कि गन्ने की फसल को सुरक्षित रखने के लिए पौधों को आपस में गुच्छों में बांध दें और जड़ों के पास अच्छी तरह मिट्टी चढ़ा दें. जिससे उन्हें एक्स्ट्रा सपोर्ट मिल सके. इसके अलावा मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलों में इस समय फलियां आ रही हैं.

जहां ओले गिरने से फूल और फलियां टूटकर गिर सकती हैं. मूंगफली की खेती करने वाले किसानों को इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि खेत में पानी बिल्कुल भी जमा न होने पाए क्योंकि जलभराव की स्थिति में मूंगफली की गांठें सड़ने लगती हैं. तेज हवाओं के चलने के दौरान खेतों में किसी भी तरह की सिंचाई या कीटनाशकों का छिड़काव बिल्कुल रोक दें और मौसम साफ होने का इंतजार करें.

यह भी पढ़ें: जुलाई के महीने में कौन सी फसल लगानी चाहिए, नए किसान जान लें काम की बात

सब्जियों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन

सब्जी उगाने वाले किसानों के लिए भी यह अलर्ट बेहद गंभीर है क्योंकि टमाटर, बैंगन, मिर्च के साथ-साथ तोरई, लौकी और करेले जैसी बेल वाली फसलों में भारी बारिश से फंगस का खतरा बढ़ जाता है. बेल वाली सब्जियों को तुरंत मचान या बांस का सहारा देकर ऊंचाई पर करें और खेतों में जल निकासी यानी पानी निकालने का रास्ता एकदम क्लियर रखें ताकि पौधों की जड़ें सुरक्षित रहें. बागवानी करने वाले किसान भाइयों को भी अपने आम, पपीते और केले के बागों में डैमेज कंट्रोल के लिए तैयार रहना चाहिए और कमजोर पौधों को लकड़ी का सहारा देना चाहिए.

आंधी और कड़कती बिजली के दौरान खुले आसमान के नीचे या खेतों में काम करने से बचें और अपने मवेशियों को सुरक्षित शेड में बांधें. आने वाले कुछ दिनों तक लगातार मौसम के अपडेट्स पर नजर रखें और जैसे ही आसमान साफ हो फसलों में फफूंदनाशक का छिड़काव करके अपनी उपज को बीमारियों से बचाएं.

यह भी पढ़ें: हाथ में नहीं आएगा ये आम, इस किसान ने बाग में उगाया 5 किलो का मैंगो; कीमत 3000 रुपये

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

गोमूत्र से कमाई: 15 गांवों में शुरू हुआ अनोखा प्रोजेक्ट
गोमूत्र से कमाई: 15 गांवों में शुरू हुआ अनोखा प्रोजेक्ट
गुलाब की खेती के लिए कौनसी किस्में सबसे बेस्ट?
गुलाब की खेती के लिए कौनसी किस्में सबसे बेस्ट?
गन्ना किसानों को इन मशीनों पर मिलेगी 80% सब्सिडी
गन्ना किसानों को इन मशीनों पर मिलेगी 80% सब्सिडी
मुर्रा भैंस खरीदने पर 75% पैसा देगी सरकार, शुरू कीजिए डेयरी का बिजनेस
मुर्रा भैंस खरीदने पर 75% पैसा देगी सरकार, शुरू कीजिए डेयरी का बिजनेस
Advertisement

वीडियोज

Sansani: एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की खतरनाक मिस्ट्री !
The Traitors 2 का नया Sneak Peek Out, Rhea Chakraborty से Mallika Sherawat तक दिखा बड़ा Drama
Lock Upp 2 की Success Party में Shreya Kalra का जलवा, Farhana Bhatt समेत सितारों ने बिखेरा Glamour
Salman Khan की Seven Dogs 21 August को India में रिलीज, Sanjay Dutt का होगा खास Cameo
Amruta Khanvilkar ने Divorce Rumours पर जताई नाराजगी, Legal Action की दी चेतावनी
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
मूसलाधार बारिश, फ्लैश फ्लड की आशंका, 45 जगहों पर अलर्ट…, मैदान से पहाड़ तक आसमानी आफत
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
बिहार: 'UP के शिक्षकों के साथ…', ट्रांसफर-पोस्टिंग पर बड़ी खबर
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
पुर्तगाल क्रिकेट टीम का हुआ एलान, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बना कप्तान
गोवा में पेंट हाउस, मुंबई में करोड़ों का बंगला, 100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
100 करोड़ से ज्यादा का है इमरान हाशमी का साम्राज्य, नेटवर्थ जान उड़ जाएंगे होश
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
JPC भेजा जाएगा FCRA बिल, विरोध के बीच सरकार का बड़ा कदम
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर आया भारत का रिएक्शन, कहा- 'हम अपनी...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
हमले को लेकर ममता बनर्जी का आया पहला रिएक्शन, कहा - 'मेरे सीने में...'
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
क्या है मून बेस प्रोग्राम, जिसके लिए NASA ने ISRO को किया इनवाइट?
Embed widget