अमोनिया की कमी से आलू को कोल्ड स्टोरेज में रखना हुआ महंगा, जानें इसे बचाने के तरीके
Potatoes Storage Tips: मिडल ईस्ट में तनाव की वजह से अमोनिया गैस महंगी हो गई है. इसका सीधा असर कोल्ड स्टोरेज की लागत पर पड़ा है. किसान इसे बचाने के लिए देसी और वेंटिलेशन तकनीक का सहारा ले सकते हैं.

Potatoes Storage Tips: मिडल ईस्ट में चल रहे तनाव और जंग के हालातों ने सिर्फ कच्चे तेल या गैस की कीमतों को ही नहीं भड़काया है. बल्कि इसका सीधा असर अब आपकी रसोई और किसानों की मेहनत पर भी पड़ने लगा है. ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच मचे घमासान की वजह से एलपीजी सिलिंडर की किल्लत तो हुई ही है. लेकिन अब कोल्ड स्टोरेज में इस्तेमाल होने वाली अमोनिया गैस भी महंगी हो गई है.
देश के कई इलाकों में जहां बड़ी संख्या में कोल्ड स्टोरेज चलते हैं. वहां संचालकों की टेंशन सातवें आसमान पर है. दरअसल आलू को खराब होने से बचाने के लिए अमोनिया गैस का इस्तेमाल तापमान कंट्रोल करने के लिए किया जाता है. अब जब गैस के दाम अचानक बढ़ गए हैं. तो आलू को लंबे समय तक स्टोर करना काफी खर्चीला सौदा साबित हो रहा है. जानें कैसे आप आलू को इस मंहगाई से बचा सकते हैं.
अमोनिया के बढ़ते दाम का कोल्ड स्टोरेज पर असर
कोल्ड स्टोरेज चलाने के लिए अमोनिया गैस जरूरी होती है. इसके बिना अंदर का तापमान मेंटेन करना मुमकिन नहीं है. पिछले कुछ ही समय में इसकी कीमतों में जो उछाल आया है. उसने पूरे बिजनेस मॉडल को हिला कर रख दिया है. जब इनपुट कॉस्ट बढ़ती है. तो उसका सीधा असर स्टोरेज की फीस और फिर मार्केट में आलू की कीमतों पर पड़ता है.
- अमोनिया गैस की कीमत पहले 75 रुपये प्रति किलो थी जो अब बढ़कर 110 रुपये प्रति किलो हो गई है.
- कीमतों में प्रति किलो करीब 35 से 42 रुपये की यह बढ़त सीधा संचालन खर्च को काफी बढ़ा रही है.
- देश में कई कोल्ड स्टोरेज इस समय लागत के इस नए संकट से जूझ रहे हैं
- आलू को अंकुरित होने और गलने से बचाने के लिए अमोनिया से ही कूलिंग सिस्टम चलाया जाता है.
लागत का यह बोझ किसानों और आम उपभोक्ताओं की जेब पर ही भारी पड़ने वाला है.
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महंगे दौर में आलू को सुरक्षित रखने के स्मार्ट तरीके
जब कोल्ड स्टोरेज में रखना महंगा हो जाए. तो ऑप्शन के तौर पर कुछ देसी और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि ये तरीके बड़े पैमाने पर स्टोरेज का मुकाबला नहीं कर सकते. लेकिन छोटे स्तर पर काफी कारगर साबित होते हैं. आलू को बचाने के लिए सही वेंटिलेशन और नमी का ख्याल रखना सबसे ज्यादा जरूरी है ताकि उसे सड़ने से बचाया जा सके.
- हवादार जगह का चुनाव आलू को हमेशा ऐसी जगह रखें जहां हवा का फ्लो अच्छा हो और सीधी धूप न पड़े.
- पारंपरिक तरीके गांव-देहात में इस्तेमाल होने वाले कच्चे घरों या मिट्टी के नीचे दबाकर रखने वाली तकनीक अपनाएं
- नमी पर कंट्रोल आलू के आसपास ज्यादा नमी न होने दें क्योंकि इससे फंगस और सड़न पैदा होने का डर रहता है
- छंटाई का ध्यान समय-समय पर खराब या कटे हुए आलू को अलग करते रहें ताकि संक्रमण दूसरे आलू तक न फैले
- अमोनिया गैस का यह संकट हमें कोल्ड स्टोरेज के लिए और भी किफायती और सोलर-पावर्ड कूलिंग सिस्टम की तरफ बढ़ने का इशारा कर रहा है.
अमोनिया के बढ़ते दाम अब आलू की स्टोरेज को महंगा बना रहे हैं. जिससे आने वाले समय में बाजार भाव पर असर दिख सकता है.
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