Himanta Biswa Sarma Oath: केंद्र में मंत्री, BJP के कद्दावर नेता... कौन हैं असम के कैबिनेट मंत्री बनने वाले रामेश्वर तेली, जानें
हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 2024 लोकसभा चुनाव में पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल के लिए सीट छोड़ने वाले रामेश्वर तेली को भी मंत्री बनाया गया है.

हिमंत बिस्व सरमा ने मंगलवार (12 मई) को असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. गुवाहाटी में उनके साथ 4 और मंत्रियों ने शपथ ली. सीएम हिमंत के साथ रामेश्वर तेली, अजंता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो ने मंत्री पद की शपथ ली. ऐसे में आइए जानते हैं कि हिमंत कैबिनेट में शामिल होने वाले रामेश्वर तेली कौन हैं.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामेश्वर तेली ने दुलियाजन विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है. वो कांग्रेस के ध्रुबा गोगोई को हराकर विधानसभा पहुंचे हैं. उन्होंने इस सीट से जीत दर्ज कर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ को साबित किया है.
कौन हैं हिमंत कैबिनेट में जगह पाने वाले रामेश्वर तेली
रामेश्वर तेली इससे पहले साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में डिब्रूगढ़ सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पूर्व सीएम सर्वानंद सोनोवाल के लिए ये सीट छोड़ दी थी और अब उनको हिमंत सरमा की कैबिनेट में जगह दी गई है.
असम में रामेश्वर तेली बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं. 14 अगस्त 1970 को जन्मे रामेश्वर तेली ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ऑल असम टी ट्राइब स्टूडेंट एसोसिएशन के साथ शुरू की थी. साल 2001 में वो दुलियाजन सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे और 2011 तक इसी सीट से विधायक बनते रहे.
केंद्र में रह चुके हैं मंत्री
2019 के लोकसभा चुनाव में जब उन्होंने जीत दर्ज की तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केंद्र में उनको मंत्री बनाया गया. उनको खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और मजदूर एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई. इसके अलावा उनको पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय में भी राज्य मंत्री बनाया गया.
चाय बागान श्रमिकों के समुदाय से आते हैं रामेश्वर
बता दें कि दुलियाजन विधानसभा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. यहां साल 2001 में बीजेपी के टिकट पर उतरे रामेश्वर तेली ने जीत दर्ज की. 2006 में भी उनको जीत मिली. अब एक बार फिर उन्होंने इस सीट से चुनाव जीता है. रामेश्वर तेली चाय बागान श्रमिकों के समुदाय से आते हैं. ऐसे में उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना राज्य के चाय श्रमिकों और पिछड़े वर्गों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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