एक्सप्लोरर

आपदा प्रभावित फसलों के लिए मुआवजा देने जा रही सरकार, 5 मई तक करें आवदेन करें किसान

Disaster Affected Crops Compensation: सरकार ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे का एलान कर दिया है. प्रभावित किसान योजना के तहत 5 मई तक आवेदन कर सकते हैं.

Disaster Affected Crops Compensation: बिहार में कुदरत की मार झेल रहे किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. सरकार ने उन फसलों के नुकसान की भरपाई करने का फैसला लिया है. जो हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से बर्बाद हो गई थीं. इस सरकारी पहल का मकसद उन अन्नदाताओं के घाव पर मरहम लगाना है जिनकी मेहनत पर पानी फिर गया था.

इसके लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आवेदन मांगे गए हैं. जिसकी आखिरी तारीख 5 मई तय की गई है. अगर आपकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है. तो बिना देरी किए आपको इसके लिए अप्लाई कर देना चाहिए. यह मुआवजा सीधे आपके बैंक खाते में भेजा जाएगा. जिससे आप अगली फसल की तैयारी बिना किसी आर्थिक तंगी के शुरू कर सकें.

किन किसानों को मिलेगा योजना लाभ?

इस मुआवजे का फायदा उन जिलों के किसानों को मिलेगा जहां मौसम ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. सरकार ने प्रभावित इलाकों का सर्वे कर उन जगहों की पहचान कर ली है. जहां फसल को 33 परसेंट से ज्यादा नुकसान पहुंचा है. खास बात यह है कि इस योजना का लाभ केवल जमीन के मालिक यानी रैयत किसान ही नहीं. 

बल्कि दूसरों के खेतों पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसान भी उठा सकते हैं. अगर आप बटाई पर खेती करते हैं. तो भी आप इस सहायता राशि के हकदार हैं. बस शर्त यह है कि नुकसान का सही आकलन पोर्टल पर दर्ज होना चाहिए और आपके दस्तावेज पूरी तरह अपडेट होने चाहिए.

  • योजना में असिंचित क्षेत्र के लिए प्रति हेक्टेयर 6800 रुपये की मदद दी जा रही है.
  • सिंचित क्षेत्र के किसानों को प्रति हेक्टेयर 13500 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है.

यह सहायता राशि अधिकतम दो हेक्टेयर तक की खेती के लिए ही मान्य होगी जिससे छोटे किसानों को प्राथमिकता मिले.

यह भी पढ़ें: इस जुगाड़ से एक खेत में उगा सकते हैं दो फसल, होगी तगड़ी कमाई

आवेदन की पूरी प्रोसेस 

मुआवजे के लिए आवेदन करने का तरीका बहुत ही आसान रखा गया है. जिससे किसानों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. आप घर बैठे या पास के किसी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.

आवेदन करते समय आपके पास अपना किसान पंजीकरण नंबर, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी होनी चाहिए. बटाईदार किसानों के लिए एक स्व-घोषणा पत्र की भी जरूरत होगी. जिसे वार्ड सदस्य या कृषि समन्वयक से सत्यापित कराना होगा. ध्यान रहे कि आवेदन में दी गई जानकारी और बैंक अकाउंट के नाम में कोई गलती न हो. वरना पैसा अटक सकता है.

  • किसान अपना 13 अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर संभाल कर रखें क्योंकि इसी से आवेदन प्रोसेस होगा.
  • आवेदन करने के बाद मिलने वाली रसीद को सुरक्षित रखें ताकि भविष्य में स्टेटस चेक किया जा सके.

समय रहते आवेदन करने से जांच की प्रक्रिया जल्दी पूरी होगी और पैसा जल्द ही आपके अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाएगा.

 5 मई के पहले करें आवेदन

सरकार ने साफ कर दिया है कि 5 मई के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा. इसलिए पोर्टल के बंद होने का इंतजार न करें क्योंकि आखिरी समय में सर्वर पर लोड बढ़ने से दिक्कत हो सकती है. आवेदन जमा होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर नुकसान की जांच करेंगे.

एक बार वेरिफिकेशन पूरा होते ही फाइल आगे बढ़ा दी जाएगी. यह कदम उन किसानों के लिए एक नई शुरुआत की तरह है जिन्होंने कुदरत के कहर के आगे घुटने टेक दिए थे. इस मुआवजे से किसान अपनी बीज और खाद की जरूरतों को पूरा कर दोबारा खड़े हो सकेंगे.

  • पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयक की मदद लेकर आप अपने आवेदन को सही तरीके से भर सकते हैं.
  • किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को चालू रखें जिससे अपडेट्स मिलते रहें.

यह स्कीम मुश्किल वक्त में किसानों को सहारा देने की एक ईमानदार कोशिश है जिसका फायदा हर पात्र व्यक्ति को उठाना चाहिए.

यह भी पढ़ें: बाजरे की ये किस्में कराएंगी किसानों की तगड़ी कमाई, फसल के साथ मिलेगी ये चीज

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

पॉलीहाउस-ग्रीनहाउस बनाने के लिए सरकार दे रही भारी छूट, ऐसे करें मोटी कमाई
पॉलीहाउस-ग्रीनहाउस बनाने के लिए सरकार दे रही भारी छूट, ऐसे करें मोटी कमाई
Safeda Mango Cultivation: सफेदा आम की खेती कैसे कर सकते हैं किसान? सीजन में रहती है जबरदस्त डिमांड
सफेदा आम की खेती कैसे कर सकते हैं किसान? सीजन में रहती है जबरदस्त डिमांड
बारिश के मौसम में भी सेफ रहेगा आपका पोल्ट्री फार्म. मुर्गियों में नहीं फैलेगी कोई बीमारी, नोट कर लें ये 5 टिप्स
बारिश के मौसम में भी सेफ रहेगा आपका पोल्ट्री फार्म. मुर्गियों में नहीं फैलेगी कोई बीमारी, नोट कर लें ये 5 टिप्स
एक बार लगाएं और 18 महीने में पाएं 5 से 6 लाख का मुनाफा, इस फसल से किसान हो रहे हैं मालामाल
एक बार लगाएं और 18 महीने में पाएं 5 से 6 लाख का मुनाफा, इस फसल से किसान हो रहे हैं मालामाल
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Crime News : Patna Junction पर सरेआम अपहरण और हत्या!
Special Task S2: Amritsar से Kandhar तक..IC-814 हाईजैक की खौफनाक दास्तान Jagwinder Patial के साथ
Iran US War Update: खत्म हुआ मातम..अब ईरान US पर दागेगा एटम बम? | America | IRGC | Khamenei
Hormuz Strait Deadlock: Qatar-Saudi Arabia के जहाजों पर हमले के बाद भड़के Trump | US - Iran War
Tata Sierra EV AWD drive review: BE6 से बेहतर? #tata #tatasierraev #autolive
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान-अमेरिका जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, 'वे अपने वादे को तोड़ते हैं, हमें ट्रंप को...'
ईरान-अमेरिका जंग के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान, 'वे अपने वादे को तोड़ते हैं, हमें ट्रंप को...'
'आमिर खान ने 3 शादी कीं, तो तुम चार कर लो...', वारिस पठान का मंत्री नितेश राणे पर तंज!
'आमिर खान ने 3 शादी कीं, तो तुम चार कर लो...', वारिस पठान का मंत्री नितेश राणे पर तंज!
मौत से पहले ट्रंप को लिंडसे ने गिनाए 3 काम, रूस का लिया नाम, फोन पर कहा- 'मैं अभी नहीं मर सकता, मुझे...'
मौत से पहले ट्रंप को लिंडसे ने गिनाए 3 काम, रूस का लिया नाम, फोन पर कहा- 'मैं अभी नहीं मर सकता, मुझे...'
Aaj Ka Mausam: यूपी के 65 जिलों में बारिश, दिल्ली-बिहार से लेकर हरियाणा तक जानें मौसम विभाग की भविष्यवाणी
यूपी के 65 जिलों में बारिश, दिल्ली-बिहार से लेकर हरियाणा तक जानें मौसम विभाग की भविष्यवाणी
इंग्लैंड के खिलाफ 'फ्लॉप' होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने यहां कर लिया डेब्यू, तस्वीरें आई सामने
इंग्लैंड के खिलाफ 'फ्लॉप' होने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने यहां कर लिया डेब्यू, तस्वीरें आई सामने
Delhi Weather: उमस के बीच तेज हवाएं देंगी राहत, AQI हुआ खराब, जानें आज कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में उमस के बीच तेज हवाएं देंगी राहत, AQI हुआ खराब, जानें आज कैसा रहेगा मौसम
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
Video: डिलीवरी बॉय को कहा NO तो घर में घुस की शर्मनाक हरकत, रोते हुए लड़की का वीडियो वायरल
डिलीवरी बॉय को कहा NO तो घर में घुस की शर्मनाक हरकत, रोते हुए लड़की का वीडियो वायरल
Embed widget