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Hamara Samvidhan | Ep 3 | जानिए और समझिए भारतीय संविधान की प्रस्तावना को | Constitution Of India
संविधान की प्रस्तावना से हमें ये ज्ञात होता है कि हमारे संविधानकर्ता कैसा भारत बनाना चाहते थे. जब 1950 में संविधान को हम अमल में लाए, तब हमारे संविधानकर्तोओं ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी, जहां सबको न्याय मिल सके, सब समान हों और एक मजबूत राष्ट्र बने. तो जब भी संविधान के कोई प्रावधान के इंटरप्रिटेशन का सवाल आता है, तब हम ये देखते हैं कि प्रिएंबल में क्या कहा गया है. तो एक तरह से अगर आप देखें, जैसे गीता सार का एक मात्र अर्थ बस यही है कि कर्मण्ये वाधिकारस्ते वैसे ही भारत के संविधान को अगर समझना है तो उसके प्रिएंबल को समझना होगा.
भारत के संविधान को पारित हुए 70 साल पूरे हो गए. 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुआ था और करीब दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को ये लागू हुआ. 26 नवंबर का दिन भारत में 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जबकि 26 जनवरी को 'गणतंत्र दिवस' के रूप में मनाया जाता है. हमारे संविधान ने देश के हर नागरिक को कुछ अधिकार दिए हैं, जिन्हें जानना बहुत जरूरी है. एबीपी न्यूज के खास सीरीज 'हमारा संविधान' में जानिए क्या है संविधान की प्रस्तावना?
भारत के संविधान को पारित हुए 70 साल पूरे हो गए. 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान पारित हुआ था और करीब दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को ये लागू हुआ. 26 नवंबर का दिन भारत में 'संविधान दिवस' के रूप में मनाया जाता है, जबकि 26 जनवरी को 'गणतंत्र दिवस' के रूप में मनाया जाता है. हमारे संविधान ने देश के हर नागरिक को कुछ अधिकार दिए हैं, जिन्हें जानना बहुत जरूरी है. एबीपी न्यूज के खास सीरीज 'हमारा संविधान' में जानिए क्या है संविधान की प्रस्तावना?
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