Saving Tips: सैलरी आते ही सीधे होगी बचत, जानिए क्यों नौकरीपेशा लोगों के लिए बेस्ट है SEBI की पेरोल-लिंक्ड SIP
SEBI's Payroll-Linked SIP: अगर आप भी निवेश करने के बारे में योजना बना रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है. अब बिना किसी परेशानी के आप सेबी की पेरोल-लिंक्ड एसआईपी में भी निवेश कर सकते हैं.

Money Saving Tips: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड जिसे दूसरे शब्दों में सेबी भी कहा जाता है, उसके मार्गदर्शन में एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया ने मार्च के महीने में साल 2017 में "म्यूचुअल फंड्स सही है" अभियान की शुरुआत की थी. जहां, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल एसआईपी को ही ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना था, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से निवेश कर सके.
माइक्रो एसआईपी की क्यों हुई शुरुआत?
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया ने निवेश को पहले के मुताबिक और भी ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए पिछले साल 2025 में सेबी ने माइक्रो एसआईपी की शुरुआत की थी. जिसका मुख्य उद्देश्य 250 रुपये से निवेश की शुरुआत करना. तो वहीं, दूसरी तरफ इस माइक्रो एसआईपी की शुरुआत होने से इसे अब तक के सफल प्रयासों में गिना जा रहा है. जहां, भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों की तरफ से बढ़-चढ़कर निवेश की मात्रा में बढ़ोतरी देखने को मिली है.
हांलाकि, वित्तीय साल 2026 में एसआईपी योगदान रिकॉर्ड स्तर पर लगभग 3.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबिक 21 प्रतिशत से ज्यादा देखने को मिल रहा है. लेकिन, वर्तमान स्थिति के बारे में बात करें तो, एसआईपी के तहत कुल प्रबंधित संपत्ति लगभग 16.85 लाख करोड़ रुपये है और इसके खातों की संख्या 9.65 करोड़ के पार पहुंच चुकी है.
जानें क्या है एसआईपी बढ़ाने का महत्व?
अगर आप अपने 10 हजार रुपये के निवेश में हर साल सिर्फ और सिर्फ 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हैं, तो आने वाले दिनों में 20 प्रतिशत तक का बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है. तो वहीं, दूसरी तरफ यह बढ़ोतरी 10 से 15 प्रतिशत हो जाए तो मुनाफा पहले के मुताबिक और भी ज्यादा हो सकता है. हर साल निवेश बढ़ाने से आपकी बचत करने की क्षमता न सिर्फ मजबूत होगी बल्कि आप महंगाई के दौर में भी बिना किसी परेशानी के आसानी से मुकाबला कर सकेंगे.
इसके अलावा अपने वित्तीय लक्ष्यों को सही तरह से रखने के लिए साल में दो बार अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करना न भूलें. इतना ही नहीं, म्यूचुअल फंड के साथ-साथ अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए संपत्ति का सही जांच करने भी बेहद ही जरूरी होता है. इसके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट, बॉन्ड, छोटी बचत योजनाओं और सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं में भी निवेश करते रहना चाहिए.




















