इस सरकारी स्कीम में मिलता है FD से ज्यादा रिटर्न, पेंशन का भी हो जाता है जुगाड़
इसी वजह से कुछ लोग ज्यादा कमाई की उम्मीद में जोखिम भरे निवेश ऑप्शनों की ओर भी बढ़ जाते हैं. हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि ज्यादा रिटर्न पाने के लिए आपको ज्यादा जोखिम ही उठाना पड़े.

भारत में जब भी सुरक्षित निवेश की बात आती है तो सबसे पहले लोगों के दिमाग में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) का नाम आता है. FD को लंबे समय से एक भरोसेमंद निवेश ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि इसमें पैसा डूबने का जोखिम लगभग नहीं होता है. बैंक या पोस्ट ऑफिस में पैसा जमा करके निवेशक निश्चित ब्याज कमा लेते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में FD पर मिलने वाला ब्याज कई लोगों को उतना आकर्षक नहीं लगता है. महंगाई बढ़ने के कारण निवेशक चाहते हैं कि उनका पैसा थोड़ा ज्यादा रिटर्न दे, ताकि भविष्य के खर्च आसानी से पूरे किए जा सकें.
इसी वजह से कुछ लोग ज्यादा कमाई की उम्मीद में जोखिम भरे निवेश ऑप्शनों की ओर भी बढ़ जाते हैं. हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है कि ज्यादा रिटर्न पाने के लिए आपको ज्यादा जोखिम ही उठाना पड़े. भारत सरकार की कुछ ऐसी योजनाएं भी हैं जो सुरक्षित होने के साथ-साथ FD से बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं. इन योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनमें निवेश करने पर आपका पैसा सुरक्षित रहता है और भविष्य के लिए अच्छी बचत भी बनती है. तो आइए जानते हैं कि किस सरकारी स्कीम में FD से ज्यादा रिटर्न मिलता है और पेंशन का भी जुगाड़ हो जाता है.
किस सरकारी स्कीम में FD से ज्यादा रिटर्न मिलता है
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) स्कीम खास तौर पर रिटायरमेंट प्लानिंग को ध्यान में रखकर बनाई गई है. अगर कोई व्यक्ति लंबे समय के लिए निवेश करना चाहता है और साथ ही रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की व्यवस्था भी करना चाहता है, तो NPS उसकेह बन सकता है. कैसे मिलता है रिटर्न?
क्या है NPS स्कीम?
NPS एक सरकारी पेंशन योजना है, जिसे खासतौर पर लोगों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के लिए शुरू किया गया है. इस योजना में निवेशकों का पैसा अलग-अलग वित्तीय साधनों जैसे बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटी और शेयर बाजार में लगाया जाता है. योजना का मकसद यह है कि लंबे समय में निवेश पर बेहतर रिटर्न मिले और रिटायरमेंट के समय एक अच्छा फंड तैयार हो जाए.
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कैसे मिलता है रिटर्न?
NPS में निवेश किया गया पैसा प्रोफेशनल फंड मैनेजर से मैनेज किया जाता है. यह पैसा अलग-अलग एसेट क्लास में लगाया जाता है, जैसे सरकारी बॉन्ड, कॉरपोरेट बॉन्ड या इक्विटी (शेयर बाजार). इसी वजह से यह स्कीम लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देने की क्षमता रखती है. आमतौर पर इसमें लगभग 8 प्रतिशत या उससे अधिक तक का रिटर्न मिलने की संभावना रहती है, जो कई बार FD से बेहतर हो सकता है.
रिटायरमेंट के बाद मिलता है फायदा
NPS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि पेंशन की सुविधा भी देता है. जब निवेशक 60 साल की उम्र तक पहुंचता है, तब वह अपने NPS खाते से एक हिस्सा निकाल सकता है और बाकी रकम से पेंशन शुरू कर सकता है. इससे रिटायरमेंट के बाद नियमित आय मिलती रहती है और आर्थिक चिंता कम हो जाती है. इसके अलावा इस योजना में निवेश करने पर टैक्स बचत का फायदा भी मिलता है, जिससे यह और ज्यादा आकर्षक बन जाती है. NPS खाता आमतौर पर 60 साल की उम्र तक चलता है, लेकिन अगर निवेशक चाहे तो इसे 70 से 75 साल की उम्र तक भी जारी रख सकता है. इससे निवेश का समय बढ़ जाता है और फंड और भी बड़ा हो सकता है.
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Source: IOCL



























