डाक कर्मचारियों को बोनस तो मिला, अब रकम कैसे तय होगी, किसे-किसे मिलेगा लाभ?
वित्त साल 2025 से लेकर 2026 तक के लिए डाक विभाग के पात्र कर्मचारियों को पूरे 60 दिन के वेतन के बराबर बोनस मिलने का आदेश जारी किया गया है. गणना में करीब 7 हजार रुपये की मासिक सीमा लागू की जायेगी.

केंद्र सरकार ने डाक विभाग के पात्र कर्मचारियों के लिए वित्त साल 2025-26 का प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) पिछले दिनों मंजूर कर दिया. इस फैसले के तहत कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा.
बोनल ऐलान के बाद मिलने वाली वास्तविक राशि हर कर्मचारी की पात्र सैलरी, सेवा अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करेगी. बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7 हजार रुपये निर्धारित की गई है.
कैसे तय होगी बोनस की रकम?
नियमित कर्मचारियों के बोनस की गणना औसत मासिक पात्र वेतन और बोनस के दिनों के आधार पर होगी. इसके लिए विभाग ने एक तय फॉर्मूला निर्धारित किया है:
बोनस = (औसत मासिक पात्र वेतन × 60) ÷ 30.4
यहां 30.4 महीने में दिनों की औसत संख्या को दर्शाता है. गणना के दौरान वित्त साल 2025-26 के किसी महीने में पात्र वेतन 7 हजार रुपये से अधिक होने पर भी निर्धारित सीमा ही मानी जाएगी. पात्र वेतन में मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) सहित नियमों में शामिल कुछ अन्य भत्ते भी आते हैं. अगर किसी कर्मचारी का औसत मासिक पात्र वेतन 7 हजार रुपये बनता है, तो फॉर्मूले के अनुसार उसका बोनस करीब 13,816 रुपये हो सकता है. यह अधिकतम सीमा पर आधारित अनुमान है, सभी कर्मचारियों को मिलने वाली निश्चित रकम नहीं.
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस का लाभ?
डाक विभाग के 16 अक्टूबर 2026 के आदेश के मुताबिक, इस योजना में नियमित विभागीय कर्मचारियों की कुछ श्रेणियां शामिल हैं. इनमें मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), ग्रुप C और गैर-राजपत्रित ग्रुप B के पात्र कर्मचारी आते हैं. इसके अलावा, नियमित रूप से कार्यरत ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को एक्स-ग्रेशिया बोनस और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कैजुअल कर्मचारियों को एड-हॉक बोनस दिया जाएगा.
कैजुअल कर्मचारियों के लिए क्या हैं नियम?
फुल-टाइम कैजुअल कर्मचारियों और अस्थायी दर्जे वाले पात्र श्रमिकों को भी बोनस का लाभ मिल सकता है. इसके लिए 31 मार्च साल 2026 तक लगातार कम से कम तीन साल की सेवा और निर्धारित कार्य दिवसों की शर्त पूरी करनी होगी. सामान्य व्यवस्था में हर साल कम से कम 240 दिन काम करना जरूरी है. पांच दिन वाले कार्य सप्ताह के कार्यालयों में यह सीमा 206 दिन है.
इन कर्मचारियों के बोनस की गणना 1,200 रुपये की निर्धारित मासिक मजदूरी के आधार पर की जाएगी. वास्तविक भुगतान काम किए गए दिनों और लागू नियमों के मुताबिक तय होगा.
कब मिलेगा बोनस का पैसा?
डाक विभाग ने बोनस भुगतान को मंजूरी दे दी है, लेकिन उपलब्ध आदेश में भुगतान की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है. साल 2025-26 के लिए स्वीकृत इस बोनस का खर्च साल 2026-27 के बजट से वहन किया जाएगा. इसलिए कर्मचारियों को अंतिम राशि और भुगतान की तारीख के लिए निर्देशों का इंतजार करना होगा.
ग्रामीण डाक सेवकों को कितना मिलेगा?
ग्रामीण डाक सेवकों के बोनस की गणना उनके टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) और संबंधित महंगाई भत्ते के आधार पर होगी. पूरे साल काम करने वाले पात्र GDS के लिए वित्त वर्ष के दौरान मिली संबंधित राशि का औसत निकाला जाएगा. यहां भी 7 हजार रुपये की मासिक सीमा लागू होगी. साल के बीच नौकरी शुरू करने या छोड़ने वाले कर्मचारियों का भुगतान नियमानुसार उनकी पात्र सेवा अवधि के हिसाब से तय हो सकता है.
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