फ्लाइट में पालतू जानवर ले जाने के क्या हैं नियम, क्या इनका अलग से लेना होता है टिकट?
Rules For Carrying Pet In Flight: फ्लाइट में पेट ले जाना मुमकिन है. लेकिन नियम सख्त होते हैं. इसलिए इन बातों के बारे में पता होना है जरूरी. जिससे बाद में न आए कोई परेशानी.

Rules For Carrying Pet In Flight: बहुत से लोग अपने पालतू कुत्ते या बिल्ली को हर जगह साथ ले जाते हैं. कार या बाइक पर कई बार लोगों के साथ में उनके पेट्स ट्रैवल करते दिखते हैं. लेकिन कई लोग सोचते हैं वह अगर बहुत दूर जा रहे हैं तो फ्लाइट में भी उन्हें साथ ले जाएं. मगर यहां मामला थोड़ा अलग हो जाता है. क्योंकि फ्लाइट में पेट को लेकर सख्त नियम लागू होते हैं. हर एयरलाइन की अपनी पॉलिसी होती है.
अगर आप भी अपने पेट के साथ उड़ान भरने का सोच रहे हैं. तो पहले यह समझ लेना जरूरी है कि किन शर्तों के साथ उन्हें ले जाया जा सकता है. कई लोगों का सवाल होता है कि क्या इनके लिए अलग से टिकट लेनी होती है. जान लीजिए पेट्स को फ्लाइट में साथ ले जाने के लिए किस प्रोसेस से गुजरना होता है.
पेट के साथ फ्लाइट में सफर के बेसिक नियम
अगर आप फ्लाइट में पेट लेकर जा रहे हैं. तो सबसे पहले यह समझ लें कि हर जानवर की परमिशन नहीं होती. आमतौर पर सिर्फ कुत्ते और बिल्ली को ही साथ ले जाने की इजाजत मिलती है. वो भी कुछ शर्तों के साथ. पेट की उम्र कम से कम 8 हफ्ते होनी चाहिए और वह पूरी तरह स्वस्थ होना जरूरी है. प्रेग्नेंट या बीमार पेट को ट्रैवल की परमिशन नहीं मिलती. आमतौर पर एक यात्री एक ही पेट के साथ सफर कर सकता है.
- पेट को सॉफ्ट केनल या कैरियर में रखना जरूरी होता है
- पहले से बुकिंग करना कई मामलों में जरूरी होता है.
- हर फ्लाइट में लिमिटेड पेट की परमिशन होती है
- पेट की उम्र और हेल्थ कंडीशन चेक की जाती है.
कुछ एयरलाइंस में लिमिटेड संख्या में ही पालतू जानवरों को अनुमति दी जाती है. इसलिए पहले से प्लान करना बेहतर रहता है.
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वजन और सीटिंग का पूरा हिसाब
फ्लाइट में पेट कहां बैठेगा यह पूरी तरह उसके वजन पर निर्भर करता है. यही सबसे अहम नियमों में से एक है. अगर पेट का कुल वजन (केनल सहित) 10 किलो तक है. तो उसे केबिन में सीट के नीचे रखा जा सकता है. 10 से 32 किलो तक के पेट को चेक-इन बैगेज या कार्गो में भेजा जाता है. जबकि इससे ज्यादा वजन होने पर केवल कार्गो ऑप्शन ही बचता है.
- 10 किलो तक के पेट केबिन में आ सकते हैं
- 10 से 32 किलो वाले कार्गो या बैगेज में जाते हैं
- 32 किलो से ज्यादा वजन पर सिर्फ कार्गो ऑप्शन होता है
- इकोनॉमी में आखिरी पंक्ति के पास जगह दी जाती है.
इससे यात्रियों और क्रू दोनों को सुविधा रहती है और सफर भी सुरक्षित रहता है.
डॉक्यूमेंट और बुकिंग से जुड़े जरूरी नियम
पेट के साथ फ्लाइट में सफर करने के लिए सिर्फ टिकट ही नहीं, कई जरूरी डॉक्यूमेंट भी चाहिए होते हैं. बिना इनके आपको बोर्डिंग से रोका भी जा सकता है. वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, खासकर रैबीज का होना जरूरी है. इसके अलावा यात्रा से 72 घंटे के भीतर हेल्थ या फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होता है.
- पेट की बुकिंग कम से कम 24 घंटे पहले करनी होती है.
- वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जरूरी होता है.
- हेल्थ सर्टिफिकेट 72 घंटे के भीतर का होना चाहिए.
- पेट के लिए अलग से चार्ज लिया जाता है.
यह चार्ज टिकट की तरह फिक्स नहीं होता. बल्कि वजन और रूट के हिसाब से तय होता है. इसलिए सफर से पहले अपनी एयरलाइन की पॉलिसी जरूर चेक करना बेहतर रहता है.
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Source: IOCL




























