पटना में किन लोगों को कहा जाएगा 'नगरशत्रु', इनसे कैसे वसूला जाएगा जुर्माना?
Patna Nagar Shatru: पटना में सार्वजनिक जगहों पर यह काम करने वालों को अब नगरशत्रु”माना जाएगा. इन पर जुर्माना लगेगा और पहचान के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी.

Patna Nagar Shatru: पटना को साफ, सुंदर और लोगों के रहने लायक बनाने के लिए नगर निगम अब सिर्फ अपील नहीं. सीधी कार्रवाई के मूड में है. सिंगापुर मॉडल से इंस्पायर होकर पटना नगर निगम ने पब्लिक प्लेसेज पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कैंपने शुरू किया है. निगम ने तय किया है कि ऐसे लोगों को सिर्फ जुर्माना नहीं लगेगा बल्कि उन्हें नगर शत्रु की कैटेगरी में डालकर सार्वजनिक तौर पर पहचाना भी जाएगा.
अब पटना में सफाई नियम तोड़ना सिर्फ गलत आदत नहीं बल्कि सीधा सामाजिक अपराध माना जाएगा. यह शहर को गंदा करने वालों में डर पैदा करना और बाकी लोगों को जागरूक करने के लिए चलिए आपको बताते हैं किन लोगों को कहां जाएगा नगर शत्रु और कितना वसूला जाएगा जुर्माना.
कौन कहलाएंगे नगर शत्रु?
अब बिहार की राजधानी में गंदगी फैलाने वालों की खैर नहीं. पटना नगर निगम के मुताबिक जो भी व्यक्ति सड़क, फुटपाथ, पार्क, सरकारी दफ्तर या किसी भी सार्वजनिक जगह पर थूकते हुए पकड़ा जाएगा. उसे नगर शत्रु माना जाएगा. लेकिन कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी. निगम ने तय किया है कि गंदगी फैलाने वालों की तस्वीरें शहर में लगी बड़ी VMD स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी.
यह भी पढ़ें:ठंडी में बाइक और स्कूटर स्टार्ट करने में आती है दिक्कत, ये रहा समाधान
इतना देना होगा जुर्माना
पटना में नगर शत्रु घोषित किए जाने वाले व्यक्तियों से मौके पर ही 500 का भी जुर्माना वसूला जाएगा. यानी अब नियम तोड़ने पर सिर्फ जेब नहीं कटेगी बल्कि इमेज भी खराब होगी. नगर निगम मानता है कि जब लोगों को सार्वजनिक तौर पर पहचाना जाएगा. तब आदत बदलने का दबाव बनेगा. यह कदम खास तौर पर उन इलाकों के लिए उठाया गया है. जो थूकने और कचरा फैलाने की वजह से रेड स्पॉट बन चुके हैं.
यह भी पढ़ें:दिल्ली में रॉन्ग साइड गाड़ी चलाई तो कितनी मिलेगी सजा, जानें क्या कहता है कानून
स्मार्ट सिटी कैमरों से 24 घंटे नजर
इस पूरे अभियान की रीढ़ पटना का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनेगा. शहर के करीब 415 लोकेशन पर 3300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं. ये सभी कैमरे गांधी मैदान स्थित कंट्रोल रूम से जुड़े हैं. सड़कों, चौराहों, फ्लाईओवर और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर हर वक्त डिजिटल नजर रखी जाएगी. जैसे ही कोई व्यक्ति थूकते या गंदगी फैलाते कैमरे में कैद होगा.
उसकी पहचान की जाएगी और नगर निगम की टीम को अलर्ट भेजा जाएगा. पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एमडी सह नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर के मुताबिक यह अभियान शहर की सुंदरता ही नहीं पब्लिक हेल्थ से भी जुड़ा है. गंदगी रोकना अब तकनीक के दम पर होगा सिर्फ मैनपावर के भरोसे नहीं.
यह भी पढ़ें:बैंक में आपके नाम पर तो नहीं पड़ा है अनक्लेम्ड पैसा, ऐसे कर सकते हैं चेक?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























