Railway Rules: रेलवे ट्रैक पार करने की गलती पड़ सकती है महंगी, जानें कितना है जुर्माना और क्या है नियम
Indian Railways: रेलवे ट्रैक पार करना खतरनाक होने के साथ कानूनन अपराध भी है. ऐसा करते पकड़े जाने पर भारतीय रेलवे के नियमों के तहत जुर्माना, कानूनी कार्रवाई या सजा हो सकती है.

Railway Track Crossing Rules: रेलवे स्टेशन पर हमें अक्सर यह देखने को मिलता है कि बहुत से लोग समय बचाने के लिए प्लेटफॉर्म बदलते वक्त फुट ओवर ब्रिज (FOB) या सबवे का इस्तेमाल करने के बजाए सीधे रेलवे ट्रैक पर उतरकर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर चले जाते हैं. देखने में यह तरीका भले ही आसान और तेज लगे, लेकिन यह बेहद खतरनाक होने के साथ-साथ कानून का उल्लंघन भी है. ऐसी लापरवाही की वजह से हर साल कई लोगों के साथ हादसे पेश आते हैं, इसलिए भारतीय रेलवे यात्रियों को हमेशा सही रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह देता है.
ऐसे में अगर आप भी इन नियमों को अनदेखा करते हुए रेलवे ट्रैक पार करते हुए पकड़े जाते हैं, तो आपके खिलाफ कानूनी कारवाई की जा सकती है. आइए जानते हैं कि भारतीय रेलवे के क्या नियम हैं और ऐसा करने पर आपको किस तरह की सजा हो सकती है.
नियम तोड़ने पर क्या हो सकती है सजा?
- भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 147 के तहत आप पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है.
- अगर आप दोषी पाए जाते है तो आप पर 1,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
- 6 महीने तक की जेल की सजा भी हो सकती है.
- सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि अदालत मामले की गंभीरता के आधार पर आपको जुर्माना और जेल, दोनों की सजा दे सकती है.
Delhi: नोट कर लें डेट, दिल्ली में महिलाओं को इस दिन से मिलेंगे 2500 रुपए, योजना को मिली हरी झंडी
आखिर इतने सख्त नियम क्यों बनाए गए हैं?
- यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए.
- ट्रेन की चपेट में आने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए.
- तेज रफ्तार ट्रेन की दूरी और रफ्तार का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है.
- जल्दबाजी और लापरवाही के कारण हर साल कई लोगों की जान चली जाती है, इसी वजह से रेलवे ट्रैक पार करने पर सख्त कार्रवाई की जाती है.
इन बातों का रखें ध्यान
- प्लेटफॉर्म बदलने के लिए हमेशा फुट ओवर ब्रिज (FOB) का इस्तेमाल करें.
- जहां सुविधा हो, वहां अंडरपास, लिफ्ट या एस्केलेटर का इस्तेमाल करें.
- भारी सामान होने पर कुली की मदद लें.
- समय बचाने के लिए कभी भी रेलवे ट्रैक पार न करें.
सिर्फ प्रॉपर्टी नहीं, अब ऑनलाइन अकाउंट्स की भी बनती है वसीयत, जानें कैसे

























