ट्रेन से उतर नहीं पाए और दरवाजा बंद हो गया? वंदे भारत में ऐसी स्थिति में क्या करें
Vande Bharat Train: वंदे भारत ट्रेन में ऑटोमैटिक डोर सिस्टम लगे होने की वजह से कई बार यात्री अंदर फंस जाते हैं. ऐसे समय में घबराकर गलत कदम उठाने की जगह समझदारी से काम करना चाहिए. जानिए कुछ बातें.

- यात्रियों को सीट तक छोड़ने न जाएं, जोखिम से बचें।
Vande Bharat Train: समय के साथ भारतीय रेलवे में काफी बदलाव देखने को मिला है. पहले ट्रेनें कोयले से चलती थी, फिर धीरे-धीरे बिजली से चलने लगी. जिन ट्रेनों को पहले लंबा समय लगता था, अब वहीं ट्रेनें लोगों को उनकी मंजिल तक जल्दी पहुंचा देती हैं. इन्हीं आधुनिक ट्रेनों में वंदे भारत भी शामिल है. इस ट्रेन को लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. हालांकि, इसका किराया सामान्य ट्रेनों से थोड़ा ज्यादा होता है, लेकिन इसमें कई तरह की आधुनिक सुविधाएं भी मिलती हैं.
अगर आपने वंदे भारत से सफर किया है तो यह जरूर देखा होगा कि उसमें ऑटोमैटिक डोर सिस्टम लगा होता है, मतलब जब ट्रेन चलने वाली होती है उससे कुछ समय पहले ही दरवाजे अपने आप बंद हो जाते हैं. लेकिन सोचिए, अगर आप अपने किसी जानने वाले को सीट तक छोड़ने आते हैं और आपके उतरने से पहले ही गेट बंद हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगे?
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सोच समझकर उठाए कदम
अगर आप ट्रेन से बाहर नहीं आ पाते और ट्रेन चल चुकी होती है तो ऐसी स्थिति में कुछ काम बिल्कुल न करें जैसे...
- कभी भी घबराकर चेन न खींचे.
- ऐसा करना कानूनी अपराध है.
- आपको जेल भी हो सकती है.
- जबरदस्ती दरवाजा खोलने की कोशिश भी न करें.
- अगर ट्रेन चल चुकी है और आप अंदर ही हैं तो ऐसी स्थिति में आपको बिना टिकट माना जाएगा.
इमरजेंसी बटन का करें इस्तेमाल
- दरवाजे बंद होने के बाद आप इमरजेंसी टॉक बैक बटन का उपयोग कर सकते हैं.
- यह सिस्टम लोको पायलट और ट्रेन स्टाफ से जुड़ा होता है.
- अगर ट्रेन स्टेशन पर होगी तो दरवाजे खुलने की संभावना रहती है.
क्या करना चाहिए?
- ऐसे में TTE से बात करनी चाहिए.
- आप TTE को अपनी स्थिति के बारे में समझाएं.
- ऐसे मामलों में टीटीई जुर्माना लगा सकता है.
- जुर्माने और सभी प्रोसेस पूरे करने के बाद यात्री को स्टेशन पर उतरने की परमिशन मिल जाती है.
- इसलिए इस तरह की स्थिति में घबराकर गलत कदम उठाने से बचना चाहिए.
- और सुरक्षित तरीके से मदद लेनी चाहिए, ताकि किसी तरह की कोई दिक्कत न हो.
मेट्रो की तरह रखें डिसिप्लिन
अगर आपने मेट्रो में सफर किया है तो आपको पता ही होगा कि मेट्रो में भी ऑटोमैटिक डोर सिस्टम लगा होता है. स्टेशन आने पर गेट कुछ समय के लिए खुलते हैं और फिर खुद ही बंद हो जाते हैं. वैसे ही वंदे भारत में भी है, लेकिन मेट्रो में स्टेशन पास-पास होते हैं और हम दूसरे स्टेशन पर उतर सकते हैं. लेकिन वंदे भारत ट्रेन में टीटीई ने बिना टिकट पकड़ा तो उसे जुर्माना और नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.
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यह गलती करने से बचना चाहिए
ध्यान दें, सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं. अपने रिश्तेदारों को वंदे भारत जैसी ट्रेनों में सीट तक छोड़ने चले जाते हैं. यह ट्रेन सामान्य ट्रेन की तरह नहीं है, इसमें गेट बंद होने के बाद खुलवाना मुश्किल हो जाता है. साथ ही कुछ लोग स्टेशन देर से पहुंचते हैं और ट्रेन में आखिरी मिनट पर चढ़ते है, ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है. कभी भी जल्दी चढ़ने और उतरने के चक्कर में कोई घटना हो सकती है.ऐसा करने से बचना चाहिए.

























