आपके आधार कार्ड पर कहीं कोई अजनबी तो नहीं चला रहा सिम, ऐसे कर सकते हैं चेक
नए टेलीकॉम नियमों के अनुसार एक व्यक्ति के आधार कार्ड पर अधिकतम 9 सिम ही एक्टिव रह सकती है. हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में यह सीमा 6 सिम तक ही तय की गई है.

आज के डिजिटल समय में मोबाइल नंबर हमारी पहचान का जरूरी हिस्सा बन चुका है. बैंकिंग से लेकर सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग और सरकारी सेवाओं तक हर जगह मोबाइल नंबर जरूरी हो गया है. इसी के बीच फर्जी सिम और साइबर फ्रॉड के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं. कई बार किसी व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और उसकी आईडी पर कोई दूसरा व्यक्ति सिम एक्टिवेट करवा लेता है जो आगे चलकर बड़ी परेशानी की वजह बन सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आपके आधार कार्ड पर कहीं कोई अजनबी तो सिम नहीं चला रहा है कैसे चेक कर सकते हैं.
एक आधार कार्ड पर कितनी सिम की परमिशन?
नए टेलीकॉम नियमों के अनुसार एक व्यक्ति के आधार कार्ड पर अधिकतम 9 सिम ही एक्टिव रह सकती है. हालांकि जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में यह सीमा 6 सिम तक ही तय की गई है. अगर तय सीमा से ज्यादा सिम एक्टिव पाई जाती है तो जुर्माने का प्रावधान भी है. वहीं अगर आपकी आईडी पर कोई ऐसा सिम चल रहा है, जिसका इस्तेमाल आप नहीं कर रहे हैं, तो उसका गलत इस्तेमाल होने पर कानूनी जिम्मेदारी आपकी हो सकती है. फ्रॉड, ठगी या किसी गैरकानूनी एक्टिविटी में उस सिम का उपयोग हुआ, तो आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है. इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपकी आईडी पर कितनी और कौन-कौन सी सिम एक्टिव है.
आपके आधार पर कितनी सिम एक्टिव कैसे करें चेक?
- आपके आधार पर कितनी सिम एक्टिव है यह चेक करने के लिए टेलीकॉम डिपार्टमेंट की ओर से संचार साथी और TAFCOP पोर्टल की सुविधा दी गई है. इसके माध्यम से आप घर बैठे मिनटों में पता कर सकते हैं.
- इसके लिए सबसे पहले tafcop.dgtelecom.gov.in या sancharsaathi.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
- अब होम पेज पर अपना मोबाइल नंबर और कैप्चा भरें.
- इसके बाद आपके नंबर पर एक OTP आएगा, उसे भरकर लॉगिन करें.
- लॉगिन करते ही आपकी आईडी से जुड़े सभी मोबाइल नंबरों की लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी.
फर्जी या अनजान नंबर दिखे तो क्या करें?
अगर लिस्ट में कोई ऐसा नंबर नजर आए जिसे आप नहीं पहचानते तो उसके सामने दिए गए Not My Number या Not Required ऑप्शन पर क्लिक करके रिपोर्ट कर सकते हैं. शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक टिकट आईडी या रेफरेंस नंबर मिलेगा. वहीं जांच के बाद वह फर्जी सिम बंद कर दी जाएगी या आपकी आईडी से हटा दी जाएगी. इसके लिए कोई फीस नहीं ली जाती है, हालांकि सिम डिएक्टिवेट होने में कुछ दिन लग सकते हैं.
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