सेकेंड हैंड स्कूटी लेने से पहले इन 4 चीजों को जरूर चेक करें, नहीं तो हो सकता है नुकसान
Second Hand Scooty Buying Tips: सेकेंड हैंड स्कूटी खरीदते समय सिर्फ कीमत देखकर फैसला करना सही नहीं होता. इन जरूरी चीजें पहले चेक कर लेेंगे तो आप बाद के बड़े नुकसान से बचा सकते है.

Second Hand Scooty Buying Tips: आज के समय में बढ़ती महंगाई के बीच नई स्कूटी खरीदना हर किसी के बजट में फिट नहीं बैठता. ऐसे में कई लोग सेकेंड हैंड स्कूटी खरीदने का विकल्प चुनते हैं. खासकर छात्र, ऑफिस जाने वाले लोग और रोजाना सफर करने वाले लोग कम कीमत में पुरानी स्कूटी लेना ज्यादा सही समझते हैं. लेकिन सस्ती डील के चक्कर में कई बार लोग ऐसी गाड़ी खरीद लेते हैं.
जो बाद में परेशानी बन जाती है. कई मामलों में कागजों में गड़बड़ी, एक्सीडेंटल स्कूटी या खराब इंजन जैसी समस्याएं सामने आती हैं. इसलिए पुरानी स्कूटी खरीदते समय थोड़ी सतर्कता जरूरी होती है. अगर सही तरीके से जांच कर ली जाए. तो कम कीमत में अच्छी स्कूटी मिल सकती है और बाद में किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती. इसलिए इन 4 चीजों को जरूर करें चेक.
डाॅक्यूमेंट्स सही तरीके से चेक करें
सेकेंड हैंड स्कूटी खरीदते समय सबसे पहले उसके सभी जरूरी कागजात ध्यान से चेक करें. स्कूटी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC असली है या नहीं. यह देखना जरूरी है. RC में दर्ज इंजन नंबर और चेसिस नंबर को स्कूटी पर लिखे नंबर से मिलाकर जरूर देखें. इसके अलावा इंश्योरेंस पॉलिसी वैध है या नहीं.
उसकी एक्सपायरी डेट भी चेक करें. पॉल्यूशन सर्टिफिकेट यानी PUC भी होना चाहिए. अगर कागज पूरे और सही मिलते हैं तो समझिए गाड़ी कानूनी तौर पर सेफ है. कई बार लोग बिना चेक किए स्कूटी खरीद लेते हैं और बाद में परेशानी में पड़ जाते हैं.
असली मालिक की जानकारी जरूर पक्का करें
स्कूटी बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उसका मालिक है या नहीं. यह भी चेक करना बेहद जरूरी है. कई बार ब्रोकर या दूसरा व्यक्ति गाड़ी बेचने की कोशिश करता है. जिससे बाद में विवाद हो सकता है. इसलिए स्कूटी बेचने वाले से उसका पहचान पत्र देखकर जानकारी मिलाएं और RC में दर्ज नाम से उसका मिलान करें.
अगर स्कूटी फाइनेंस पर खरीदी गई थी. तो यह भी पता करें कि उसका लोन पूरी तरह चुकाया गया है या नहीं. यदि लोन बाकी है तो फाइनेंस कंपनी से NOC लेना जरूरी होता है. बिना NOC के गाड़ी ट्रांसफर करवाने में परेशानी आ सकती है.
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सर्विस हिस्ट्री से पता चलता है गाड़ी की हालत
पुरानी स्कूटी खरीदते समय उसकी सर्विस हिस्ट्री जानना भी बहुत काम की चीज होती है. अगर स्कूटी की रेगुलर सर्विस किसी सर्विस सेंटर पर होती रही है. तो उसका रिकॉर्ड मिल सकता है. इससे यह समझना आसान हो जाता है कि गाड़ी का रखरखाव सही तरीके से किया गया है या नहीं. सर्विस रिकॉर्ड देखकर यह भी पता चलता है कि इंजन, ब्रेक या अन्य पार्ट्स में पहले कोई बड़ी समस्या तो नहीं आई थी.
खरीदने से पहले टेस्ट राइड जरूर लें
किसी भी सेकेंड हैंड स्कूटी को खरीदने से पहले उसकी टेस्ट राइड करना बहुत जरूरी होता है. टेस्ट राइड के दौरान स्कूटी की स्पीड, बैलेंस और ब्रेकिंग सिस्टम पर ध्यान दें. अगर गाड़ी चलाते समय आवाज आ रही ह. झटके लग रहे हों या ब्रेक ठीक से काम न कर रहे हों. तो यह इशारा हो सकता है कि स्कूटी में कोई तकनीकी समस्या है. इसके साथ ही सस्पेंशन और एक्सेलेरेशन भी चेक कर लें. कई बार बाहर से स्कूटी अच्छी दिखती है लेकिन चलाने पर असली हालत सामने आती है.
Source: IOCL

























