पीएम आवास योजना में कैसे करें आवेदन, जानिए आशियाने के लिए कितने ब्याज पर लोन देती है सरकार?
शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए घर खरीदना या बनाना आसान नहीं होता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) शुरू की है.

आज के समय में अपना खुद का घर होना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन बढ़ती महंगाई और जमीन-प्रॉपर्टी की कीमतों के कारण यह सपना कई लोगों के लिए मुश्किल बन जाता है. खासकर शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए घर खरीदना या बनाना आसान नहीं होता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) शुरू की, ताकि हर व्यक्ति के पास पक्का घर हो सके. इस योजना का मकसद सिर्फ घर देना नहीं, बल्कि लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना भी है. इस योजना के तहत सरकार होम लोन पर ब्याज में छूट (सब्सिडी) देती है, जिससे EMI कम हो जाती है और घर खरीदना आसान हो जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पीएम आवास योजना में कैसे आवेदन करें और पीएम आवास योजना सरकार कितने ब्याज पर आशियाने के लिए लोन देती है .
पीएम आवास योजना क्या है?
प्रधानमंत्री आवास योजना एक सरकारी स्कीम है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य सभी के लिए घर उपलब्ध कराना है. ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए यह योजना बहुत फायदेमंद है. इसमें सरकार कच्चे या टूटे-फूटे घरों में रहने वाले लोगों को पक्का घर बनाने के लिए आर्थिक मदद देती है. इस योजना के तहत कम से कम 25 वर्ग मीटर का घर बनाया जाता है. घर में किचन की जगह भी शामिल होती है. पैसे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. यह योजना दो भागों में काम करती है. जिसमें शहरों में रहने वाले लोगों के लिए शहरी योजना (PMAY-Urban) और गांवों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए ग्रामीण योजना (PMAY-Gramin).
पीएम आवास योजना के लिए लाभार्थी कैसे चुने जाते हैं?
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाता है. इसके लिए सबसे पहले सरकार SECC (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) के डेटा का यूज करती है, जिसमें गरीब और जरूरतमंद परिवारों की पहचान पहले से दर्ज होती है. इसके बाद इस सूची को गांव की ग्राम सभा के सामने रखा जाता है, जहां स्थानीय स्तर पर लोगों की स्थिति की जांच और पुष्टि की जाती है, ताकि सही व्यक्ति को ही लाभ मिले. अगर इस प्रक्रिया के बाद आपका नाम अंतिम सूची में शामिल हो जाता है, तो आप इस योजना का लाभ लेने के पात्र बन जाते हैं.
कौन लोग इस योजना के लिए पात्र हैं?
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन लोगों को दिया जाता है जिनकी सालाना पारिवारिक आय तय सीमा के भीतर आती है. जैसे EWS वर्ग (3 लाख तक), LIG (3 से 6 लाख), MIG-1 (6 से 12 लाख) और MIG-2 (12 से 18 लाख). इसके अलावा कुछ जरूरी शर्तें भी होती हैं. जैसे आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के पास पहले से देश में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए, परिवार में पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल माने जाते हैं, आवेदक ने पहले किसी सरकारी आवास योजना का फायदा नहीं लिया होना चाहिए, और कई मामलों में घर के कागजों में महिला सदस्य का नाम होना भी जरूरी होता है.
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पीएम आवास योजना में कैसे करें आवेदन
प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Citizen Assessment ऑप्शन चुनना होता है, फिर अपनी श्रेणी (Slum या Other) चुनकर आधार नंबर दर्ज करना होता है और इसके बाद नाम, पता, आय और बैंक से जुड़ी जानकारी भरनी होती है, साथ ही जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करके फॉर्म सबमिट करना होता है और उसका प्रिंट निकाल लेना चाहिए. वहीं ऑफलाइन आवेदन के लिए आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर लगभग 25 में फॉर्म लेकर उसे सही-सही भरें, सभी जरूरी डॉक्यूमेंट संलग्न करें और फिर वहीं जमा कर दें, जिसके बाद आपकी आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाती है.
कितने ब्याज पर आशियाने के लिए लोन देती है पीएमएवाई योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार होम लोन पर ब्याज में सब्सिडी देती है, जिससे आपकी EMI कम हो जाती है और घर खरीदना आसान हो जाता है. यह सब्सिडी आपकी आय श्रेणी पर निर्भर करती है. EWS और LIG वर्ग के लोगों को 6 लाख तक के लोन पर 6.5 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है, MIG-1 को 9 लाख तक के लोन पर 4 प्रतिशत और MIG-2 को 12 लाख तक के लोन पर 3 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है. यह लाभ अधिकतम 20 साल तक के लोन के लिए लागू होता है. जैसे अगर आप MIG-1 श्रेणी में आते हैं और 9 लाख का लोन लेते हैं, तो 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलने से आपकी कुल EMI में काफी कमी आ जाती है, जिससे लोन चुकाना आसान हो जाता है.
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