हर महीने 5000 इन्वेस्ट करेंगे तो कितने दिन में बन जाएंगे 1 करोड़? जानें निवेश का सही तरीका
एसआईपी कैलकुलेशन के अनुसार अगर कोई निवेशक हर महीने 5000 रुपये निवेश करता है और उसे औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है तो एक करोड़ रुपये का फंड बनने में करीब 26 से 27 लाख साल लग सकते हैं.

अगर आप भी हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम बचा कर करोड़पति बनने का सपना देख रहे हैं, तो एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है. बहुत से लोग मानते हैं कि एक करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए बड़ी सैलरी या मोटा एकमुश्त निवेश जरूरी होता है. लेकिन लंबे समय में छोटी रकम भी बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकती है. इसमें सबसे अहम भूमिका कंपाउंडिंग निभाती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि हर महीने 5000 इन्वेस्ट करेंगे तो कितने दिन में एक करोड़ बन जाएंगे और इस निवेश का सही तरीका क्या है.
5000 की एसआईपी से कब बनेगा एक करोड़?
एसआईपी कैलकुलेशन के अनुसार अगर कोई निवेशक हर महीने 5000 रुपये निवेश करता है और उसे औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो एक करोड़ रुपये का फंड बनने में करीब 26 से 27 लाख साल लग सकते हैं. इस दौरान कुल निवेश लगभग 15.60 से 16.20 लाख रुपये के आसपास होगा. जबकि कंपाउंडिंग की वजह से कुल फंड 1 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है, यानी असली कमाल रिटर्न पर मिलने वाले रिटर्न का होता है.
कंपाउंडिंग कैसे बनाती है बड़ा फंड?
निवेश के शुरुआती सालों में कंपाउंडिंग में ग्रोथ धीरे दिखाई देती है, लेकिन समय के साथ रिटर्न पर भी रिटर्न मिलने लगता है. वहीं आखिरी कुछ सालों में निवेश की वैल्यू तेजी से बढ़ती है. यही वजह है की एसआईपी में लंबे समय तक टिके रहना बहुत जरूरी माना जाता है. बीच में निवेश रोक देना बड़े टारगेट को प्रभावित कर सकता है. वहीं इक्विटी म्युचुअल फंड्स ने लंबे समय में औसतन 11 से 13 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है. हालांकि यह रिटर्न बाजार पर निर्भर करता है और गारंटी नहीं होती है. बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान भी जो निवेशक एसआईपी जारी रखते हैं, उन्हें लंबे समय में अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं.
5000 रुपये को कैसे करें निवेश?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूरी रकम एक ही फंड में लगाने की बजाय उसे दो हिस्सों में बांटना अच्छा होता है. उदाहरण के तौर पर 3000 रुपये इंडेक्स फंड में और 2000 रुपये फ्लेक्सी कैप फंड में लगाए जा सकते हैं. इससे पोर्टफोलियो में संतुलन बना रहता है और खतरा कम होता है. अगर कोई निवेशक इक्विटी और डेट का कॉम्बिनेशन चाहता है, तो हाइब्रिड फंड भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है. अगर निवेशक हर साल अपनी एसआईपी में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करता है तो एक करोड़ का लक्ष्य जल्दी हासिल किया जा सकता है. आय बढ़ने के साथ निवेश बढ़ाना लंबे समय में बहुत फर्क डालता है. इसके अलावा एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इक्विटी में निवेश तभी करें, जब आपका टारगेट कम से कम 5 साल या उससे ज्यादा का हो. वहीं बाजार गिरने पर एसआईपी बंद करना बड़ी गलती मानी जाती है, साथ ही ज्यादा खर्च अनुपात एक्सपेंस रेशियो वाले फंड से बचना चाहिए.
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Source: IOCL


























