मिडिल ईस्ट में रुकेगी जंग? ट्रंप ने किया बातचीत का इशारा, IAEA चीफ की चेतावनी... ईरान युद्ध के 10 बड़े अपडेट
Iran Israel US War: इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के प्रमुख कहा कि ईरान जमीन के नीचे बनी सुरंग में अपना यूरेनियम छिपा कर रखा है. अमेरिका के रक्षा मंत्री ने ईरान को चेतावनी दी.

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग और भीषण होने वाली है. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि 10 मार्च की रात ईरान पर अब तक के सबसे तीव्र और भीषण हमले होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल सप्लाई रोकी तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने खुलासा किया है कि ईरान का लगभग आधा यूरेनियम इस्फहान इलाके में सुरंग में रखा था और हो सकता है कि यूरेनियम अब भी वहीं हों.
1. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर स्कूलों और अस्पतालों से मिसाइल दाग रहा है और निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस युद्ध में अमेरिका के कई रणनीतिक लक्ष्य हैं, जिसमें ईरान की नौसेना को नष्ट करना, उसके परमाणु ठिकानों को तबाह करना, मिसाइल भंडार और लॉन्चर को खत्म करना और रक्षा उद्योग ढांचे को कमजोर करना शामिल है.
2. अलकायदा इन द सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को एक साजिश के तहत युवाओं को भड़काने के लिए इस्तेमाल कर रहा है. कश्मीर को जिहाद का मुख्य केंद्र बनाने की साजिश कर रहा है.एक्यूआईएस युद्ध को एक प्रचार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, ताकि जम्मू-कश्मीर में युवाओं की भर्ती बढ़ाई जा सके. एक्यूआईएस ने कई देशों के नाम लिए हैं, जिन्हें वह इस्लाम का विरोधी मानता है.भारत, अमेरिका, इजरायल, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों को इस्लाम का साझा दुश्मन बताते हुए एक्यूआईएस ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से एकजुट होने की अपील की है. आतंकी संगठन का कहना है कि कश्मीर को जिहाद का मुख्य केंद्र (थियेटर) बनाया जाना चाहिए.
3. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की. इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष पर चर्चा हुई. ट्रंप ने कहा, 'पुतिन ने बढ़ते संकट में रचनात्मक भूमिका निभाने की ओर संकेत दिया. वह मददगार बनना चाहते हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार (10 मार्च) को ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन से बातचीत की और फौरन तनाव कम करने का अनुरोध किया. रूसी न्यूज एजेंसी TASS ने क्रेमलिन के हवाले से बताया, 'राष्ट्रपति पुतिन ने पेजेश्कियन से फोन पर बात की. इस दौरान पुतिन ने जंग को जल्द से जल्द कम करने और राजनीतिक माध्यमों से इसका समाधान करने के पक्ष में अपने सैद्धांतिक रुख की पुष्टि की.'
4. पश्चिम एशिया संकट के चलते ईरान को निर्यात किया जाने वाला करीब 345 करोड़ रुपये का माल कांडला और मुंद्रा बंदरगाहों पर पड़ा हुआ है. लोकसभा में 10 मार्च को एक लिखित उत्तर में वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि युद्ध के संकट के कारण शिपिंग और बंदरगाह परिचालन बाधित हुआ है, जिससे माल की आवाजाही प्रभावित हो रही है. ईरान को एक मार्च तक निर्यात किया जाने वाला 35,962 टन चावल, चाय और दवाओं की खेप कांडला बंदरगाह पर अटकी रही, जिसका 'फ्री ऑन बोर्ड' (एफओबी) मूल्य 305.67 करोड़ रुपये है. एफओबी में माल और बंदरगाह से जहाज पर लादने तक का खर्च शामिल होता है.
5. पुतिन ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग से वैश्विक तेल और गैस प्रवाह में गंभीर रूप से बाधा उत्पन्न होने का खतरा है. खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने से खतरा और बढ़ गया क्योंकि ये एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति को संभालने के लिए वाशिंगटन रूसी हाइड्रोकार्बन पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटा सकता है, क्योंकि अमेरिका और यूरोप में उपभोक्ता पहले से ही इसकी मार झेल रहे हैं. वाशिंगटन की ओर से भारत को रूसी समुद्री मार्ग से तेल खरीदने के लिए दी गई 30 दिन की छूट का हवाला देते हुए, प्रमुख समाचार पत्र ‘कोमर्सेंट डेली’ ने मंगलवार को कहा कि भारत रूस से अपने तेल की खरीद को दोगुना कर सकता है.
6. अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा, 'देखते हैं कि ईरानी बातचीत करना चाहते हैं या नहीं. अगर वे बातचीत करने को तैयार होते हैं तो मुझे यकीन है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसके लिए तैयार होंगे.' इजराइल ने ईरान के साथ युद्ध को देखते हुए अपने रक्षा बजट में लगभग 13 अरब डॉलर की बढ़ोतरी की है.
7. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के अपने समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बात की. पश्चिम एशिया में संकट के मद्देनजर तेल आपूर्ति में व्यवधान को लेकर वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंताओं के बीच दोनों विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई. ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरे समुद्री परिवहन मार्ग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है. जयशंकर ने अराघची को ईरान और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया.
8. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि कोई भी हमारी गौरवशाली गौरवशाली नाम को मिटाने में कभी सफल नहीं हो पाया है. न्होंने कहा कि जो लोग ईरान के खत्म करने का भ्रम पाले बैठे हैं, उन्हें शायद इतिहास नहीं पता है. उन्होंने कहा, 'ईरान की सभ्यता 6000 साल पुरानी है. कोई भी हमें मिटाने में सफल नहीं हो पाया. हमलावर आते रहे और जाते रहे, लेकिन ईरान हमेशा से कायम रहा है.'
9. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल ईरानियों को तानाशाही शासन से मुक्ति दिलाने में मदद कर सकता है, लेकिन देश में कोई भी राजनीतिक परिवर्तन अंततः वहां की जनता पर निर्भर करेगा. नेतन्याहू ने कहा, ‘हमारी आकांक्षा ईरानी जनता को तानाशाही शासन से मुक्ति दिलाना है; अंततः यह उसी पर निर्भर है. लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि अब तक की गई कार्रवाइयों के माध्यम से हम उनकी हड्डियां तोड़ रहे हैं और हम अब भी अभियान जारी रखे हुए हैं.’ उन्होंने कहा कि अगर इजराइल ईरानी लोगों के साथ मिलकर सफल होता है, तो वह स्थायी बदलाव ला सकता है.
10. दुनिया भर में एनर्जी संकट पैदा होन की संभावना को लेकर भारत अलर्ट है. इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में पीएम ने कहा, 'तेल की कीमतें स्थिर हैं, ये जनता को बताएं. लोगों को भरोसा दिलाएं कि भारत के पास पर्याप्त स्टाक है.'
Source: IOCL


























