कैसे सेफ कर सकते हैं आप अपना Aadhaar? कितना भी जोर लगा ले स्कैमर, नहीं कर पाएगा फ्रॉड
Aadhaar Safety Tips: आधार से जुड़े फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं. ऐसे में कुछ आसान सावधानियां अपनाकर आप अपनी पहचान और डेटा को सेफ रख सकते हैं. जानिए तरीके जिनसे बच जाएंगे स्कैमर्स से.

Aadhaar Safety Tips: आज के डिजिटल दौर में पहचान से जुड़े दस्तावेज पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गए हैं. बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, सिम कार्ड से लेकर कई ऑनलाइन सर्विस तक लगभग हर जगह आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि साइबर ठग भी अब आधार से जुड़े डेटा को निशाना बनाने लगे हैं. कई बार लोग अनजाने में छोटी सी गलती कर बैठते हैं और उनकी पर्सनल जानकारी गलत हाथों में पहुंच जाती है.
इसके बाद फ्रॉड और बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे खतरे बढ़ जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि आधार से जुड़ी जानकारी को संभालकर रखा जाए और कुछ सावधानियां अपनाई जाएं. अगर आप भी चाहते हैं कि आपका आधार डेटा सिक्योर रहे और स्कैमर्स को कोई मौका न मिले. तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जान लीजिए काम की बातें.
मास्क्ड आधार यूज करें
अगर आपको कहीं पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाना पड़ता है. तो पूरी जानकारी शेयर करने के बजाय मास्क्ड आधार का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है. यह सुविधा UIDAI की तरफ से दी जाती है और इसमें आधार नंबर के पहले आठ अंक छिपे रहते हैं. जबकि सिर्फ आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं. इससे आपकी पहचान भी वेरिफाई हो जाती है और पूरी जानकारी भी पब्लिक नहीं होती.
खासकर होटल, टिकट बुकिंग या नार्मल वेरिफिकेशन के दौरान मास्क्ड आधार ज्यादा सेफ ऑप्शन माना जाता है. इससे आपकी प्राइवेसी सिक्योर रहती है और कोई भी व्यक्ति आपके पूरे आधार नंबर का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाता. इसे UIDAI की वेबसाइट से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है और यह वैलिड पहचान पत्र की तरह असेप्ट किया जाता है.
ऑनलाइन कहीं भी आधार डिटेल्स शेयर करने से बचें
कई लोग बिना सोचे समझे अपने आधार कार्ड की फोटो या उसकी जानकारी सोशल मीडिया, ई-मेल या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर शेयर कर देते हैं. यही लापरवाही बाद में बड़ी समस्या बन सकती है. साइबर अपराधी ऐसी जानकारी का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट खोल सकते हैं या पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी कर सकते हैं. इसलिए कोशिश करें कि आधार कार्ड की फोटो या उसकी डिटेल्स किसी भी पब्लिक प्लेटफॉर्म पर अपलोड न करें.
अगर किसी संस्था को आधार की कॉपी देनी ही पड़े. तो पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांच लें. अनजान वेबसाइट या संदिग्ध लिंक पर कभी भी अपनी निजी जानकारी दर्ज न करें. थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती है.
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OTP किसी के साथ शेयर न करें
साइबर फ्रॉड का एक आम तरीका यह भी है कि ठग फोन या मैसेज के जरिए खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से OTP मांगते हैं. कई लोग भरोसा कर लेते हैं और OTP बता देते हैं. जिसके बाद अपराधी उनके डेटा का गलत इस्तेमाल कर लेते हैं. यह समझना जरूरी है कि कोई भी असली बैंक, सरकारी विभाग या आधिकारिक संस्था कभी भी फोन, मैसेज या ई-मेल के जरिए OTP नहीं मांगती. OTP पूरी तरह प्राइवेट सेफ्टी कोड होता है और इसे किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति इस तरह की जानकारी मांगता है. तो तुरंत सतर्क हो जाएं और कॉल या मैसेज को नजरअंदाज करें.
बायोमेट्रिक लॉक करना भी है जरूरी
आधार से जुड़ी सबसे संवेदनशील जानकारी में बायोमेट्रिक डेटा शामिल होता है. जैसे फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन. अगर यह जानकारी गलत हाथों में पहुंच जाए. तो इसका दुरुपयोग होने की आशंका बढ़ सकती है. इससे बचने के लिए UIDAI बायोमेट्रिक लॉक की सुविधा देता है. इस फीचर को एक्टिव करने के बाद आपकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति आपके बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल नहीं कर सकता.
जरूरत पड़ने पर इसे टेंपररी तौर पर अनलॉक भी किया जा सकता है. यह छोटा सा कदम आपकी पहचान और निजी जानकारी को काफी हद तक सिक्योर रखने में मदद करता है और आधार से जुड़े होेने वाले फ्रॉड के रिस्क को बिल्कुल कम कर देता है.
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Source: IOCL
























