इस चीज के बिना रुक सकती है सिलेंडर की डिलीवरी, LPG संकट के बीच सरकार ने बदला नियम
केंद्र सरकार ने एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए निर्देश जारी किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि सभी घरेलू गैस कनेक्शन धारकों को अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा.

देश में रसोई गैस को लेकर इन दिनों हर दिन अलग-अलग चर्चाएं हो रही है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण भारत में एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है. इस बीच केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक जरूरी निर्देश जारी किया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि सभी घरेलू गैस कनेक्शन धारकों को अपनी बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होगा. अगर उपभोक्ता यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं करते हैं तो फ्यूचर में गैस सिलेंडर की डिलीवरी या सब्सिडी से जुड़ी सेवाओं में दिक्कत आ सकती है.
सरकार का कहना है कि यह कदम गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि एलपीजी कनेक्शन का उपयोग केवल सही उपभोक्ता को ही मिले. वहीं आधार आधारित वेरिफिकेशन से डुप्लीकेट या फर्जी कनेक्शन की पहचान करना आसान हो जाएगा और सब्सिडी का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा.
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घर बैठे कैसे कर सकते हैं ई-केवाईसी?
मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है और इसे करने के लिए गैस एजेंसी जाने की जरूरत भी नहीं है. उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले उपभोक्ताओं को अपनी गैस कंपनी का मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा. भारत में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति मुख्य रूप से इंडेन गैस, भारत गैस और एचपी गैस जैसी सरकारी तेल कंपनियों की ओर से की जाती है. ऐप में लॉगिन करने के बाद ई-केवाईसी का ऑप्शन चुनकर आधार आधारित वेरिफिकेशन करना होगा. इसके अलावा उपभोक्ताओं को आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा. जिसके जरिए फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरे की पहचान के माध्यम से बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाता है. ऐप में दिए गए निर्देशों के अनुसार चेहरा स्कैन करने के बाद कुछ ही मिनट में ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाती है.
मोबाइल ऐप में परेशानी हो तो कहां से लें मदद?
अगर किसी उपभोक्ता को मोबाइल ऐप के जरिए ई-केवाईसी में परेशानी आती है तो, वह अपने नजदीकी गैस वितरक से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा सरकार ने शिकायत और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 18002333555 जारी किया है, जहां उपभोक्ता अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं.
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नियम अलग
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी को लेकर नियम और सख्त हो गए हैं. उन्हें वित्तीय वर्ष के पहले रिफिल से पहले बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करना अनिवार्य होगा. अगर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो उनकी गैस सब्सिडी रोकी जा सकती है और सिलेंडर मिलने में भी परेशानी हो सकती है. हालांकि साल में एक बार ई-केवाईसी करने के बाद उसी वित्तीय वर्ष में दोबारा इसकी जरूरत नहीं पड़ती है.
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Source: IOCL



























