Pet Parenting का नया ट्रेंड 'DINKWAD' : बेंगलुरु कपल अपने डॉग पर हर महीने खर्च करता है 15 हजार
अब कई युवा कपल्स एक अलग रास्ता चुन रहे हैं. वे बच्चे न रखने का फैसला करते हैं और अपनी इनकम, समय और प्यार का बड़ा हिस्सा अपने पालतू जानवरों खासतौर पर कुत्तों पर खर्च करते हैं.

आजकल शहरों में रहने वाले लोगों की पसंद और जरूरतें तेजी से बदल रही हैं. जहां पहले शादी के बाद बच्चों की जिम्मेदारी को जीवन का अहम हिस्सा माना जाता था, वहीं अब कई युवा कपल्स एक अलग रास्ता चुन रहे हैं. वे बच्चे न रखने का फैसला करते हैं और अपनी इनकम, समय और प्यार का बड़ा हिस्सा अपने पालतू जानवरों खासतौर पर कुत्तों पर खर्च करते हैं. इसी बदलती सोच को एक नया नाम DINKWAD, यानी Double Income, No Kids, With A Dog मिला है. हाल ही में बेंगलुरु के एक कपल की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसने इस ट्रेंड को चर्चा का विषय बना दिया.
बेंगलुरु कपल की वायरल कहानी
बेंगलुरु के एक कपल ने अपने पालतू कुत्ते पर हर महीने करीब 12,000 से 15,000 खर्च करने की बात बताई, यह खर्च कई बार उनके खुद के खाने-पीने के बजट से भी ज्यादा होता है. उनके खर्च में प्रीमियम डॉग फूड, हेल्थ सप्लीमेंट्स, ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स, नियमित वेट (डॉक्टर) विजिट, खिलौने और ट्रीट्स शामिल हैं. यहां तक कि उनके घर के फ्रिज में कुत्ते के लिए एक अलग शेल्फ है, जिसमें पहले से तैयार और मापे हुए ऑर्गेनिक खाने के पैकेट रखे जाते हैं.
क्या है DINKWAD ट्रेंड?
DINKWAD ऐसे कपल्स को कहा जाता है जिनकी दोनों की कमाई होती है, जो बच्चे नहीं रखते और एक (या ज्यादा) पालतू जानवर पालते हैं. ये कपल्स अपने पालतू को सिर्फ जानवर नहीं बल्कि परिवार का सदस्य या फर-बेबी मानते हैं.
क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?
1. बदलती लाइफस्टाइल - शहरों में रहने वाले युवा अब ज्यादा स्वतंत्र फैसले ले रहे हैं. वे पारंपरिक लाइफस्टाइल से हटकर अपनी पसंद का जीवन जीना चाहते हैं.
2. बच्चों की जिम्मेदारी से दूरी - बच्चों की पढ़ाई, हेल्थ और परवरिश का खर्च काफी ज्यादा होता है. कई कपल्स इससे बचकर आसान और कम जिम्मेदारी वाला ऑप्शन चुनते हैं.
3. ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम - जब बच्चों का खर्च नहीं होता, तो कपल्स के पास अतिरिक्त पैसा होता है जिसे वे ट्रैवल, शौक और पालतू जानवरों पर खर्च करते हैं.
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इस ट्रेंड का असर कितना ज्यादा?
आज के समय में पालतू जानवर लोगों के लिए सिर्फ साथी नहीं बल्कि इमोशनल सपोर्ट भी बन गए हैं. लोग अपने लिए चीज खरीदते समय कीमत देखते हैं, लेकिन जब बात पालतू की आती है तो वे क्वालिटी और भरोसे को ज्यादा महत्व देते हैं. इस ट्रेंड का असर बिजनेस पर भी साफ दिखाई दे रहा है. पेट केयर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. कई स्टार्टअप्स इसमें निवेश पा रहे हैं.प्रीमियम प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ रही है. कंपनियां अब ऐसे ग्राहकों को टारगेट कर रही हैं जो बिना छूट या ऑफर के भी अच्छी क्वालिटी के लिए पैसा खर्च करने को तैयार हैं.
वायरल पोस्ट पर कमेंट्स
इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. किसी ने इसे सही ठहराया, तो कुछ लोग हैरान भी रह गए. कई यूजर्स ने कपल के फैसले को सही बताया. उनका कहना था कि अगर पैसे हैं, तो अपने पालतू पर खर्च करना गलत नहीं है. किसी ने कहा कि डॉग भी परिवार का हिस्सा होता है, उसकी अच्छी देखभाल जरूरी है. वहीं एक यूजर ने लिखा कि आजकल पालतू जानवर बच्चों जैसे ही होते हैं.
कुछ लोगों ने इस पर सवाल भी उठाए और क्या एक कुत्ते पर इतना खर्च करना जरूरी है, इतने पैसे में एक इंसान का महीना निकल सकता है. वहीं कुछ ने कहा कि यह जरूरत से ज्यादा दिखावा लगता है. कुछ यूजर्स ने हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक भी किया और लिखा मुझे भी ऐसे घर में पालतू बनना है. एक यूजर ने कमेंट किया कुत्ते की लाइफ तो हमसे बेहतर है.
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