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भारतीय मूल के एग्जिक्यूटिव की दोस्ती ने अमेरिका की कंपनी को डुबो दिया, देखें वायरल पोस्ट
इसमें गुप्ता ने अपने बचपन के दोस्त को नौकरी पर रखा, जबकि वह दोस्त अयोग्य था, और फिर दोस्त ने काम किए बिना अपनी तनख्वाह का आधा हिस्सा गुप्ता को रिश्वत के रूप में लौटा दिया.
अमेरिका में एक भारतीय मूल के वरिष्ठ अधिकारी, करण गुप्ता (47), को अपने नियोक्ता ऑप्टम (Optum), जो यूनाइटेड हेल्थ ग्रुप (UnitedHealth Group) की सहायक कंपनी है, को 12 लाख डॉलर (लगभग 11 करोड़ रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी करने के लिए दोषी ठहराया गया. मामला बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि इसमें गुप्ता ने अपने बचपन के दोस्त को नौकरी पर रखा, जबकि वह दोस्त अयोग्य था, और फिर दोस्त ने काम किए बिना अपनी तनख्वाह का आधा हिस्सा गुप्ता को रिश्वत के रूप में लौटा दिया. यह मामला अमेरिका में कंपनियों में भ्रष्टाचार और घोटालों के प्रति सतर्कता की जरूरत को दिखाता है.
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करण गुप्ता ने 2015 में ऑप्टम में डेटा इंजीनियरिंग के एक मैनेजमेंट पद के लिए अपने बचपन के दोस्त को भर्ती करने की मंजूरी दी. इस पद के लिए दोस्त ने गुप्ता द्वारा बनाई गई फर्जी रिज्यूमे का इस्तेमाल किया और नौकरी पा ली.
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जॉब मिलने के बाद, दोस्त गुप्ता का सीधा अधीनस्थ बन गया. अधिकारियों के मुताबिक, करीब चार साल तक उसने कंपनी के लिए कोई काम नहीं किया, कोई ईमेल नहीं भेजा, किसी से नहीं मिला और अपने कंप्यूटर में भी नियमित लॉग इन नहीं किया.
Published at : 20 Feb 2026 08:30 AM (IST)
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