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बकरियां चरा रहे चाचा के सामने अचानक आई शेरनी, फिर जो हुआ वायरल हो गया

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुजुर्ग चाचा अपनी बकरियों के झुंड को जंगल के पक्के रास्ते से चराकर ले जा रहे हैं. तभी सड़क के किनारे झाड़ियों के पास एक बड़ी और खूंखार शेरनी बैठी हुई दिखाई देती है.

सोशल मीडिया की दुनिया में अगर आप सोचते हैं कि जंगल का राजा या रानी केवल अपनी मर्जी चलाती है, तो यह वीडियो आपका भ्रम तोड़ देगा. इंटरनेट पर एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला लेकिन मजेदार वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग चरवाहा अपने स्वैग और गजब के कॉन्फिडेंस से जंगल की सबसे खूंखार शिकारियों में से एक 'शेरनी' की हेकड़ी निकालते नजर आ रहे हैं.

रास्ते में घात लगाकर बैठी थी खूंखार शेरनी

वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बुजुर्ग चाचा अपनी बकरियों के झुंड को जंगल के पक्के रास्ते से चराकर ले जा रहे हैं. तभी सड़क के किनारे झाड़ियों के पास एक बड़ी और खूंखार शेरनी बैठी हुई दिखाई देती है. शेरनी लगातार बकरियों के झुंड और चाचा पर अपनी नजर गड़ाए हुए थी. आमतौर पर ऐसे आमने-सामने के मोमेंट में कोई भी इंसान डर के मारे कांप उठे या बकरियों को छोड़कर भाग खड़ा हो.

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चाचा का 'अल्फा एटीट्यूड' और आंखों ही आंखों में टक्कर

लेकिन हमारे चरवाहे चाचा कुछ अलग ही मिट्टी के बने निकले. उनके हाथ में सिर्फ एक साधारण सा लकड़ी का डंडा था. जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि रास्ते में शेरनी बैठी है, वे बिल्कुल भी नहीं घबराए. चाचा ने न अपनी रफ्तार धीमी की और न ही पीछे हटे, बल्कि उन्होंने सीधे शेरनी की आंखों में आंखें डालकर देखना शुरू कर दिया. उनका एटीट्यूड ऐसा था मानो जंगल के असली राजा वही हों.

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उल्टे पांव भागी जंगल की रानी, यूजर्स बोले- 'चाचा तो असली गीगाचैड निकले.'

जैसे ही शेरनी ने थोड़ा आगे बढ़ने या हरकत करने की कोशिश की, चाचा तुरंत पलटकर उसे ऐसे घूरने लगे जैसे कह रहे हों."आगे बढ़ने की सोचना भी मत." चाचा का यह बेखौफ रूप देखकर खूंखार शेरनी का सारा शिकार करने का भूत उतर गया. वह चाचा के इस गजब के आत्मविश्वास और स्वैग के आगे पस्त हो गई और चुपचाप दबे पाँव सड़क से हटकर झाड़ियों में गायब हो गई.

सोशल मीडिया पर यह वीडियो आग की तरह फैल रहा है. यूजर्स चाचा के इस निडर अंदाज पर तरह-तरह के फनी और मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "लगता है शेरनी को पता नहीं था कि चाचा इलाके के पुराने डॉन हैं." वहीं दूसरे ने लिखा, "डर को भी चाचा से डर लग गया, इसे कहते हैं 100% प्योर कॉन्फिडेंस."

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शेख इंजमाम उल हक

हजरत शेख इंजमाम को पत्रकारिता में 2 साल से ज्यादा का अनुभव है. भारत की शाही संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के गवाह राजस्थान से उनका संबंध है. भारत की शिक्षा नगरी के तौर पर मशहूर कोटा उनकी कर्मभूमि है, जहां हर साल हजारों युवक बड़े-बड़े सपने लेकर, आईआईटी–जेईई और नीट की तैयारी के लिए इस शहर को अपना बसेरा बनाते हैं, लेकिन इंजमाम को इस शहर का ये माहौल रास नहीं आया और उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर बनने के बजाए पत्रकार बनने का फैसला किया. हालांकि, कोटा से 72 किमी दूर एक छोटे से गांव सीसवाली में जन्म लेने वाले इंजमाम ने इंटरमीडियट तक की पढ़ाई इसी शहर से की.

बचपन से हिंदी में रुचि और लगाव उन्हें पत्रकारिता के लिए दिल्ली खींच लाया. जहां उन्होंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री ली. उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी साहित्य में MA और एम.फिल. की डिग्री भी हासिल की.

इंडिया न्यूज़ और विकिपीडिया के लिए कार्य करने के बाद इंजमाम एबीपी लाइव से बतौर ट्रेनी जुड़े और अब प्रमोट होकर बतौर कॉपी एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

शेख इंजमाम का हिंदी और उर्दू से खासा लगाव है और दोनों भाषाओं में शौकिया शायरी भी करते हैं. उन्होंने कई कविताएं रची हैं और अनेक साहित्यिक लेखों का सृजन किया है. साहित्य की एक अन्य विधा व्यंग्य भी उनका पसंदीदा विषय है.

ट्रेंडिंग और राजनीति उनकी पसंदीदा बीट है. राजनीतिक खबरों पर पैनी नजर की वजह से वो रोजाना के ट्रेंड और सोशल मीडिया पर पनपने वाले विचारों की बखूबी समझ रखते हैं.

शेख इंजमाम को घूमना पसंद है और उन्होंने भारत के कई शहरों और देहात का सफर किया है और वहां के रीति रिवाज, रहन सहन और सामाजिक ताने बाने को खूब समझते हैं.

इंजमाम को फिल्में देखने और गाने सुनने का भी शौक है. अमरीश पुरी और सलमान खान को वह अपने पसंदीदा अभिनेताओं में शुमार करते हैं. सूफी और क्लासिकल म्यूजिक भी उन्हें रुहानी सुकून देता है. उन्हें फिल्मी अभिनेताओं, कलाकारों और नेताओं के इंटरव्यू देखने का भी शौक है.

भाषा पर मजबूत पकड़ और लेखन की विभिन्न शैली में गहरी समझ रखने की वजह से वो खूबसूरत अंदाज़ में बड़ी आसानी से खबरों को पेश करने में सफल रहते हैं.

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