iPhone Boxes को ओपन करना इतना मुश्किल क्यों है? सिर्फ डिजाइन ही नहीं, फीलिंग का भी है मामला
Why iPhone Boxes Are Hard To Open: नए आईफोन का बॉक्स ओपन करना थोड़ा मुश्किल होता है और इसमें समय भी लगता है. ऐप्पल ने खास रणनीति के तहत इस तरह के बॉक्स बनाए हैं.

- आईफोन बॉक्स खोलना जानबूझकर मुश्किल बनाया गया है।
- कंपनी चाहती है कि अनबॉक्सिंग से पहले एक्साइटमेंट बढ़े।
- यह प्रीमियम अनुभव के लिए एक खास रणनीति है।
- जॉनी आईव ने इसे 'थिएटर' जैसा बताया है।
Why iPhone Boxes Are Hard To Open: नया आईफोन खरीदने के बाद लोग उसे तुरंत देखना चाहते हैं, लेकिन आईफोन की पैकेजिंग ऐसा नहीं करने देती. जिन लोगों ने नए आईफोन खरीदे हैं, सबका एक्सपीरियंस यही रहा है कि इसके बॉक्स को ओपन करना थोड़ा मुश्किल है. यह आसानी से और अचानक ओपन नहीं होता. आईफोन बॉक्स को ओपन होने में थोड़ा समय लगता है और ऐप्पल यही चाहती है. इस तरह की पैकेजिंग के पीछे कंपनी की खास रणनीति है और स्टीव जॉब्स से लेकर कई दूसरे बड़े अधिकारी इस बारे में बात कर चुके हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आईफोन बॉक्स को ओपन करना थोड़ा मुश्किल क्यों होता है और इसमें टाइम क्यों लगता है.
खास होती है आईफोन की पैकिंग
नया आईफोन खरीदने के बाद इसे अनबॉक्स करने में थोड़ा समय लगता है. बॉक्स की सील उतारने के बाद अगर आपको लगता है कि अगले ही पल आप आईफोन को देख पाएंगे तो ऐसा नहीं होने वाला. बॉक्स की लिड एकदम परफेक्टली फिट होती है. इस वजह से इसे ओपन करने में समय लगता है. अब आपके मन में सवाल उठ सकता है कि एक से एक धाकड़ प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी अनबॉक्सिंग को आसान क्यों नहीं बना देती? इसका जवाब कंपनी की स्ट्रैटजी में छिपा है.
क्यों मुश्किल से ओपन होता है बॉक्स?
ऐप्पल ने जानबूझकर आईफोन की पैकिंग को इस तरह बनाया है और कंपनी के पास इसका पेटेंट भी है. दरअसल, प्रीमियम एक्सपीरियंस के लिए कंपनी चाहती है कि यूजर के मन में थोड़ी एक्साइटमेंट बनी रहे. स्टीव जॉब्स ने एक बार कहा था कि जब आप आईफोन या आईपैड का बॉक्स ओपन करते हैं तो हम चाहते हैं कि वो टेक्टाइल एक्सपीरियंस आपको बता दे कि आप प्रोडक्ट को कैसे देखने वाले हो. जॉब्स ने कहा कि उन्होंने यह मार्केटिंग फिलॉसफी ऐप्पल के पहले इन्वेस्टर और चेयरमैन Mike Markkula से सीखी थी.
स्पेशल फील कराने पर है पैकिंग का पूरा जोर
स्टीव जॉब्स के साथ मिलकर पैकेजिंग डिजाइनिंग पर काम सालों काम करने वाले ऐप्पल के पूर्व डिजाइनर Jony Ive भी पैकेजिंग के पीछे यही राज बताते हैं. उन्होंने कहा कि प्रोडक्ट से स्पेशल फील करवाने के लिए इस तरह की अनपैकिंग को चुना गया है. पैकेजिंग एक पूरा थिएटर है. यह यह कहानी गढ़ सकती है. एक और डिजाइन एक्सपर्ट का कहना है कि आईफोन को अनपैक करने में समय लगता है, जिससे सस्पेंस क्रिएट होता है. यह टाइम हमें बताता है कि हमें स्लो और शांत होने की जरूरत है.
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Source: IOCL


























