Solar Rooftop vs Solar Panels: दोनों में कितना अंतर और क्या हैं फायदे-नुकसान? यहां जानें सारी बातें
Solar Rooftop Vs Solar Panels: सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने से पहले इसके दोनों ऑप्शन पर नजर डाल लेनी चाहिए. आप पैनल की जगह जरूरत के हिसाब से सोलर टाइल्स भी चुन सकते हैं.

- सोलर टाइल्स फोटोवोल्टिक सेल वाली सुंदर छत टाइल्स हैं।
- ये टाइल्स इमारत की सुंदरता बढ़ाती हैं, अतिरिक्त जगह नहीं लेतीं।
- सोलर पैनल अधिक कुशल, स्थापित करने में सस्ते होते हैं।
- पैनलों को जगह चाहिए, दिखने में कम आकर्षक हो सकते हैं।
Solar Rooftop Vs Solar Panels: पिछले कुछ सालों से सोलर एनर्जी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है और यही वजह है कि अब गांव हो या शहर, हर जगह सोलर पैनल नजर आने लगे हैं. घरों के साथ-साथ लोग कमर्शियल जरूरतों के लिए भी सोलर पावर यूज कर रहे हैं. अगर आप भी सोलर एनर्जी सिस्टम लगवाने की सोच रहे हैं तो इसके लिए बाजार में दो तरह के ऑप्शन मौजूद हैं. आप सोलर पैनल के अलावा सोलर रूफ टाइल्स को भी सेलेक्ट कर सकते हैं. आज हम आपको इन दोनों के बीच के अंतर और फायदे-नुकसान के बारे में बताएंगे.
सोलर रूफ टाइल्स क्या होती हैं?
इन्हें सोलर टाइल्स भी कहा जाता है. ये छत पर लगाने में यूज होने वाली टाइल्स होती हैं, जिनमें फोटोवॉल्टिक (PV) सेल्स लगी होती हैं. सोलर पैनल की तरह ही सनलाइट से ही पावर जनरेट करती हैं. सोलर टाइल्स को फर्श में ही लगा दिया जाता है. इससे फर्श की सुंदरता भी बढ़ती है और इसके लिए पैनल की तरह अलग से स्पेस की जरूरत नहीं पड़ती. यानी ये टाइल्स आपकी बिल्डिंग को प्रोटेक्ट करने के साथ-साथ सोलर पावर भी प्रोड्यूस करेंगी.
फायदे
- ये फर्श के डिजाइन में ही इंटीग्रेट हो जाती है, जिससे फर्श की सुंदरता बढ़ती है.
- इनमें यूज होने वाला मैटेरियल काफी ड्यूरेबल होता है, जिससे ये सालों-साल चलती हैं.
- इन्हें यूज करने के लिए पैनल की तरह अतिरिक्त स्पेस नहीं चाहिए. ये कम स्पेस वाले घरों पर खूब काम आ सकती हैं.
नुकसान
- इनकी अपफ्रंट कॉस्ट पैनल से ज्यादा है. यानी इन्हें लगाने के लिए पैनल से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा.
- पुराने घरों पर इन्हें लगाना थोड़ा मुश्किल होता है और इनके इंस्टॉलेशन में टाइम भी ज्यादा लगता है.
- इनकी एफिशिएंसी सोलर पैनल के मुकाबले काफी कम है.
सोलर पैनल
सोलर पैनल सोलर एनर्जी टेक्नोलॉजी की सबसे कॉमन फॉर्म है. ये इंडिविजुअल सोलर सेल्स से बने होते हैं, जो सनलाइट को बिजली में बदल देते हैं. इन्हें छत या स्टैंड लगाकर माउंट किया जाता है. इन्हें अलग-अलग साइज और कॉन्फिगरेशन में खरीदा जा सकता है. इन्हें किसी भी तरह की छत पर लगाया जा सकता है. मार्केट में इनके बहुत ऑप्शन है और ज्यादा एक्सेसिबल हैं.
फायदे
- सोलर पैनल सालों से यूज हो रहे हैं. इस तरह यह एक प्रूवन टेक्नोलॉजी है और अलग-अलग कीमत पर इसके कई तरह के ऑप्शन अवेलेबल हैं.
- सोलर पैनल की एफिशिएंसी ज्यादा होती है. इस कारण घरों से लेकर बिजनेसेस तक की एनर्जी नीड्स के लिए इन्हें यूज किया जा रहा है.
- इसे इंस्टॉल करने की लागत कम है और इसमें समय भी कम लगता है.
नुकसान
- इन्हें छत के ऊपर लगाना पड़ता है और ये दूर से नजर आते हैं. इससे बिल्डिंग का एस्थेटिक खराब हो सकता है.
- सोलर पैनल माउंट करने के लिए स्ट्रक्चर बनानी पड़ती है, जिसके लिए काफी स्पेस चाहिए.
- इन्हें समय-समय पर सफाई और मैंटेनेंस की जरूरत पड़ती है.
ये भी पढ़ें-
Gmail में आए बग ने खड़ी कर दी मुसीबत, ईमेल नहीं पढ़ पा रहे हैं लोग
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























