Railway Fire Incident: ट्रेन में आग से आ रही 'साजिश की बू', राजस्थान के अमरपुरा से हावड़ा तक चार बड़ी घटनाओं से अलर्ट सरकार
Railway Fire Incident: रेलवे ने ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं में तोड़फोड़ की आशंका जताई है. इसको लेकर अमरपुरा, कोटा, सासाराम और हावड़ा मामलों की जांच जारी है.

Railway Fire Incident: इंडियन रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों में आग लगने की कई घटनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है. रेलवे का कहना है कि इन मामलों में सिर्फ तकनीकी खराबी ही नहीं, बल्कि कई जगहों पर जानबूझकर तोड़फोड़ किए जाने के संकेत मिले हैं. रेलवे ने साफ कहा कि कुछ घटनाओं में असामाजिक तत्वों की भूमिका सामने आई है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर मामले की गंभीर जांच की जा रही है.
रेलवे ने राजस्थान के अमरपुरा और कोटा, बिहार के सासाराम और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई चार बड़ी घटनाओं का जिक्र किया. रेलवे के मुताबिक इन सभी मामलों की जांच रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यानी RPF कर रही है.
अमरपुरा में हुई घटना में किसी ने ट्रेन के लिनन यानी बिस्तर के सामान में आग लगाने की कोशिश की थी. वहीं हावड़ा मामले में एक कोच के बाथरूम से पेट्रोल में भीगा हुआ कपड़ा मिला था, जिससे जानबूझकर आग लगाने की आशंका बढ़ गई है. कोटा में राजधानी एक्सप्रेस के बाथरूम से आग की लपटें निकलती देखी गई थीं. वहीं बिहार के सासाराम में एक खाली कोच के अंदर किसी अज्ञात व्यक्ति ने जलती हुई चीज फेंक दी थी. यह घटना सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन से जुड़ी थी. शुरुआत में माना गया था कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, लेकिन बाद में दूसरे पहलुओं की भी जांच शुरू की गई.
सासाराम स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में लगी आग
रेलवे ने बताया कि सासाराम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर खड़ी ट्रेन के कोच में आग लगी थी. इसके बाद रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान सतर्क रहें और अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचना दें. रेलवे का यह बयान उस बड़ी घटना के कुछ दिन बाद आया है जिसमें मध्य प्रदेश के रतलाम में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस के एक एसी कोच में भीषण आग लग गई थी. यह आग सुबह करीब 5 बजकर 15 मिनट पर B-1 कोच में लगी थी. उस समय कोच में 68 यात्री मौजूद थे.
ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा
अधिकारियों के मुताबिक यह घटना विक्रमगढ़ आलोट और लूनी रिछा स्टेशनों के बीच हुई. घटना के वीडियो में कोच से काला धुआं निकलता दिखाई दिया था. आग इतनी तेज थी कि रेलवे ट्रैक के पास मौजूद कुछ पेड़ों तक फैल गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं मिली. लेकिन इस घटना की वजह से रेल यातायात प्रभावित हुआ और करीब 18 ट्रेनों के समय पर असर पड़ा. कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा. रेलवे ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही या तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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